स्वतंत्रता संग्रामके सेनानी

बिपिन चन्द्र पाल, “एक महान राष्ट्रवादी दिव्यद्रष्टा”

बिपिन चंद्र पाल को भारत में ‘क्रांतिकारी विचारों का जनक’ और महान स्वतंत्रता सेनानियों में से एक के रूप में जाना जाता है। वह एक महान देशभक्त, वक्ता, पत्रकार और वीर योद्धा थे जिसने भारत की स्वतंत्रता के लिए अंतिम समय तक संघर्ष किया। Read more »

अन्यायी ब्रिटिशों के विरोध में विद्रोह करनेवाले आद्य क्रांतिकारी वासुदेव बलवंत फडके !

ब्रिटिश शासन के अन्याय के विरोध में विद्रोह करनेवाले वासुदेव बलवंत फडके आद्यक्रांतिकारी थे । उन्होने युवकों का संघटन बनाकर सशस्र क्रांती का मार्ग अपनाके ब्रिटिश शासन को ललकारा ।
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सहिष्णु, दृढनिश्चयी एवं पराक्रमी क्रांतिकारी : अनंतराव कान्हेरे

हुतात्मा अनंत कान्हेरे हिंदुस्थानके स्वतंत्रता संग्राममें अनेक देशभक्तोंने अपने प्राणोंका बलिदान देकर स्वतंत्रता संग्रामका हवनमकुंड प्रज्वलित रखा । १८ वर्षकी आयुमें अनंत कान्हेरेने देशकी स्वतंत्रता हेतु अपने प्राण त्याग दिए ; ऐसे ही कई युवकोंके समर्पणसे ही आज हम स्वतंत्रताका आनंद ले रहे हैं । Read more »

क्रांतिवीर बाबाराव सावरकर

जीवनभर देशहितके लिए प्राणपनसे अविश्रांत परिश्रम करनेवाले क्रांतिवीर बाबाराव सावरकर, जीवनगाथा अर्थात राष्ट्रके लिए चंदन समान अपना जीवन त्यागनेवाले एक महान देशभक्तकी स्फूर्तिदायी कथा है !
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निर्भय और वीर देशभक्त कन्हैयालाल दत्त !

हिंदुस्थानकी स्वतंत्रताके लिए आत्मसमर्पण करनेवाले दो निर्भय देशभक्त कन्हैयालाल दत्त एवं सत्येंद्रनाथ बोस|स्वतंत्रता संग्राममें सहभागी ज्ञात-अज्ञात वीरोंद्वारा की गई बलिदानकी सार्थकताको हमें सावधानीसे संजोए रखना चाहिए । यही वास्तविक रूपमें उन्हें श्रद्धांजली होगी ।’ Read more »

नागा सम्राज्ञी रणरागिणी गाइदिन्ल्यू !

आदिवासियोंके परंपरागत अस्त्रशस्त्रोंकी सहायतासे बलवान अंग्रेज सेनाके साथ संघर्ष कर उनकी ‘नाकमें दम किया’ । इस असाधारण स्वतंत्रता प्रेमी युवतिका नाम था ‘गायडिनलू’ । जनता प्रेमादरसे ‘नागारानी’ कहकर संबोधती थी । Read more »

हुतात्मा बाल क्रांतिकारी

‘अगस्त १९४२ में ‘चले जाव’ आंदोलन पूरे देशमें आरंभ हुआ । इस आंदोलनमें पाठशालाके बच्चोंने भी सक्रीय सहयोग दिया, तो किसीने इस समय क्रांतिकार्य किया । Read more »

क्षात्रवीर मंगल पांडे

१८५७ के स्वतंत्रता संग्रामका पहला क्षात्रवीर मंगल पांडे ! वे क्रांतिदलके सदस्य थे । स्वतंत्रतालक्ष्मीको प्रसन्न करनेके उन्होंने अपना जीवनपुष्प देवी भगवतीके चरणोंपर अर्पण किया । Read more »

कॅप्टन लक्ष्मी सहगल !

ब्रह्मदेशकी सीमापर आधुनिक अस्त्र-शस्त्रोंसे युक्त सेनाको १६ घंटोंतक लडनेके लिए विवश कर नेताजी सुभाषचंद्रजीको दूरतक भाग निकलनेका अवसर प्राप्त करवानेवाली कॅप्टन लक्ष्मी स्वामीनाथन् ! Read more »

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