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मुस्लिम कर्मचारियों द्वारा विरोध किए जाने पर हिन्दू कर्मचारी ने भी प्रत्युत्तर दिया, किन्तु प्रतिष्ठान ने केवल हिन्दू कर्मचारी के विरुद्ध की कार्रवाई
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विमाननगर पुलिस थाने में आरोप प्रविष्ट

पुणे – यहा विमाननगर क्षेत्र स्थित ‘कॉन्सेंट्रिक्स’ नामक प्रसिद्ध बहुराष्ट्रीय सूचना-प्रौद्योगिकी प्रतिष्ठान में एक हिन्दू कर्मचारी के साथ धार्मिक भेदभाव किए जाने का गंभीर प्रकरण उजागर हुआ है । हिन्दू धार्मिक प्रतीक –रुद्राक्ष – धारण करने के कारण पवन कुमार गोपालराव बागडे नामक हिन्दू कर्मचारी को नौकरी से निकाल दिया गया । पवन के कार्यरत रहने के समय गिनी, दिनाज, नूरन, आसिफ, इवान एवं मोहसीन नामक सहकर्मियों ने उनके साथ धार्मिक भेदभाव किया था । इस प्रकरण में पीडित कर्मचारी ने विमाननगर पुलिस थाने में विधिवत आरोपप्रविष्ट कराई है ।
क्या है यह प्रकरण ?
१. पवन कुमार बागडे ने २६ जनवरी को इस प्रतिष्ठान में कार्य प्रारंभ किया था । प्रतिष्ठान में प्रशिक्षण के समय एवं कार्यस्थल पर प्रबंधन के वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें गले में रुद्राक्ष धारण करने से बार-बार रोका । इसके लिए ‘ड्रेस कोड’ का कारण बताया गया; यद्यपि इस संबंध में कोई लिखित नियमावली उन्हें नहीं दिखाई गई ।
२. पवन ने बताया कि उन्होंने अपनी परिवीक्षा-अवधि सफलतापूर्वक पूरी कर ली थी । कार्यस्थल पर होने वाले भेदभाव के विरुद्ध उन्होंने प्रतिष्ठान के अधिकारियों गिनी, दिनाज, नूरन, आसिफ, इवान एवं मोहसीन के विरुद्ध प्रबंधन के पास विधिवत आरोप प्रविष्ट कराए थे, किन्तु प्रबंधन ने संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने के स्थान पर पवन कुमार पर ही नौकरी छोडने का दबाव बनाया एवं अंततः उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया ।
३. पवन ने इस अन्याय के विरुद्ध १२ जून को सामाजिक माध्यम पर चलचित्र संदेश डाल कर अपनी व्यथा व्यक्त की । इसके उपरांत प्रतिष्ठान ने उन्हें सीधे सेवा-समाप्ति पत्र दे दिया । प्रतिष्ठान ने इस पत्र में आधिकारिक रूप से कारण बताया कि ‘पवन के कारण एक विशेष धर्म के लोगों की भावनाए आहत हुई हैं ।’ स्वयं पीडित होने एवं ८ मई को विमाननगर पुलिस थाने में आरोप प्रविष्ट कराने पर भी प्रतिष्ठान ने उनके विरुद्ध यह पक्षपातपूर्ण कार्रवाई की ।
४. पवन ने आरोप लगाया कि एक ओर अन्य धर्मों के कर्मचारियों की सुविधाओं का ध्यान रखा जाता है, जबकि हिन्दू त्योहारों, पारंपरिक दिनों एवं धार्मिक आचरण की उपेक्षा करते हुए उन पर दबाव बनाया जाता है ।
पीडित कर्मचारी की व्यथा
पवन ने दुख व्यक्त करते हुए कहा, “मेरे पिता ने भारतीय सशस्त्र बलों में २ वर्षों तक देशसेवा की है; तदापि आज अपने ही देश में हिन्दू धार्मिक पहचान रखने के कारण मुझे उत्पीडन का भोगना पड रहा है ।”
स्रोत : हिंदी सनातन प्रभात








