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हिन्दू राष्ट्र की स्थापना के लिए प्रधानता लेकर कार्य कीजिए – सद्गुरु डॉ. चारुदत्त पिंगळे

हिन्दू राष्ट्र की स्थापना धर्मसंस्थापना का ईश्वरीय कार्य है । ईश्वर जब अवतार धारण कर कार्य करते हैं, तब उनके भक्त अपनी साधना के रूप…

दशम अखिल भारतीय हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन में हिन्दू जागृति के विविध माध्यमों के विषय में जागृति

स्वयं के द्वारा हिन्दू धर्म का आचरण करने से ही हिन्दुओं में जागृति लाना संभव है, ऐसा प्रतिपादन हाँगकाँग के व्यायवसायी श्री. दयाल हरजानी ने…

दशम हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन के छठे दिन हिंदुत्वनिष्ठों के अनुभवकथन

छत्रपति शिवाजी महाराजजी को संत रामदास स्वामी का मार्गदर्शन मिला; परंतु आजकल के लोकप्रतिनिधि किसी भी संत-महात्मा का मार्गदर्शन नहीं लेते ।

दशम अखिल भारतीय हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन में धर्मकार्य करनेवाले हिंदुत्वनिष्ठों की आध्यात्मिक प्रगति की घोषणा से आनंद का वातावरण !

ठाणे के प्रसिद्ध व्याख्याते और लेखक श्री. दुर्गेश परुळकर और देहली के सर्वाेच्च न्यायालय के अधिवक्ता उमेश शर्मा ने प्राप्त किया ६१ प्रतिशत आध्यात्मिक स्तर…

अखिल भारतीय हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन के ७वें दिन के पहले सत्र में ‘धर्मांतरण रोकना और घरवापसी की योजना’ इस विषय पर उद्बोधन सत्र

हमें जातिव्यवस्था को दूर कर हिन्दूव्यवस्था स्थापित कर हिन्दू राष्ट्र की स्थापना करने का प्रयास करना होगा । हमें अपने महापुरुषों के अधुरे सपनों को…

भारत को अखंड हिन्दू राष्ट्र बनाने से हमें कोई नहीं रोक सकता – टी. राजासिंह, भाजपा विधायक, तेलंगाना

हिन्दू राष्ट्र स्थापना के पूर्व आनेवाले तूफान का सामना करने के लिए प्रत्येक हिन्दू को सिद्ध रहना चाहिए । अब विचार करने का नहीं, कुछ…

दशम ‘अखिल भारतीय हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन’ को हिन्दुत्वनिष्ठों का स्वयंस्फूर्त प्रतिसाद !

इन्क्विजिशन’ के नामपर ईसाई मिशनरियों ने 250 वर्ष गोमंतकियों ने किए हुए अमानवीय और क्रूर अत्याचारों लिए ईसाई संस्था के प्रमुख पोप को गोमंतकियों की…

दशम अखिल भारतीय हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन में ‘जाँबाज हिंदुस्थानी सेवा समिति’ की ओर से धर्मवीरों का सम्मान !

दशम अखिल भारतीय हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन के व्यासपीठ पर ‘जाँबाज हिंदुस्थानी सेवा समिति’ के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महामंत्री और कोषाध्यक्ष ने इन धर्मवीरों को यह सम्मानचिन्ह…

दशम अखिल भारतीय हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन में ‘हिन्दुओं की शिक्षा प्रणाली’ इस विषय पर विचारमंथन

एक अंग्रेज अधिकारी थॉमस मुन्रो के ब्योरे के अनुसार वर्ष १८२६ में दक्षिण भारत में १ लाख २८ सहस्र विद्यालय थे । जिनमें ब्राह्मण, क्षत्रिय,…

इस्लामी जिहाद के विरोध में निरंतर संघर्ष करना होगा – प.पू. यती चेतनानंद सरस्वती, महंत, डासना पीठ, गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश

इस्लामी जिहाद से घबराकर रोने के स्थान पर उनके विरोध में लडना चाहिए । देहली में धर्मांधों द्वारा घडवाए दंगे, कश्मीर में हिन्दुओं की होनेवाली…