अधिवेशन के समारोपीय सत्र में हिन्दुत्वनिष्ठों को अधिवेशन काल में हुई अनुभूतियां, हिन्दू जनजागृति समिति के प्रति विशेष अपनापन, इसके साथ ही साधना करते समय…
हिन्दुओं पर चाहे कौनसा भी संकट आए; परंतु उसे धर्म का त्याग नहीं करना चाहिए । हिन्दुओं को ‘मेरे सामने अन्य पंथियों की चाहे कोई…
दक्षिण कन्नड़ जिले के पुत्तूर में अज्ञात उपद्रवियों ने सोशल मीडिया पर हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने को लेकर कांग्रेस आईटी सेल की…
श्री. पी.टी. राजू प्रथम अधिवेशन से अब तक सर्व अधिवेशनों में उपस्थित रहे हैं । वास्तव में उन्हें हिन्दी भाषा नहीं आती । ऐसा होते…
हिन्दू राष्ट्र की स्थापना धर्मसंस्थापना का ईश्वरीय कार्य है । ईश्वर जब अवतार धारण कर कार्य करते हैं, तब उनके भक्त अपनी साधना के रूप…
स्वयं के द्वारा हिन्दू धर्म का आचरण करने से ही हिन्दुओं में जागृति लाना संभव है, ऐसा प्रतिपादन हाँगकाँग के व्यायवसायी श्री. दयाल हरजानी ने…
छत्रपति शिवाजी महाराजजी को संत रामदास स्वामी का मार्गदर्शन मिला; परंतु आजकल के लोकप्रतिनिधि किसी भी संत-महात्मा का मार्गदर्शन नहीं लेते ।
ठाणे के प्रसिद्ध व्याख्याते और लेखक श्री. दुर्गेश परुळकर और देहली के सर्वाेच्च न्यायालय के अधिवक्ता उमेश शर्मा ने प्राप्त किया ६१ प्रतिशत आध्यात्मिक स्तर…
हमें जातिव्यवस्था को दूर कर हिन्दूव्यवस्था स्थापित कर हिन्दू राष्ट्र की स्थापना करने का प्रयास करना होगा । हमें अपने महापुरुषों के अधुरे सपनों को…
हिन्दू राष्ट्र स्थापना के पूर्व आनेवाले तूफान का सामना करने के लिए प्रत्येक हिन्दू को सिद्ध रहना चाहिए । अब विचार करने का नहीं, कुछ…
