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१५ अगस्त को राष्ट्रध्वज का होनेवाला अनादर रोकने के लिए कृति समिति की स्थापना करें ! – हिन्दू जनजागृति समिति की मांग

हिन्दू जनजागृति समिति का ‘राष्ट्रध्वज का सम्मान करें, अभियान’ !

वाराणसी में जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन !

पुलिस एवं प्रशासन को ऐसे ज्ञापन क्यों प्रस्तुत करने पड़ते है ? सरकार स्वयं ही इस पर कोई कृति क्यों नहीं करती ? – संपादक, दैनिक सनातन प्रभात

अपर नगर न्यायदंडाधिकारी (तृतीय) को ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए राष्ट्राभिमानी

वाराणसी : १५ अगस्त के दिन राष्ट्रध्वज का होनेवाला अनादर रोकने के संदर्भ में मुंबई उच्च न्यायालय के आदेश के पालन करने के लिए एक कृति समिति की स्थापना की जाए एवं उसमें सामाजिक संस्थाओं को सहभागी कर लिया जाए, इस मांग को लेकर हिन्दू जनजागृति समिति की ओर से अपर नगर न्यायदंडाधिकारी (तृतीय) के माध्यम से जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन प्रस्तुत किया गया।

पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए राष्ट्राभिमानी

इस अवसर पर विश्‍व सनातन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री. अनिल सिंह सोनू, इंडिया विथ विजडम् समूह के अध्यक्ष अधिवक्ता श्री. कमलेशचंद्र त्रिपाठी, हिन्दू जागरण मंच के अध्यक्ष श्री. रवी प्रताप श्रीवास्तव, हिन्दू युवा शक्ति के महामंत्री श्री. शुभम् मिश्रा, कलेक्ट्रेट राजस्व बार के महामंत्री श्री. कमलेंद्रकुमार सिंह, हिन्दू जनजागृति समिति के श्री. राजन केसरी, अधिवक्ता श्री. अवनीश राय, अधिवक्ता श्री. विकास तिवारी, अधिवक्ता श्री. चंदन त्रिपाठी, अधिवक्ता श्री. विनोदकुमार पटेल एवं अन्य राष्ट्राभिमानी उपस्थित थे।

समिति विगत १६ वर्षों से राष्ट्रध्वज का सम्मान करें अभियान चला रही है। इस ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रध्वज का अनादर रोकने के लिए विज्ञप्ति, फलक, विज्ञापन आदि के माध्यम से जागृति की भी मांग की गई। साथ ही प्लास्टिक के राष्ट्रध्वज बनानेवालों के विरोध में कार्रवाई की मांग की गई। समिति को विद्यालयों में इस विषय पर प्रश्‍नोत्तरी प्रतियोगिता लेना, साथ ही चित्रपट-गृह एवं केबल वाहिनियोंपर इस विषय पर बनाई गई ध्वनिचित्र चक्रिका प्रसारित करने की अनुमति देने की भी मांग की गई।

वर्ष २०११ में समितिद्वारा राष्ट्रध्वज के अनादर के विषय में मुंबई उच्च न्यायालय में याचिका प्रविष्ट की गई थी। उस पर न्यायालय ने अपने आदेश में इसके लिए शासन की ओर से एक कृति समिति की स्थापना करने एवं उसमें सामाजिक संस्थाओं को सम्मिलित कर लेने के लिए कहा था, साथ ही केंद्र एवं राज्य गृह विभाग और शिक्षा विभाग को भी इस संदर्भ में एक आदेश भी जारी किया था।

स्त्रोत : दैनिक सनातन प्रभात

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