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गोवा : श्री स्वामी समर्थ का अपमान करने वाला ‘प्रोटेस्टेंट बिलीवर्स’ से संबंधित संदिग्ध हणजूण पुलिस की हिरासत में

गोवा में श्री स्वामी समर्थ के संबंध में सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणियां किए जाने का मामला

म्हापसा– भारत के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र श्री स्वामी समर्थ के संबंध में सोशल मीडिया पर अत्यंत आपत्तिजनक, मानहानिकारक और अपमानजनक टिप्पणियां किए जाने के मामले में हणजूण पुलिस ने संदिग्ध संतोष लमाणी को हिरासत में लिया है। संतोष लमाणी ईसाई संप्रदाय के ‘प्रोटेस्टेंट बिलीवर्स’ समाज से संबंधित व्यक्ति बताया जा रहा है। संदिग्ध संतोष लमाणी मूल रूप से कर्नाटक का रहने वाला है और पिछले कुछ वर्षों से गोवा के वास्को में रह रहा है। श्री स्वामी समर्थ परिवार मठ के प्रतिनिधि ने यहां आयोजित एक पत्रकार परिषद में प्राथमिक जानकारी देते हुए बताया कि संदिग्ध संतोष लमाणी ‘प्रोटेस्टेंट बिलीवर्स’ से संबंधित है। इस पत्रकार परिषद में हणजूण पुलिस थाने के पुलिस अधिकारी तथा हिंदुत्वनिष्ठ संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

शिवोली स्थित श्री स्वामी समर्थ मठ में श्री स्वामी समर्थ की पूर्णाकृति प्रतिमा स्थापित की गई है। इस प्रतिमा का अनावरण गुरु पूर्णिमा के दिन किया गया था। ‘आमचे गोवा’ नामक फेसबुक पेज पर श्री स्वामी समर्थ की प्रतिमा के संबंध में जानकारी प्रसारित की गई थी। इस पोस्ट पर अनेक श्रद्धालुओं ने अपनी श्रद्धा व्यक्त की थी। इसी पोस्ट पर लमाणी सहित मिलानी मास्कारेन्हस, पर्पेच्युओ एंथनी डिकॉस्टा, एडविन फर्नांडिस, रिचर्ड रॉड्रिगीज, सिरिल फर्नांडिस, बेनेथ अफोंसो और जोकिम रॉड्रिगीज आदि कुछ व्यक्तियों द्वारा जानबूझकर उपहासात्मक एवं अपमानजनक टिप्पणियां किए जाने की बात सामने आई थी।

इसके बाद 30 जुलाई को संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध श्री स्वामी समर्थ परिवार मठ, हिंदू जनजागृति समिति तथा विभिन्न हिंदुत्वनिष्ठ संगठनों ने पुलिस में शिकायतें दर्ज कराई थीं और पुलिस को संदिग्धों को हिरासत में लेने के लिए 8 दिनों का समय दिया था। यह अवधि समाप्त होने से पहले ही हणजूण पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को हिरासत में लिया है।

धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सरकार को कठोर कानून बनाना आवश्यक!

संदिग्ध आरोपी को हिरासत में लिए जाने के बाद आयोजित पत्रकार परिषद में बोलते हुए शिवोली स्थित श्री स्वामी समर्थ परिवार मठ के प्रतिनिधि ने कहा, ‘‘संदिग्ध को हिरासत में लेने के लिए हणजूण पुलिस अभिनंदन की पात्र है। पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार इस मामले में अभी अन्य संदिग्धों को भी हिरासत में लिया जाना है। पुलिस द्वारा दी गई समय-सीमा से पहले ही संदिग्ध को हिरासत में लिया गया है। धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सरकार को इस संबंध में एक कठोर कानून बनाने की आवश्यकता है।’’


31 अगस्त

गोवा में श्री स्वामी समर्थ के संबंध में सोशल मीडिया पर कट्टरपंथी ईसाइयों द्वारा आपत्तिजनक टिप्पणियां

स्वामी समर्थ मठ ने दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की

हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा शिकायत दर्ज

शिवोली (गोवा) : भारत के लाखों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र श्री स्वामी समर्थ के बारे में सोशल मीडिया पर अत्यंत आपत्तिजनक, अपमानजनक और मानहानिकारक टिप्पणियां करने वालों के विरुद्ध तत्काल एवं कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए, ऐसी मांग श्री स्वामी समर्थ मठ ने की है।

शिवोली स्थित श्री स्वामी समर्थ मठ में श्री स्वामी समर्थ की पूर्णाकृति प्रतिमा स्थापित की गई है। इस प्रतिमा का अनावरण गुरु पूर्णिमा के अवसर पर किया गया था। इसके संबंध में ‘आमचे गोवा’ नामक फेसबुक पेज पर एक पोस्ट प्रकाशित की गई थी। जहां अनेक श्रद्धालुओं ने अपनी श्रद्धा व्यक्त की, वहीं कुछ कट्टरपंथी ईसाई व्यक्तियों द्वारा जानबूझकर आपत्तिजनक, व्यंग्यात्मक और अपमानजनक टिप्पणियां किए जाने का मामला सामने आया है।

इस संबंध में हिंदू जनजागृति समिति ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में मिलानी मस्कारेन्हस, परपेच्युओ एंथनी डीकोस्टा, एडविन फर्नांडिस, रिचर्ड रोड्रिग्स, सिरिल फर्नांडिस, बेनेथ अफोंसो और जोकिम रोड्रिग्स का उल्लेख किया गया है। आरोप है कि इन व्यक्तियों ने श्री स्वामी समर्थ के बारे में अत्यंत निम्न स्तर की और आपत्तिजनक टिप्पणियां की हैं।

समिति का कहना है कि इन टिप्पणियों से लाखों स्वामीभक्तों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं तथा समाज में वैमनस्य और शांति भंग होने की आशंका उत्पन्न हो सकती है। शिकायत के साथ इन सभी आपत्तिजनक टिप्पणियों के स्क्रीनशॉट भी साक्ष्य के रूप में पुलिस को सौंपे गए हैं।

समिति ने स्पष्ट किया है कि कानून के शासन वाले धर्मनिरपेक्ष समाज में पूजनीय संतों का बार-बार इस प्रकार अपमान स्वीकार नहीं किया जा सकता। इसलिए पुलिस इस मामले को गंभीरता से लेते हुए दोषियों के विरुद्ध तत्काल और कठोर कानूनी कार्रवाई करे।

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