Menu Close

गंदे पानीमें पडी श्री गणेशमूर्तिका श्रीराम सेनाके कार्यकर्ताओंद्वारा पुनर्विसर्जन !

हिंदुओ, पुनः ऐसे समयसे बचने हेतुआप शासनको धर्मशिक्षणके लिए बाध्य करें ! बेलगांव (कर्नाटक), १५ सितंबर (वृत्तसंस्था) – यहां के अज्ञात श्री गणेशोत्सव मंडलकी ५…

‘मीरा परफ्युमरी वक्र्स’की ओरसे लक्ष्मीका अनादर !

उल्हासनगरमें परफ्युमरी वक्र्सने ‘मीरा की महालक्ष्मी धूप’ इस उत्पादके आच्छादन (कवर)पर माता लक्ष्मीका चित्र छपवाया है । इससे हिंदुओंकी धार्मिक भावनाओंको ठेस पहुंची है ।

बेलगांव (कर्नाटक)में श्रीविष्णुका अनादर करनेवाला डिजीटल फलक हटा दिया !

बेलगांव (कर्नाटक), ६ सितंबर (समाचार) – शहापुरके बसवाण गलीमें श्री गणेशोत्सव मंडलके मंडपके सामने ज्येष्ठ समाजसेवक श्री. अण्णा हजारेजीके मुखयुक्त (मुखौटा) भगवान विष्णुके ७ फूट…

‘गोली वडापाव’ द्वारा जालस्थानपर दिया श्री गणपतिका विडंबन हटाया गया !

‘गोली वडापाव’ आस्थापनद्वारा वडापावपर श्री गणेशका चित्र दिखाकर उनका अनादर किया जाता है । अब इस आस्थापनद्वारा यह चित्र हटा दिया गया है ।

समितिद्वारा प्रबोधनके पश्चात् ‘टाटा स्काय’के श्री गणेशजीका अनादर करनेवाले फलक निकाले ।

बेलगांव शहरमें अनेक स्थानोंपर ‘टाटा स्काय’की ओरसे श्री गणेशजीका अनादर करनेवाले विज्ञापन फलक लगाए गए थे ।

मालिका ‘वीर शिवाजी’ का नाम परिवर्तित कर ‘छत्रपति शिवाजी’ करनेकी मांग ‘कलर्स’ वाहिनीसे विनती !

‘कलर्स’ वाहिनीपर ‘वीर शिवाजी’ मालिकाका नाम परिवर्तित कर ‘छत्रपति शिवाजी’ करें, ऐसी विनती हिंदु जनजागृति समितिकी ओरसे ‘कलर्स’ वाहिनीके व्यवस्थापकोंको की गई ।

गुजरातके ‘शतायू’ नामक स्वयंसेवी संस्थाकी ओरसे श्री गणेशका अपमान !

एक मानवी अवयवका रोपण करनेके क्षेत्रमें कार्य करनेवाली ‘शतायु’ नामक स्वयंसेवी संस्थाने गणेशोत्सवके उपलक्ष्यपर शहरमें हर स्थानपर फलक लगाए हैं । इन फलकोंपर श्री गणेशका…

क्रांतिकारियोंका अपमान एवं इतिहासका विकृतिकरण रोकें !

स्वतंत्रता-समरके अग्निकुंडमें आहुति देनेवाले सहस्रों क्रांतिकारियोंके उपकार आजके निधर्मी राज्यकर्ता भूल गए हैं । वे क्रांतिकारी तथा राष्ट्रपुरुषोंका आगे दिए अनुसार विकृत इतिहास प्रचारित कर…

राष्ट्रको खंडित करना एवं उसे मौन स्वीकृति देना, क्या यह जघन्य अपराध नहीं ?

स्वतंत्रतादिवस विशेष सद्गुरुदेव प.पू. आचार्य स्वामी श्री धर्मेंद्र महाराज, श्रीपंचखंडपीठजीके पावन परिवारके जून २००९ की पत्रिकामें ‘महात्मा रामचंद्र वीरका निर्वाण अखंड भारतके स्वप्नका अवसान’ इस…

कितनी घातक सिद्ध हुई है धर्मनिरपेक्षता !

‘१९४७ में अंग्रेजों और अन्य देशोंकी निगाहमें पाकिस्तान ‘मुसलमान नेशन’ और भारत ‘हिंदु नेशन’ ही माना जाता था । चूँकी हिंदु जाती संस्कारों से उदार…