हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों के विरोध के बाद बैंगलुरु रेलवे स्टेशन पर बनी अवैध मस्जिद को पुन: विश्रामस्थल में बदला

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हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों के विरोध के बाद क्रान्तिवीर सांगोली रायन्ना रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या पांच पर स्थित अवैध मस्जिद को 2 फरवरी 2022 को वापस कुलियों के विश्रामस्थल में बदल दिया गया है। रेलवे के अधिकारियों ने यह जानकारी दी। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें दावा किया गया था कि क्रांतिवीर संगोली रायन्ना बेंगलुरु सिटी रेलवे स्टेशन के भीतर एक मस्जिद है ।

रिपोर्ट्स के अनुसार, इस जगह पर हर समुदाय के कुलियों के लिए रेस्टरूम बना था। लेकिन 10 वर्ष पहले इस जगह को मस्जिद (नमाज पढ़ने की जगह) बना दिया गया। इसके बाद अन्य समुदाय के लोगों का यहाँ आना बंद कर दिया गया। अब ये जगह मस्जिद-ए-नूरानी नाम से पहचानी जाती थी।

वीडियो में दिखाया गया था कि नमाज पढऩे के हाल को हरे रंग में रंगा गया है और उसमें मुस्लिम नमाज पढ़ रहे हैं।  इस बात का विश्व हिन्दू परिषद, हिन्दू जनजागृति समिति, बजरंग दल आदी हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों ने विरोध कर यह अवैध कब्जा हटाने की मांग की थी । लोगों ने भी इसे रेलवे प्रशासन की लापरवाही बताया था ।

बेंगलुरु केएसआर रेलवे स्टेशन राज्य का एक खास स्टेशन है। इसके ईर्द- गिर्द कई मस्जिद हैं। ऐसे में प्लेटफॉर्म के भीतर नमाज के लिए अनुमति कैसे दी ?, यह प्रश्न जनता पूछ रही है ।

स्रोत : नवोदय टाइम्स


३१ जनवरी २०२२

बैंगलुरु रेल्वे स्टेशन पर कुलियों के लिए बनाए गए विश्राम स्थल को बनाया गया नमाज स्थल

हिन्दू जनजागृति समिति तथा अन्य हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों ने रेलवे बोर्ड से की कार्रवाई की मांग

अब रेल्वे स्टेशन पर भी लैंड जिहाद !

इसकी अनुमती किसने दी ? अतिक्रमण होने तक रेल्वे प्रशासन क्या सो कर रहा था ? – सम्पादक, हिन्दुजागृति

बेंगलुरू : सोशल मीडिया पर बेंगलुरू रेलवे स्टेशन के एक वायरल वीडियो को लेकर सोमवार को हिन्दू जनजागृति समितिद्वारा विरोध  दर्ज कराया गया। इस वीडियो के अनुसार, बेंगलुरु स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या 5 पर स्थित पोर्टर रूम (कुलियों के आराम के लिए बनाया गया कमरा) में नमाज पढने की व्यवस्था की गई है । बता दें कि कमरे के एक हिस्से को, जंहा नमाज पढी जाती है, अलग से घेरा गया था।

तत्काल कार्रवाई करने की मांग

वीडियो के वायरल होने पर रेलवे से प्रेस द्वारा जानकारी मांगे जाने पर रेलवे ने अब तक कोई जवाब नहीं दिया है। सोमवार को हिन्दू जनजागृति समिति ने इस मामले का विरोध करते हुए रेलवे अधिकारियों से मुलाकात की और तत्काल कार्रवाई करने की मांग की। बातचीत के लिए उपलब्ध अधिकारियों ने इस विषय की पडताल कर उचित कार्रवाई की बात कही है। सूत्रों के अनुसार, इस तरह की व्यवस्था रेलवे स्टेशन पर सालों से है किंतु किसी ने इसका अब तक विरोध दर्ज नहीं किया था।

हिन्दू जनजागृति समिति के प्रवक्ता मोहन गौडा ने कहा, यदि 7 दिनों के अंदर इस मामले पर उचित कार्रवाई नहीं होती है तो वो इस मुद्दे को लेकर  समिति आंदोलन  करेंगी। यह एक बहुत ही गंभीर मुद्दा है और राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से खतरा है। बेंगलुरु केएसआर रेलवे स्टेशन राज्य का एक महत्वपूर्ण स्टेशन है। रेलवे स्टेशन के आसपास भले ही कई मस्जिदें हैं, लेकिन प्लेटफॉर्म पर नमाज अदा करने की अनुमती देना एक षड्यंत्र लगता है। पत्र में कहा गया है कि, रेलवे स्टेशन के अंदर नमाज पढने की अनुमति देने से इस जगह को मस्जिद में बदलने की मांग की संभावना हो सकती है।

‘बेंगलुरु को आतंकवादी गतिविधियों का ठिकाना बना दिया गया’

पत्र में आगे कहा है कि, बेंगलुरु को आतंकवादी गतिविधियों का ठिकाना बना दिया गया है, यह दर्शाता है कि राष्ट्रीय जांच अधिकारियों (एनआईए) ने पश्चिम बंगाल के आदिल असदुल्ला को 2018 में बेंगलुरु छावनी स्टेशन से गिरफ्तार किया । 2019 में, NIA ने बेंगलुरु के मैजेस्टिक एरिया (जहां रेलवे स्टेशन स्थित है) से एक आतंकवादी, मोहम्मद अकरम को गिरफ्तार किया था । पुलिस ने बांग्लादेश के एक आतंकवादी, जमात-उल- मुजाहिदीन के सदस्य को गिरफ्तार किया था, जो बेंगलुरु में कॉटनपेट मस्जिद में छिपा था । पत्र में यह भी कहा गया है कि, यदि कोई कार्रवाई नहीं की गई तो कडा विरोध किया जाएगा ।

साथ ही, इस विषय में विश्व हिन्दू परिषद ने भी विरोध प्रकट कर रेल्वे अधिकारियों को ज्ञापन भेजकर यह अवैध कब्जा हटाने की मांग की है । श्री. विनोद बंसल ने अपने ट्विट द्वारा इसकी जानकारी दी ।

स्रोत : टीवी 9

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