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कलबुर्गी : श्राइन में शिवलिंग को दरगाह बताकर उर्स मनाने जुटे धर्मांधों ने शिवभक्तों पर किया पथराव

कर्नाटक के कलबुर्गी जिले के आलंद में साम्रदायिक तनाव की खबर है। यहां एक धर्मस्थल के अंदर शिवलिंग होने के चलते हिन्दू समाज के लोग महाशिवरात्रि के दिन (1 मार्च) वहां भजन और पूजा के लिए जमा हुए थे। इसी दिन इस जगह को लाडले मशक दरगाह बताने वाला मुस्लिम समुदाय यहां उर्स मनाने के लिए जमा हुआ था। इसी दौरान विवाद होने के चलते दोनों पक्ष कुछ घंटों के लिए आमने-सामने आ गए थे। इस मामले में पुलिस ने अब तक दोनों समुदायों के 165 लोगों पर केस दर्ज किया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार तनाव के दौरान मुस्लिम पक्ष ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की गाड़ियों पर पथराव किया। इस पत्थरबाजी की चपेट में केंद्रीय उर्वरक राज्य मंत्री भगवंत खूबा और स्थानीय भाजपा विधायक सुभाष गुट्टेदार भी आ गए थे। डिप्टी कमिश्नर की गाड़ी को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया गया। वो जैसे-तैसे सुरक्षित बाहर निकाले गए। जवाब में हिन्दू संगठनों ने भी पत्थर फेंके। बुधवार (2 मार्च) को पुलिस ने 10 महिलाओं सहित लगभग 167 लोगों को हिरासत में लिया है। इन सभी पर सरकारी सम्पत्ति सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाने और धारा 144 के उल्लंघन के आरोप हैं।

कलबुर्गी की पुलिस अधीक्षक ईशा पंत ने हालत को संभालने की कोशिश की। उन्होंने दोनों पक्षों से बात कर उन्हें समझाने की बहुत कोशिश की। इस दौरान दरगाह कमेटी ने गेट खोलने से मना कर दिया। इस दौरान दोनों में से कोई भी पक्ष अंदर श्राइन तक नहीं जा पाया।

हिन्दू संगठनों के अनुसार धर्मस्थल पहले शिव मंदिर था। बाद में वहां पर इस्लामी ताकतों ने दरगाह बना दी थी। जबकि मुस्लिम पक्ष उस दरगाह को सदियों पुराना बता रहे हैं। हर साल महाशिवरात्रि पर वहां गणाभिषेक कार्यक्रम होता है। दरगाह के अंदर ही मंदिर है जिसमें यह शिवलिंग मौजूद है। मंगलवार को हुई घटना के बाद श्रीराम सेना के प्रमुख प्रमोद मुतालिक, हिन्दू नेता चैत्रा कुन्दपुरा और संत सिद्धलिंगा स्वामी के कलबुर्गी में घुसने पर रोक लगा दी गई है। प्रमोद मुतालिक को शाहाबाद पुलिस ने जिले में घुसते समय रोक लिया है।

स्रोत : Opindia

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