हिंदू राष्ट्रकी स्थापनाके लिए इस प्रकारके प्रत्यक्ष कृत्य करनेवाले कृतिशील धर्माभिमानी ही हिंदू धर्मकी शक्ति हैं । आईए हिंदू विश्व बनानेका ध्येय सामने रखें |
मुसलमान और ईसाइ दोनों धर्मियोंके लिए मस्जिद एवं चर्च केंद्रबिंदू हैं । हिंदुओंको मार्गदर्शन करनेके लिए ‘हिंदू भवन’की संकल्पना कृतिमें लाना आवश्यक है |
अखिल भारतीय हिंदू अधिवेशनकेअगले दिनके अंतिम सत्रमें ‘गोरक्षा’ विषयपर गुटचर्चाका आयोजन किया गया था । इस समस्यापर मात करना परिणामकारक हिंदूसंगठनद्वारा ही संभव होगा ।
समितिद्वारा अखिल भारतीय हिंदू अधिवेशन आयोजित करके हिंदू राष्ट्रकी स्थापनाका शुभारंभ हुआ है, ऐसा मत राष्ट्रीय प्रवचनकार डॉ. सच्चिदानंद शेवडेने यहां व्यक्त किया ।
हिंदू जनजागृति समितिने कश्मीरी हिंदुओं पर हुए अत्याचारोंके छायाचित्र प्रदर्शनीको कई राज्योंमें २६३ स्थानोंपर दिखाया । इससे हुए प्रबोधनके कारण कश्मीरी हिंदुओंका मनोबल बढा ।
‘धार्मिक दंगेविरोधी कानून’, ‘मंदिरोंकी दयनीय स्थिति एवं उसकी रक्षाके उपाय’ और ‘मंदिरोंके सरकारीकरण’ इस विषयपर हुए चर्चासत्रमें धर्माभिमानियोने विचार प्रस्तुत किए |
विश्वभरमें केवल १८ कोटि गायें हैं । उनमेंसे अधिकांश भारतमें हैं । फिर भी भारतमें ‘जर्सी’ नामक विदेशी गायोंकी संख्या बढ रही है ।
कसाई खानेमें लाई जानेवाली गायोंको १० दिनोंतक चारापानी नहीं दिया जाता । अत्यंत दुर्दशा कर उनकी हत्याकी जाती है ।
अधिवेशनके दूसरे दिन भी सभागृहके दार्इं ओरकी भीतपर (दीवारपर) हिंदुओंके पराक्रमी इतिहासका स्मरण करवानेवाले अर्थात क्षात्रतेज जागृत करनेवाले प्रसंगोंका फलक लगाया गया था ।
इस राष्ट्रकी संस्कृति एवं धर्म हिंदू धर्माधारित बननी चाहिए । तब ही हिंदू राजनैतिक, सामाजिक, आर्थिक एवं धार्मिकदृष्टिसे सक्षम बनेंगे ।
