दशम अखिल भारतीय हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन में हिन्दू जागृति के विविध माध्यमों के विषय में जागृति

बाएं से श्री. अभिषेक जोशी, श्री. निधीश गोयल, श्री. पाला संतोष एवं श्री. दयाल हरजानी

स्वयं के द्वारा हिन्दू धर्म का आचरण करने से ही हिन्दुओं को जागृति लाना संभव ! – दयाल हरजानी, व्यावसायी, हाँगकाँग

दयाल एन हरजानी, व्‍यावसायिक, हाँगकाँग

रामनाथी (गोवा) – हमें मूलतः आंतरिक यात्रा कर ही अर्थात साधना कर ही धर्मकार्य के लिए तैयार होना होगा । स्वयं के द्वारा हिन्दू धर्म का आचरण करने से ही हिन्दुओं में जागृति लाना संभव है, ऐसा प्रतिपादन हाँगकाँग के व्यायवसायी श्री. दयाल हरजानी ने किया । रामनाथी में आयोजित दशम अखिल भारतीय हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन के छटे दिन (१७ जून २०२२ को) वे ऐसा बोल रहे थे ।

श्री. हरजानी ने आगे कहा, ‘‘मंदिरों में दानपेटी होती है; परंतु ज्ञानपेटी नहीं होती । मंदिरों में धर्म का ज्ञान मिलना आवश्यक है । दुर्भाग्यवश मंदिरों की ओर से ज्ञान नहीं दिया जाता । इसलिए हमें मंदिरों में भी परिवर्तन लाना पडेगा । धर्म का ज्ञान लेकर मन में मंदिर तैयार नहीं हुआ, तो वह किसी उपयोग का नहीं है । इसके लिए गुरुकुल परंपरा का पुनर्जीवन होना आवश्यक है । हमें हिन्दुओं पर हो रहे अत्याचार रोकने के साथ हिन्दुओं की रक्षा करना भी आवश्यक है ।’’

हिन्दू धर्म के मूल्यों का शास्त्रीय परिभाषा में प्रसार करनेवाले हाँगकाँग के व्यायसायी दयाल हरजानी !

श्री. दयाल हरजानी ने कहा कि हिन्दू धर्म के मूल्यों का शास्त्रीय परिभाषा में प्रसार करने के लिए हम प्रत्येक महिने के दूसरे सोमवार के दिन ऑनलाइन कार्यक्रम लेते हैं । अब हमारे ‘यूट्यूब चैनल’ के ९० सहस्र सदस्य हैं, जो बढ रहे हैं । यह एक बडी शक्ति है । मुझे हिन्दू जनजागृति समिति के साथ सदैव संगठन रखना है । मैं इस धर्मकार्य के लिए स्वयं को समर्पित करता हूं ।

ऐहिक एवं आध्यात्मिक उन्नति होने के लिए उद्यमी धर्मकार्य के लिए अर्पण दें ! – रवींद्र प्रभुदेसाई, संचालक, पितांबरी उद्योगसमूह, ठाणे

रवींद्र प्रभुदेसाई, संचालक, पितांबरी उद्योगसमूह, ठाणे

मैं पहली बार जब परात्पर गुरु परशराम पांडे महाराजजी से मिला, तब उन्होंने मुझे ‘उद्यमी’ शब्द का सही अर्थ समझाया । इसमें ‘उद्’ का अर्थ है ‘आनंद’ और ‘यमि’ का अर्थ है अर्जित करना ! अतः जो प्रत्येक व्यक्ति की आध्यात्मिक प्रगति करवा लेते हैं, वह सच्चा उद्यमी ! उसी परिप्रेक्ष्य में देखा जाए, तो विश्व के सबसे बडे उद्यमी परात्पर गुरु (डॉ.) जयंत आठवलेजी ही हैं । वे सभी को आनंद मिले; इसके लिए कार्यरत हैं । मुझे मिलनेवाले धन का कुछ अंश मैंने धर्मकार्य करनेवाली सनातन संस्था और हिन्दू जनजागृति समिति को अर्पण देना आरंभ किया, तब से मेरे आनंद में और अधिक वृद्धि हुई; इसलिए ऐहिक और आध्यात्मिक उन्नति होने के लिए उद्यमियों को धर्मकार्य हेतु अधिकाधिक अर्पण देना चाहिए, ऐसा आवाहन पितांबरी उद्योगसमूह के संचालक श्री. रवींद्र प्रभुदेसाई ने किया ।

ऋषि-मुनियों द्वारा दिया गया ज्ञान युवा पीढीतक पहुंचाने के लिए ‘यू ट्यूब’ के ‘जंबू टॉक्स’ चैनल पर धार्मिक कार्यक्रम लिए ! – निधीश गोयल, संचालक, ‘जंबू टॉक्स, जयपुर, राजस्थान

यू ट्यूब पर ‘जंबू टॉक्स’ इस कार्यक्रम के द्वारा राष्ट्र एवं धर्म के विषय में चर्चा आयोजित कर मैने आध्यात्मिक अनुभव लिया है । देश के ऋषि-मुनियों द्वारा हमें दिया गया ज्ञान नई पीढीतक पहुंचाने के लिए हमने ‘जंबू टॉक्स’ के द्वारा रामायण, महाभारत और इतिहास के दृष्टिकोण से विभिन्न विषयों पर ५०० से अधिक कार्यक्रम लिए, जिसका युवकों ने बहुत अच्छा प्रत्युत्तर किया । इस कार्यक्रम में प्रश्नोत्तरी के कार्यक्रम लेने से युवकों की बौद्धिक क्षमता बढी । इससे हमने समाज के सामने ‘लव जिहाद’, ‘हलाल मांस’ जैसे इस्लाम से संबंधित विकृतियों की जानकारी विश्व के सामने उजागर की । मोहनदास गांधी के भारत आने से लेकर का इतिहास और भारत का वैभवशाली प्राचीन इतिहास की जानकारी दी । यह सब करते समय ईश्वर ने मुझे एक सेवक के रूप में चुना है, इसका भान हुआ । ‘जंबू टॉक्स’ आरंभ करने से लेकर १ ही वर्ष में हम सभी बाधाओं पर विजय प्राप्त कर आगे बढ रहे हैं, इसका भान हुआ ।

तमिलनाडू के हिन्दूद्रोही सत्ताधारियों के कारण हिन्दू धर्म पर आघात ! – पाला संतोष, अध्यक्ष, हिन्दू इळैंगर येळूच्ची पेरवई, तंजावूर, तमिलनाडू

पाला संतोष, अध्‍यक्ष, हिंदु इळैंगर येळूच्‍ची पेरवई, तंजावूर, तमिळनाडू

तमिलनाडू में हिन्दूद्रोही शक्तियों के सत्ता में होने के कारण वहां हिन्दू धर्म पर आघात बढे हैं । ईसाई मिशनरी विद्यालय चलाने के नाम पर वे हिन्दुओं का धर्मांतरण कर रहे हैं । चर्च के माध्यम से भी ये घटनाएं हो रही है । विकास के नाम पर तमिलनाडू के प्राचीन मंदिरों को गिराया जा रहा है । इन सभी समस्याओं का मूल कारण अल्पसंख्यकों का तुष्टीकरण है । इन आघातों को रोकने हेतु हम संगठित होकर कार्य कर रहे हैं, ऐसा श्री. संतोष पाला ने बताया । ‘तमिलनाडू में हिन्दुओं की जागृति के लिए किया गया कार्य’ इस विषय पर वे ऐसा बोल रहे थे ।

धर्म के लिए समर्पित होकर कैसे कार्य करना चाहिए, यह अधिवेशन में सिखने को मिला !

वर्ष २०१४ से मैं अखिल भारतीय हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन में आ रहा हूं । यहां आकर धर्म के लिए समर्पित और संगठित होकर कैसे कार्य करना चाहिए, यह समझ में आया । इसके लिए मैं हिन्दू जनजागृति समिति का आभारी हूं, ऐसा श्री. संतोष पाला ने कहा ।

ग्राहक जागृत हुआ, तो औषधियों के माध्यम से होनेवाली लूट रोकना संभव ! – श्री. पुरुषोत्तम सोमाणी, अध्यक्ष, दी निजामाबाद चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, तेलंगाना

‘औषधियों के मूल मूल्य और उस माध्यम से होनेवाली लूट तथा उसके लिए सामूहिक प्रयास’, इस विषय पर बोलते हुए श्री. पुरुषोत्तम सोमाणी ने कहा कि ग्राहक जागृत हुआ, तो औषधियों के माध्यम से होनेवाली लूट रोकना संभव है । आज के समय में बाजार में औषधियां बनानेवाले प्रतिष्ठानों और औषधियों की बिक्री पर सरकार का नियंत्रण न होने से औषधियों की मनमानी पद्धति से बिक्री की जाती है । आधुनिक वैद्यों के (डॉक्टरों के) कहने पर ही औषधि उत्पादन प्रतिष्ठान जानबूझकर औषधियों के मूल्य बढाते हैं । औषधियों की दुकानों और चिकित्सालयों में ७० प्रतिशथ अधिक मूल्य वसूलकर औषधियों की बिक्री की जाती है । मैने अनेक लोगों को अल्प मूल्य में औषधियां उपलब्ध कराई हैं । औषधियों की अनियंत्रित बिक्री पर नियंत्रण रखने के लिए मैने प्रधानमंत्री को पत्र भेजा है । उसके अनुसार प्रधानमंत्री द्वारा कैंसर की औषधि पर ‘ट्रेडमार्क’ लागू किए जाने से इन औषधियों के मूल्य अपनेआप ही अल्प हुए । कैंसर के ५२४ प्रकार की औषधियों पर ‘ट्रेडमार्क’ लागू किया गया । उसका २५ सहस्र कैंसरपीडित रोगियों को लाभ मिला । उससे रोगियों के पैसों की बचत हुई । इसके कारण लोगों को ३ सहस्र रुपए की औषधि १३० रुपए को और ५ सहस्र रुपए की औषधि ५०० रुपए में अर्थात उनके मूल मूल्य में मिलने लगे । जेनेरिक औषधियां भी अच्छी होती हैं, जिनका भी हम उपयोग कर सकते हैं । ‘प्रधानमंत्री जनऔषधी दुकानों से’ औषधियां खरीदने से हमें बहुत ही अल्प मूल्य में औषधियां मिल सकती हैं ।

हिन्दू राष्ट्र स्थापना के कार्य में प्रसारमाध्यमों का बडा योगदान ! – अभिषेक जोशी, अध्यक्ष, ओडिसा सुराख्य सेना, कटक, ओडिशा

‘हिन्दू राष्ट्र की स्थापना में प्रसारमाध्यमों का योगदान’ इस विषय पर बोलते हुए ओडिशा की ‘ओडिशा सुराख्य सेना’के अध्यक्ष श्री. अभिषेक जोशी ने कहा कि लोगों का संघर्ष और उनकी समस्याओं को सरकारतक पहुंचाने का काम प्रसारमाध्यम करते हैं । यह उनका कर्तव्य है । मैने वर्ष २०१६ से प्रसारमाध्यम का कार्य आरंभ किया । उस माध्यम से मैने जनता की आवाज को सरकारतक पहुंचाने का प्रयास किया । कुछ लोगों को ऐसा लगता है कि सरकार की सहायता के बिना हम प्रसारमाध्यम का काम नहीं कर सकेंगे; परंतु यह उनका भ्रम है । आरंभ में मैने एक पत्रिका आरंभ की । उसमें मैने मनोरंजन का विषय नहीं रखा और केवल धर्म और संस्कृति की जानकारी देना आरंभ किया । मैने पत्रिका में प्रतिदिन भगवद्गीता का अर्थासहित श्लोक देना आरंभ किया । ऐसा करते समय भगवान श्री जगन्नाथ और श्रीकृष्ण के आशीर्वाद के कारण मुझे कोई समस्या नहीं आई । प्रसारमाध्यमों के माध्यम से हमें वामपंथियों का हिन्दूविरोधी चेहरा जनता के सामने लाना होगा । वामपंथ का निश्चित स्वरूप क्या है ?, उस विषय में हिन्दुओं की निश्चित भूमिका क्या है ? आदि के विषय में प्रसारमाध्यमों में जानकारी प्रकाशित होना आवश्यक है । वामपंथियों और आधुनिकतावादियों का महिमामंडन करनेवाले प्रसारमाध्यमों पा बहिष्कार किया जाए, साथ ही उन्हें विज्ञापन नहीं देने चाहिएं । उनकी संपूर्ण अनदेखी की जाए । हिन्दू राष्ट्र की स्थापना के कार्य में प्रसारमाध्यमों का बडा योगदान रहनेवाला है । धर्म का पालन करना पत्रकारों और संपादकों का कर्तव्य है । हमें अपना कर्तव्य निभाते रहना है, ईश्वर उसका फल देंगे । जहां धर्म होता है, वहां निश्चितरूप से विजय होती है । हमें कोई रोक नहीं सकता ।

सामाजिक माध्यमों का प्रभावी पद्धति से उपयोग कर हिन्दू राष्ट्र की संकल्पना का प्रसार किया जा रहा है ! – विश्वनाथ कुलकर्णी, हिन्दू जनजागृति समिति, राज्य समन्वयक, पूर्व उत्तरप्रदेश एवं बिहार

अधिकाधिक हिन्दुओं को धर्मशिक्षा मिले और हिन्दुओं पर हो रहे आघात सभी के सामने आएं; इसके लिए हिन्दू जनजागृति समिति के माध्यम से वर्ष २०१६ में हमने ‘सामाजिक माध्यमों’ के द्वारा स्वतंत्र पद्धति से प्रसार आरंभ किया । जब इसका आरंभ किया गया, तब वर्ष २०१६ में हमारे पास केवल १४९ कार्यकर्ता थे, तो आज २ सहस्र ६०० कार्यकताओं और धर्मप्रेमियों के माध्यम से प्रतिदिन १० लाख ६ सहस्र लोगोंतक ‘जागो’ संदेश पहुंच रहे हैं । प्रतिमाह १ लाख २० सहस्र लोग हिन्दू जनजागृति समिति का जालस्थल www.hindujagruti.org देखते हैं । आजतक ‘चर्चा हिन्दू राष्ट्र की’ इस ऑनलाइन परिचर्चा के १३५ से अधिक भाग संपन्न हो चुके हैं तथा ६ लाख से अधिक लोगों ने उन्हें देखा है । ‘ऑनलाईन पिटीशन’, विभिन्न ‘ट्विटर ट्रेंड’, ‘ऑनलाईन आंदोलन’ कर हिन्दुओं में जागृति लाई गई । इस प्रकार से सामाजिक माध्यमों का प्रभावी उपयोग कर हिन्दू राष्ट्र का प्रसार किया जा रहा है, ऐसी जानकारी हिन्दू जनजागृति समिति के पूर्व उत्तरप्रदेश एवं बिहार राज्य समन्वयक श्री. विश्वनाथ कुलकर्णी ने दी । ‘हिन्दू जागृति समिति की ओर से सामाजिक माध्यमों के द्वारा हिन्दू राष्ट्र के विचारों का प्रसार’ इस विषय पर वे ऐसा बोल रहे थे ।

श्री. कुलकर्णी ने आगे कहा कि,

१. ‘वेबसीरीज’, विज्ञापन, धारावाहियों आदि के द्वारा हिन्दू देवी-देवताओं और राष्ट्रपुरुषों का अनादर किया है । कुछ वेबसीरिजों में भारतीय सेना का अनादर किया गया । इसके विरोध में समिति की ओर से ‘ऑनलाईन पिटीशन’ अभियान चलाया गया । उसके कारण ‘कोई भी फिल्म और वेबसीरीज में भारतीय सेना के संदर्भ में कुछ दिखाना हो, तो उसके लिए सेना से ‘सहमतिपत्र’ लेना पडेगा, ऐसा घोषित किया गया । सरकार को ‘ओटीटी प्लैटफॉर्म’को भी परिनिरीक्षण विभाग के नियंत्रण में लाना पडा ।

२. ‘मलबार गोल्ड एन्ड डाइमंड्स’ ने अक्षय्य तृतीया के दिन ही एक विज्ञापन प्रसारित किया था, जिसमें अभिनेत्री करीना कपूर-खान को माथे पर बिंदीरहित दिखाया गया था । इसके विरुद्ध #NoBindiNoBusiness इस ‘हैशटैग’ का उपयोग कर एक ट्रेंड लिया गया । संगठित हिन्दुओं द्वारा इसका विरोध किए जाने पर ‘मलबार गोल्ड एंड डाइमंड्स’ ने करीना कपूर-खान का विज्ञापन हटाकर उसके स्थान पर अभिनेत्री तमन्ना भाटिया का माथे पर बिंदी लगाया हुआ विज्ञापन प्रसारित करना पडा ।

३. ‘गूगल प्ले स्टोअर’ पर ‘रमी गणेश प्रो’ नाम से ताश का एक ऑनलाइन खेल (गेम) उपलब्ध करा दिया गया था । उसके कारण देवताओं का अनादर होने से हमने सामाजिक माध्यमों के द्वारा इसका विरोध किया । उसके लिए हमने ट्वीटर पर अभियान चलाया । उसके कारण ‘गूगल प्ले स्टोअर’ से यह खेल वापस लेना पडा ।

अधिवेशन की कुछ झलकियां…

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