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शास्त्रको छोडकर हिंदू और धर्म ये दो शब्द रह ही नहीं सकते ! – डॉ. कौशिकचंद्र मलिक

शास्त्रको छोडकर हिंदू और धर्म ये दो शब्द रह ही नहीं सकते । हिंदू धर्म शास्त्रपर आधारित है । वेद अपौरूषेय हैं ।

भारत हिंदू राष्ट्र बने, इस हेतु राष्ट्रव्यापी हिंदूसंगठनका निर्धार !

अधिवेशनमें सहभागी हुए २१ राज्योंके हिंदुत्ववादी संगठनोंके २५० से भी अधिक पदाधिकारियोंने भारतको हिंदू राष्ट्र बनाने हेतु राष्ट्रव्यापी हिंदूसंगठनका समान कृति योजना निश्‍चित की ।

धर्मसंस्थाको कोई भी अधिकार न होनेके कारण भारतकी अधोगति ! – प्रा. रामेश्‍वर मिश्र

प्रा. रामेश्‍वर मिश्रने कहा, यूरोपके देशोंमें वहांकी धार्मिक व्यवस्थाको विशेष अधिकार हैं, साथ ही वहांके नागरिक अपने देशकी कभी निंदा नहीं करते । भारतमें ऐसा…

‘देशकी समस्याएं दूर होनेके लिए हिंदू राष्ट्र शीघ्रातिशीघ्र स्थापित होना आवश्यक !’

विभाजनके समय मुसलमान ३ करोड थे, इसलिए अल्पसंख्यक थे । अब वे ३० करोड हो गए हैं, तब भी अल्पसंख्यक ही हैं क्या ? अब…

हिंदू राष्ट्रकी स्थापना होने हेतु त्यागकी आवश्यकता ! – श्री. दासकमल अग्रवाल, आंध्रप्रदेश

भारत हिंदू राष्ट्र है ही, हमें उसका केवल पुनर्निमाण करना है । हमें संगठित विचारोंके माध्यमसे क्रांतिका बिगुल बजाना है ।ऐश्‍वर्यसंपन्न और शक्तिशाली हिंदू राष्ट्रके…

हिंदू समाजके लिए हमें समय देना ही होगा ! – श्री. राजासिंह ठाकुर

भाग्यनगर (हैदराबाद) स्थित भाग्यलक्ष्मी मंदिरकी रक्षा हेतु जारी संघर्ष इस विषयपर बोलते हुए श्री. राजासिंह ठाकुरने कहा, भाग्यनगरका श्री भाग्यलक्ष्मी मंदिर चारमिनारसे भी प्राचीन है…

भाजपा एक धर्मनिरपेक्ष दल है, यह कहनेके लिए भाजपाको किसीके प्रमाणपत्रकी आवश्यकता ही नहीं !

शाहनवाज हुसैनद्वारा बताया गया कि भाजपा एक धर्मनिरपेक्ष (सेक्युलर) दल था, है एवं भविष्यमें भी रहेगा । नरेंद्र मोंदी एवं आडवाणीके साथ भाजपाके सभी नेता…

भाजपाकी बैठकमें राममंदिर, तथा धारा ३७० निरस्त करना, आदि महत्त्वपूर्ण विषयोंपर चर्चा ही नहीं !

अयोध्याके राममंदिर, समान नागरी अधिनियम तथा कश्मीरकी धारा ३७० निरस्त करना, हिंदुओंके इन प्रमुख विषयोंपर भाजपाद्वारा गोवामें हुई राष्ट्रीय कार्यकारिणीकी बैठकमें कोई भी चर्चा नहीं…

प्रत्येक जनपदमें गोशालाका निर्माण करें ! – श्री. अमृतलाल सिंह, एनिमल रेस्क्यु स्कॉड, गोवा

गोरक्षाका कार्य करते समय यदि किसी स्थानपर गोहत्या होनेकी जानकारी मिलती थी, तो हम उस स्थानपर छापा मारते थे । उन कसाइयोंको पुलिसके नियंत्रणमें देनेपर…

सरकारसे गायकी हत्या तथा गोमांसका निर्यात रोकनेकी मांग करें ! श्री. ए.जी. शंकरकृष्णन् अनंत रामन्

मुगलकालमें गायोंकी हत्या होती थी । तत्पश्‍चात ब्रिटिश साम्राज्यमें केवल गोहत्या ही नहीं, अपितु गायकी चमडीसे विविध वस्तुएं बनने लगीं । इसलिए बडी मात्रामें गायोंकी…