यदि साधू-संतोंके नेतृत्वमें समाजको दिशा दी गई, तो ही ‘हिंदु राष्ट्र’ की स्थापना हो सकती है ! – प.पू.
संतोंको केवल मठ-मंदिरोंतक संकीर्ण न रहकर राष्ट्र एवं धर्मके लिए मार्गदर्शन एवं निर्भयतासे कार्य करना आवश्यक है । तो ही ‘हिंदु राष्ट्र’ की स्थापना हो…
