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नेपाल हिंसा : अब तक ३ हिन्दुओं की मृत्यु, सीमा से जुड़े ६ जिलों में कर्फ्यू

काठमांडू (नेपाल) – नेपाल के कोशी प्रांत के सुनसरी जिले में कांवड यात्रा के समय लाउडस्पीकर की ध्वनि को लेकर कुछ दिनों पूर्व मुसलमानों द्वारा किए गए आक्रमण के पश्चात् हुई हिंसा में पुलिस ने गोलीबारी की । इसमें अब तक ओमप्रकाश मेहता तथा १५ वर्षीय गणेश यादव सहित ३ हिन्दुओं की मृत्यु हो चुकी है । यह हिंसा अभी तक शांत नहीं हुई है तथा मधेश प्रांत के सिरहा, धनुषा, पर्सा, सप्तरी एवं बीरगंज जिलों तक फैल चुकी है । स्थिति को नियंत्रण से बाहर होते देख नेपाल प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में अनिश्चितकाल के लिए कर्फ्यू लागू कर दिया है तथा नेपाल पुलिस, सशस्त्र पुलिस बल एवं नेपाल सेना को सतर्क रहने का आदेश दिया है । प्रधानमंत्री बालेन शाह ने देश को सम्बोधित करते हुए शांति एवं धार्मिक सद्भाव बनाए रखने का आह्वान किया है तथा घटना की निष्पक्ष जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित करने का निर्देश दिया है ।

सीमावर्ती जिलों में कडा सुरक्षा प्रबंध

भारत-नेपाल सीमा (विशेष रूप से बिहार राज्य) से लगे सुनसरी, पर्सा, धनुषा तथा सिरहा जिले व्यापारिक दृष्टि से संवेदनशील माने जाते हैं । जनकपुरधाम, गोलबाजार, लहान, बीरगंज, राजविराज एवं बोदे बरसाइन जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में नागरिकों के आवागमन पर पूर्णतः प्रतिबंध लगा दिया गया है । कर्फ्यू एवं मुख्य मार्ग बंद होने के कारण सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था अस्त-व्यस्त हो गई है । भारत-नेपाल सीमा मार्ग पर अत्यंत कडा सुरक्षा बल तैनात किया गया है । संवेदनशील क्षेत्रों में सेना द्वारा फ्लैग मार्च (ध्वजसंचलन) किया जा रहा है तथा हेलिकॉप्टर से हवाई निगरानी रखी जा रही है ।

बालेन शाह सरकार पर आलोचना

इस भीषण हिंसाचार के पश्चात् नेपाल की बालेन शाह सरकार की तीव्र आलोचना हो रही है । समय रहते राजनीतिक एवं प्रशासनिक कदम न उठाने के कारण ही यह हिंसा ६ नगरों में फैली, ऐसा आरोप पूर्व प्रधानमंत्री पुष्पकमल दहाल तथा मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने लगाया है ।

हिन्दुओं द्वारा मृतकों को ‘हुतात्मा’ (पहचान) का स्थान देने की मांग

देवानगंज ग्रामीण नगरपालिका ने पुलिस गोलीबारी में मारे गए स्थानीय निवासियों को स्थानीय स्तर पर ‘हुतात्मा’ (शहीद) घोषित किया है तथा नेपाल सरकार से उन्हें आधिकारिक हुतात्मा दर्जा देने एवं प्रत्येक परिवार को १०-१० लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान करने की मांग की है ।


28 जलाई

नेपाल में जिहादियों द्वारा हिन्दुओं पर आक्रमण : पुलिस की गोलीबारी में एक हिन्दू युवक की मृत्यु

काठमांडु (नेपाल) –नेपाली कैलेंडर के अनुसार सावन की शुरुआत के साथ ही शिव भक्त पिंडेश्वर और बाबा बैद्यनाथ धाम की बोलबम यात्रा की तैयारी में जुटे थे। बहुत से श्रद्धालु हर साल नेपाल से देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम मंदिर में जल चढ़ाने आते हैं। इसी की तैयारी चल रही थी, तभी भारत-नेपाल सीमा के पास सुनसरी जिले के कप्तानगंज में धार्मिक झंडे और डीजे बजाने को लेकर दो समुदायों के बीच विवाद छिड गया, जिसके बाद हिंसा को प्रारंभ हुआ। इस सांप्रदायिक हिंसा के समय पुलिस द्वारा की गई गोलीबारी में एक हिन्दू युवक की मृत्यु हो गई, जबकि हिंसा में पुलिसकर्मियों सहित अनेक लोग घायल हो गए । घटना के पश्चात प्रशासन ने कुछ क्षेत्रों में अनिश्चितकाल के लिए प्रतिबंध लागू कर दिए हैं ।

पुलिस के अनुसार, २६ जुलाई की रात देवगंज ग्रामीण नगरपालिका के कप्तानगंज क्षेत्र में हिन्दू तथा मुसलमान समुदायों द्वारा अलग-अलग धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए थे । इस समय लाउडस्पीकर के उपयोग तथा धार्मिक ध्वज लगाने को लेकर दोनों पक्षों के मध्य विवाद निर्माण हो गया, जो बाद में हिंसक झडप में बदल गया ।

स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास में सुरक्षा बलों ने गोलीबारी की, जिसमें २४ वर्षीय ओम प्रकाश मेहता की मृत्यु हो गई ।

सुनसरी जिला नेपाल के दक्षिण-पूर्वी भाग में स्थित है तथा भारत के बिहार राज्य की सीमा से लगा हुआ है । यह क्षेत्र दोनों देशों के मध्य व्यापार एवं परिवहन की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण मार्ग माना जाता है ।

स्रोत : हिंदी सनातन प्रभात

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