
काठमांडु (नेपाल) –नेपाली कैलेंडर के अनुसार सावन की शुरुआत के साथ ही शिव भक्त पिंडेश्वर और बाबा बैद्यनाथ धाम की बोलबम यात्रा की तैयारी में जुटे थे। बहुत से श्रद्धालु हर साल नेपाल से देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम मंदिर में जल चढ़ाने आते हैं। इसी की तैयारी चल रही थी, तभी भारत-नेपाल सीमा के पास सुनसरी जिले के कप्तानगंज में धार्मिक झंडे और डीजे बजाने को लेकर दो समुदायों के बीच विवाद छिड गया, जिसके बाद हिंसा को प्रारंभ हुआ। इस सांप्रदायिक हिंसा के समय पुलिस द्वारा की गई गोलीबारी में एक हिन्दू युवक की मृत्यु हो गई, जबकि हिंसा में पुलिसकर्मियों सहित अनेक लोग घायल हो गए । घटना के पश्चात प्रशासन ने कुछ क्षेत्रों में अनिश्चितकाल के लिए प्रतिबंध लागू कर दिए हैं ।
हिन्दुओं के लिए नया पाकिस्तान बन रहा नेपाल,
मुस्लिम भीड़ ने हमला कर के मार डाला एक सनातनी को,
नेपाली पुलिस का भी जोर सिर्फ जय श्री राम कहने वालों पर,
सुनसरी जिले में जब होने लगा पटलवार तक प्रशासन ने लगा दिया कर्फ्यू..
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पुलिस के अनुसार, २६ जुलाई की रात देवगंज ग्रामीण नगरपालिका के कप्तानगंज क्षेत्र में हिन्दू तथा मुसलमान समुदायों द्वारा अलग-अलग धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए थे । इस समय लाउडस्पीकर के उपयोग तथा धार्मिक ध्वज लगाने को लेकर दोनों पक्षों के मध्य विवाद निर्माण हो गया, जो बाद में हिंसक झडप में बदल गया ।
स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास में सुरक्षा बलों ने गोलीबारी की, जिसमें २४ वर्षीय ओम प्रकाश मेहता की मृत्यु हो गई ।
सुनसरी जिला नेपाल के दक्षिण-पूर्वी भाग में स्थित है तथा भारत के बिहार राज्य की सीमा से लगा हुआ है । यह क्षेत्र दोनों देशों के मध्य व्यापार एवं परिवहन की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण मार्ग माना जाता है ।
स्रोत : हिंदी सनातन प्रभात








