Menu Close

पाकिस्तानी हिंदुओं ने जबरन धर्मांतरण और शादी के विरूद्ध सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया

पाकिस्तान हिंदू काउंसिल ने नाबालिग हिंदू लड़कियों के अपहरण, जबरन धर्मांतरण और जबर्दस्ती विवाह करवाए जाने के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में अपील की है।

धर्म के लिए कितनी भी बार कारागृह जाने को तैयार हूं ! – यति मां चेतनानंद सरस्वती

देश में ८० प्रतिशत बचे हिन्दू, लडना भूल गए हैं । इसीलिए हम स्वरक्षा के लिए प्रशिक्षण देते हैं । कानून सम्मत शस्त्र रख अपनी…

बांग्लादेश में हिन्दू राष्ट्र स्थापित किए बिना हम चुप नहीं बैठेंगे – श्री. सुभाष चक्रवर्ती, निखील बंग नागरी महासंघ

बांग्लादेश के अत्याचारित और पीडित हिन्दुआें को उनकी सुरक्षा के लिए बांग्लादेश में स्वतंत्र भूमि देने के लिए भारत शासन और हिन्दुत्वनिष्ठों को सहायता कर…

मंदिरों को दान में मिली भूमि का उचित उपयोग होने हेतु अधिवक्ता प्रयास करें – अधिवक्ता अर्चना जी.

श्रद्धालु मंदिरों के लिए बडी श्रद्धा से भूमि अर्पण करते हैं । आज मंदिर का व्यवस्थापन देखनेवाले अधिकारी उसका अनुचित उपयोग करते हैं । इसलिए…

केरल : कॉलेज की पत्रिका में माता कुंती पर छपे कविता में विवादित बातें !

केरल के एक महाविद्यालय में विद्यार्थी पत्रिका में कथित तौर पर एक ऐसी कविता छापी गई है जिसमें पांडवों की मां कुंती की पवित्रता पर…

सनातन के ग्रंथ में दिए सूत्रों के अनुसार प्रबोधन करने से सोनपुर के हिन्दुआें का धर्मांतरण रोकने में १०० प्रतिशत सफलता मिली ! – नितीन सोनपल्ली, मध्यप्रदेश

हमारा संगठन स्थापित हुआ, तब बडे हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों ने हमारे कार्य में बडी बाधाएं उत्पन्न कीं । पुलिस और प्रशासन के हिन्दूविरोधी आचरण के कारण…

हिन्दुआें पर होनेवाले आघात रोकने के लिए हिन्दू राष्ट्र ही चाहिए ! – डॉ. शिवनारायण सेन, बंगाल

बांग्लादेश में प्रतिदिन वहां के हिन्दुआें पर अन्याय और महिलाआें पर अत्याचार हो रहे हैं । वहां के सब हिन्दू मंदिर तोड दिए गए हैं…

मंदिरों का सरकारीकरण रोकने के लिए जन-आंंदोलन करना चाहिए ! – अधिवक्ता श्री. वीरेंद्र इचलकरंजीकर, हिन्दू विधिज्ञ परिषद

हिन्दू विधिज्ञ परिषद के अधिवक्ता श्री. वीरेंद्र इचलकरंजीकर ने ‘मंदिर सरकारीकरण के विरुद्ध हिन्दू विधिज्ञ परिषद ने किया कार्य’ इस विषय पर अपने अनुभव उपस्थित…

पुरातत्व विभाग का अबतक का आचरण हिन्दूविरोधी – श्री. अनिल धीर, भारत रक्षा मंच

श्री. अनिल धीर ने कहा कि, पुरातत्व विभाग वर्ष १८८२ में अंग्रेजों ने आरंभ किया था । उसके नियमों में अबतक एक भी राज्यकर्ता ने…

स्वभाषा और स्वसंस्कृति की रक्षा करना आवश्यक ! – पू. डॉ. चारुदत्त पिंगळे, हिन्दू जनजागृति समिति

१५ जून को अखिल भारतीय हिन्दू अधिवेशन में मंदिर सरकारीकरण का विरोध और मंदिरों की पवित्रता की रक्षा, इस विषय पर आयोजित उद्बोधन सत्र में…