हिंदुत्वनिष्ठ संगठनोंको समूल नष्ट करना ही सत्ताधारियोंका मुख्य उद्देश्य होनेके कारण वह साध्य न होने देना, सर्व हिंदुत्वनिष्ठ संगठनोंका प्रथम धर्मकर्तव्य है । ऐसे प्रसंगोंमें…
शिवाजी महाराजका छायाचित्रवाली सनातन बहीके वितरणसे समाजमें जातीय दुश्मनी उत्पन्न होनेकी संभावना है, इस प्रकारके परिवादको लेकर चलाया जानेवाला अभियोग केरलके कासारगौडके न्यायालयद्वारा निरस्त किया…
शासन,पुलिस,न्यायव्यवस्था, प्रसारमाध्य ये चार स्तम्भ खोकले होने से देश की उनत्ती रुक गयी है
भारतीय जनता दलके ज्येष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणीद्वारा १० जूनको दलके सर्व पदोंका त्यागपत्र दिया गया ।
हिंदू राष्ट्रकी स्थापनाके लिए किए जानेवाले प्रयत्नोंके लिए सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण चरणके रूपमें इस अधिवेशनका इतिहासमें उल्लेख होगा ! इस अधिवेशनका उद्देश्य १०० प्रतिशत सफल हुआ…
राष्ट्र, तथा धर्मपर १० पुस्तकोंका लेखन; प्रबोधन, प्रवचन, व्याखानोंके माध्यमसे; सत्य तथा ज्वलंत इतिहास समझानेके माध्यमसे ज्येष्ठ पत्रकार एवं प्रा. दुर्गेश परुळकर राष्ट्रकार्य कर रहे…
तीर्थक्षेत्रोंका विकास करना शासनका कर्त्तव्य है; किंतु यह विकास तीर्थक्षेत्रके अनुसार हो । तीर्थक्षेत्रमें त्यागवृत्ति देखी जाती है; तथा भोगवादकी अपेक्षा साधना करनेवाला समाज अधिक…
कीर्तनकार एवं प्रवचनकारोंको केवल कीर्तन ही करके नहीं रुकना चाहिए, अपितु प्रसंगानुरूप शौर्यको प्रोत्साहन देनेवाले उपक्रम भी चलाने चाहिए ।
शास्त्रको छोडकर हिंदू और धर्म ये दो शब्द रह ही नहीं सकते । हिंदू धर्म शास्त्रपर आधारित है । वेद अपौरूषेय हैं ।
अधिवेशनमें सहभागी हुए २१ राज्योंके हिंदुत्ववादी संगठनोंके २५० से भी अधिक पदाधिकारियोंने भारतको हिंदू राष्ट्र बनाने हेतु राष्ट्रव्यापी हिंदूसंगठनका समान कृति योजना निश्चित की ।
