माघ पूर्णिमा, कलियुग वर्ष ५११५
सनातनके साधकोंको धर्मकार्य करते देख आनंद होता है !
![]() |
शंकराचार्य गंगाधरेंद्र सरस्वती महास्वामीजीको (बाइं ओर)
समितिके कार्यके विषयमें जानकारी देते हुए श्री. हनमंत कदम (दाइं ओरसे प्रथम)
(छायाचित्रकार : श्री. राहुल कोल्हापुरे, सातारा)
सातारा (महाराष्ट्र) : साताराके श्री उत्तर चिदंबरम् नटराज मंदिरमें आनेपर जगद्गुरु शंकराचार्य श्री सोंदा स्वर्णवल्ली महासंस्थानके पीठाधीश्वर श्री श्रीमद् गंगाधरेंद्र सरस्वती महास्वामीजीने ऐसे गौरवोद्गार व्यक्त किए कि हिंदू जनजागृति समितिका कार्य अत्यंत अच्छा है । इस कार्यको मेरे सदैव आशीर्वाद है । समितिका कार्य समाजके लिए प्रेरणादायी है ।
इस अवसरपर हिंदू जनजागृति समितिके श्री. हनमंत कदम, श्री. अशोक आफले तथा सनातन संस्थाकी साधिका श्रीमती माधुरी दीक्षित, श्रीमती साधना गोडसे, श्रीमती शोभा आफले उपस्थित थीं । इस अवसरपर शंकराचार्यजीने महाराष्ट्रमें लागू ‘जादूटोनाविरोधी विधेयक’ तथा केंद्रमें आनेवाले ‘सांप्रदायिक लक्ष्यित हिंसाविरोधी अधिनियम – २०११’ के विषयमें स्वयं होकर जानकारी ली ।
सनातनके साधकोंको धर्मकार्य करते देख आनंद होता है !
सनातनके साधक मिलने आए, तो शंकराचार्यजीको अत्यधिक आनंद प्रतीत हुआ । उन्होंने कहा, ‘पीठमें मुझे मिलनेके लिए भी साधक आते हैं तथा वे विविध बातोंके संदर्भमें जानकारी देते हैं । सनातनके साधकोंको धर्मकार्य करते देख मुझे आनंद होता है ।‘‘
स्त्रोत : दैनिक सनातन प्रभात









