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सप्तम अखिल भारतीय हिन्दू अधिवेशन में आरोग्य सहायता समिति की स्थापना !

समाज के सज्जन एवं समाजसेवी डॉक्टरों को संगठित कर, उनकी इस कार्य में सहायता करने की दृष्टि से भी डॉक्टरों के एक संगठन के रूप…

‘धर्मनिरपेक्षता’ एवं ‘समाजवाद’ इन शब्दों की संवैधानिक व्याख्या करें, ऐसी मांग होनी चाहिए – प्रा. रामेश्‍वर मिश्र

अधिवक्ता अधिवेशन के समापन सत्र में राष्ट्र एवं धर्म रक्षणार्थ अधिवक्ताओं ने व्यक्तिगत स्तर पर किए कार्य के संदर्भ में अपने अनुभव बताए। इसीका वृत्तांत…

‘राष्ट्र एवं धर्मरक्षणार्थ युवकों का संगठन’ इस विषय पर मान्यवरोंद्वारा व्यक्त किए गए विचार

‘सनातन संस्था के साधक एवं हिन्दू जनजागृति समिति के कार्यकर्ताओं का समर्पण भाव सीखने योग्य है ! हर धर्मप्रेमी यदि उनके समान अपने दायित्व का…

परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी में व्याप्त दैवी शक्ति के कारण हिन्दू राष्ट्र स्थापना का लक्ष्य निश्‍चितरूप से पूर्ण होगा ! – कर्नल श्री. अशोक किणी

सनातन के रामनाथी आश्रम आने पर ‘हिन्दू राष्ट्र स्थापना की ओर हो रहा मार्गक्रमण’ सही दिशा में होने की अनुभूति आई !

भाषावाद, प्रांतवाद, जातिवाद एवं राजनीतिक समूहवाद से अलग होकर ‘मैं केवल एक हिन्दू हूं’, इसे ही प्रधानता देकर कार्य करने का निश्‍चय !

आनेवाले समय में भाषावाद, प्रांतवाद, जातिवाद एवं राजनीतिक समूहवाद से अलग होकर ‘मैं केवल एक हिन्दू हूं’, इसे ही प्रधानता देकर इस दिशा में कार्य…

ब्राह्मतेज द्वारा क्षात्रतेज जागृत होने पर भारत सहित विश्‍व में ‘हिन्दू राष्ट्र’ स्थापित होगा ! – स्वामी संवित सोमगिरिजी महाराज, राजस्थान

आज सर्व जगत में हिन्दू संस्कृति की मांग है । संपूर्ण जगत आयुर्वेद की ओर मुड रहा है और हम हैं कि अपनी इस संस्कृति…

देश के बहुसंख्यक हिन्दुआें को संवैधानिक संरक्षण मिलने के लिए हिन्दू संगठनों का अधिवेशन ! – सद्गुरु (डॉ.) चारुदत्त पिंगळे

भारत में बहुसंख्यक समुदाय के शीर्षस्थ नेताआें को एकत्र आने में कानूनन प्रतिबंध है क्या ? इसका उत्तर ‘नहीं’ होते हुए भी प्रश्‍न क्यों निर्माण होते…

#7thHinduAdhiveshan धर्मरक्षा यह सभी का मूलभूत कर्तव्य एवं अधिकार – अधिवक्ता हरि शंकर जैन, अध्यक्ष, हिन्दू फ्रंट फॉर जस्टिस

हिन्दू जागृति के लिए कार्य करना और धर्मरक्षा करना, हिन्दुआें का कर्तव्य है । वह अधिकार भी है; परंतु लालसा के कारण कहें, राजनीति के…

संविधान को ‘धर्मनिरपेक्ष’ बनाना भ्रष्टाचार ही है – अधिवक्ता गोविंद के. भरतन्

भ्रष्टाचार का अर्थ केवल आर्थिक लेन-देन तक सीमित नहीं है, अपितु संविधान को धर्मनिरपेक्ष बनाना भी भ्रष्टाचार ही है । संविधान में घुसेडा गया है…

पूज्यपाद संतश्री आसारामजी बापू का ‘मीडिया ट्रायल’ कर उन्हें झूठा तथा दोषी सिद्ध किया गया ! – साध्वी रेखा बहनजी, पूज्यपाद संतश्री आसारामजी आश्रम

हमारे देश में संतों को प्राचीन काल से ही कलंकित किया जा रहा है; परंतु संतों की संस्कृति दृढ होने के कारण वह आगे बढ…