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स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर चिपळूण (महाराष्ट्र) में हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा ‘क्रांति गाथा’ प्रदर्शनी

319 विद्यार्थियों ने लिया उत्स्फूर्त सहभाग

सुमन विद्यालय, टेरव

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर रत्नागिरी जिले के चिपलून तालुका में विशेष ‘क्रांति गाथा’ प्रदर्शनी का भव्य आयोजन किया गया। तालुका के विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने इस प्रदर्शनी को देखकर क्रांतिकारियों के गौरवशाली इतिहास की जानकारी प्राप्त की।

न्यू इंग्लिश स्कूल एवं जूनियर कॉलेज खेर्डी-चिंचघरी (सती), कलंबस्ते, शाखा विद्यालय में विद्यार्थियों को जानकारी देते हुए समिति के श्री. जगन्नाथ मोरे

इस प्रदर्शनी में श्री राजाराम राघोजीराव शिंदे माध्यमिक विद्यालय, ओवळी; सुमन विद्यालय, टेरव; न्यू इंग्लिश स्कूल एवं जूनियर कॉलेज, खेर्डी-चिंचघरी (सती); कळंबस्ते भागशाला तथा विद्याभारती भारतीय शिक्षा संकुल गुरुकुल, शिरळ इन विद्यालयों के कुल 319 विद्यार्थियों ने उत्स्फूर्त सहभाग लिया।

भारत को स्वतंत्रता दिलाने के लिए क्रांतिकारियों द्वारा किए गए महान योगदान और विभिन्न माध्यमों से की गई उनकी देशसेवा को इस प्रदर्शनी के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। अनेक अपरिचित एवं अनजान क्रांतिकारियों के बारे में विद्यार्थियों को नई जानकारी मिली। यह प्रेरणादायी जानकारी पढ़ते समय विद्यार्थियों में काफी उत्साह और जिज्ञासा दिखाई दी। प्रदर्शनी देखने के बाद अनेक विद्यार्थियों ने अपने अभिप्राय लिखकर क्रांतिकारियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।

विद्याभारती भारतीय शिक्षा संकुल गुरुकुल, शिरळ में विश्व हिंदू परिषद के श्री उदय चितळे और श्री कुलकर्णी सर ने ‘क्रांति गाथा’ प्रदर्शनी को भेट देकर कार्य की सराहना की। उन्होंने कहा, “हिंदू जनजागृति समिति के माध्यम से आप जो कार्य कर रहे हैं, वह प्रेरणादायी एवं उत्साहवर्धक है। आज की युवा पीढ़ी को क्रांतिकारियों की जानकारी मिलना आवश्यक है। आपके कार्य के लिए शुभकामनाएं!”

न्यू इंग्लिश स्कूल एवं जूनियर कॉलेज खेर्डी-चिंचघरी (सती), कलंबस्ते, शाखा विद्यालय में विद्यार्थियों को जानकारी देते हुए

विद्यार्थियों के अभिप्राय

१. कुमारी सुषमा राजू गौतम एवं अन्य विद्यार्थी : “क्रांतिकारियों ने देश के लिए जो योगदान दिया है, उसके बारे में जानकर हमें अपने देश पर गर्व महसूस होता है।”

२. कुमारी वेदिका दीपक वायकर एवं अन्य विद्यार्थी : “हमें चाफेकर बंधुओं, अनंत कान्हेरे, हरिहर एवं बुक्कराय, मंगल पांडे और वासुदेव बळवंत फड़के के बारे में नई जानकारी मिली। उनके कार्य से हमें प्रेरणा मिली है।”

३. कुछ विद्यार्थियों के अभिप्राय : “इस प्रदर्शनी के माध्यम से हमें यह समझने को मिला कि क्रांतिकारियों ने स्वतंत्रता प्राप्ति के लिए किस प्रकार संघर्ष किया।”

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