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महाराष्ट्र में धर्मांतरबंदी कानून लागू किया जाए; इस मांग को लेकर हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा ज्ञापन प्रस्तुत !

हिन्दुओं को ऐसी अपेक्षा है कि सरकार यथाशीघ्र स्वयं ही धर्मांतरबंदी कानून लागू करे ! – संपादक, दैनिक सनातन प्रभात

बाईं ओर से श्री. अजय संभूस, ज्ञापन का स्वीकार करते हुए विधायक श्री. हेमंत पाटिल एवं श्री. सतीश सोनार

मुंबई : न्यायाधीश चंद्रशेखर धर्माधिकारी समिति की शिफारिशों के अनुसार महाराष्ट्र राज्य में तत्काल धर्मांतरबंदी कानून लागू किया जाए, इस मांग को लेकर हिन्दू जनजागृति समिति की ओर से शिवसेना नांदेड के विधायक श्री. हेमंत पाटिल को ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। समिति की ओर से श्री. सतीश सोनार और श्री. अजय संभूस ने विधायक श्री. हेमंत पाटिल से महाराष्ट्र विधानसभा के चल रहे अर्थसंकल्पीय अधिवेशन में यह कानून लागू किए जाने की मांग करने का आवाहन किया।

इस ज्ञापन में कहा गया है कि,

१. ईसाई मिशनरियों ने ठाणे जिले के उल्हासनगर नगर में विगत ५-६ वर्षों में १.५ लाख से भी अधिक सिंधी समाज के लोगों को धर्मांतरण किया है ! धर्मांतरण की ये घटनाएं यदि ऐसी ही चलती रही, तो वहां का पूरा सिंधी समाज नामशेष होने का भय है !

२. उल्हासनगर और परिसर में १७ भव्य चर्चों का निर्माण किया गया है। इन चर्चों में ईसाई मिशनरियोंद्वारा हिन्दू समाज के विविध घटकों का धर्मांतरण किया जा रहा है !

३. पनवेल में भी धर्मांतरण की ऐसी ही घटनाएं हो रही हैं। ईसाई पादरी और नन इस परिसर के चिकित्सालयों में जाकर रुग्णों के लिए प्रार्थना के नाम पर उन पर धर्मांतरण का जाल बिछाते हैं !

४. धर्मांतरण के कारण आज देश के ८ राज्यों में हिन्दू अल्पसंख्यक बन गए हैं और उसके कारण हिन्दुओं को जीवनयापन करना भी कठिन हुआ है ! कुल मिलाकर लालच दिखाकर और बलपूर्वक की जानेवाली धर्मांतरण की घटनाएं संविधान के विरोध में तो हैं ही, साथ ही मानवता को कलंकित करनेवाली हैं ! यह एक बडा राष्ट्रविरोधी षड्यंत्र है। अतः शासन इस गंभीर समस्या का संज्ञान ले और देश को निगल रहे धर्मांतरणरूपी अजगर का उचित प्रबंध करे !

स्त्रोत : दैनिक सनातन प्रभात

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