शनिशिंगणापुर के श्री शनैश्वर देवस्थान का सरकारीकरण का निर्णय निरस्त करें !

वास्को में राष्ट्रीय हिन्दू आंदोलन की ओर से की गई मांग

वास्को : यहां के मुरगांव नगरपालिका के सामने शनिवार, १४ जुलाई को सायंकाल के समय राष्ट्रीय हिन्दू आंदोलन के अंतर्गत हिन्दुओं ने प्रदर्शन किया । देशव्यापी राष्ट्रीय हिन्दू आंदोलन का ही यह एक हिस्सा था । उस समय समस्त हिन्दूत्वनिष्ठ संगठनों ने राष्ट्रीय हिन्दू आंदोलन के छत्रतले यहां १४ जुलाई को ये मांगे की कि, ‘महाराष्ट्र में आजतक सरकारीकरण हुए मंदिरों में भ्रष्टाचार, अनियमितता तथा अधर्माचरण को प्रोत्साहन दिए जाने के कारण शनिशिंगणापुर के श्री शनैश्वर देवस्थान के सरकारीकरण करने का
निर्णय महाराष्ट्र शासन ने निरस्त करना चाहिए तथा कर्नाटक के ‘हज भवन’ को हिन्दुओं पर अनन्वित अत्याचार करनेवाले टिपू सुलतान का नाम देकर उसको महानता प्रदान करनेवाला निर्णय कर्नाटक शासन ने निरस्त करना चाहिए ।

शंखनाद के पश्चात् आंदोलन प्रारंभ हुआ । राष्ट्रीय हिन्दू आंदोलन के माध्यम से हिन्दू जनजागृति समिति की श्रीमती राजश्री गडेकर ने आंदोलन का उद्देश्य स्पष्ट किया । तत्पश्चात् हिन्दूत्वनिष्ठों ने आंदोलन को संबोधित किया तथा उसी मार्गदर्शन के पश्चात् आगे की प्रतिक्रियाएं व्यक्त की गई ।

१. हालही में हुए कर्नाटक की विधानसभा चुनाव के समय भाजपा ने अपने चुनाव घोषणापत्रक में ऐसी एक प्रमुख घोषणा की थी कि, ‘हिन्दुओं के सरकारीकरण किए गए मंदिर हिन्दुओं को पुनः प्राप्त कर दिए जाएंगे ।’ किंतु महाराष्ट्र में यही भाजपा सरकार हिन्दुओं के मंदिर अपने अधिकार में लेकर उनका सरकारीकरण कर रही है । सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार यह बताया गया है कि, निधर्मी सरकार को हिन्दुओं के मंदिर चलाने का अधिकार नहीं है । केवल वहां के व्यवस्थापन में होनेवाली त्रुटियां दूर कर तत्पश्चात् मंदिर पुनः अपने-अपने समाज को लौटा दीजिएं ।’ अपितु भाजपा सरकार ने शिंगणापुर का श्री शनैश्वर देवस्थान का सरकारीकरण करने का निर्णय अपनाया है । महाराष्ट्र के सरकारीकरण हुए मंदिरों में किए गए गंभीर स्वरूप के भ्रष्टाचार की स्थिती देखकर उसका न्याय करने की अपेक्षा नए रूप से अधिक एक मंदिर का सरकारीकरण करने का निर्णय सरकार ने लिया है । यह अत्यंत अनुचित तथा निषेधार्ह बात है ।

२. दक्षिण भारत में ८ सहस्त्रों से भी अधिक मंदिर नष्ट करनेवाले, गोहत्या करनेवाले तथा मंदिरों की तोडफोड करनेवाले टिपू सुलतान के नाम इतिहास में ‘क्रूरकर्मा’ के नाम से प्रसिद्ध है । टिपू का इतिहास ‘हिन्दुओं पर अनन्वित अत्याचार करनेवाला इस्लामी शासक’ इस रूप में है । टिपू सुलतान का क्रूर इतिहास देखते हुए ऐसा प्रश्न निर्माण होता है कि, उसका नाम ‘हज भवन’ को देकर क्या कांग्रेस शासन मुसलमानों की चापलूसी करने का प्रयास कर रहा है ?

आंदोलन के अंत में हिन्दू जनजागृति समिति के श्री. सत्यविजय नाईक ने प्रस्ताव प्रस्तुत किया, तो हिन्दू जनजागृति समिति के श्री. गोविंद चोडणकर ने सूत्रसंचलन किया ।

आंदोलन में सम्मिलित संगठन

भारत स्वाभिभान, भारतीय कामगार सेना, शिव योद्धा, सनातन संस्था, हिन्दू जनजागृति समिति तथा रणरागिणी शाखा

स्त्रोत : दैनिक सनातन प्रभात

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