हिन्दू धर्म के पवित्र और शुद्ध स्वरूप पर हो रहे हैं आघात ! – चक्रवर्ती सुलीबेले, संस्थापक, युवा ब्रिगेड

बंटवाल (कर्नाटक) – होली का उत्सव हो अथवा दिवाली हो, हिन्दुओं की संस्कृति पर होनेवाले आक्रमणों का सामना करना पड रहा है । इस आक्रमण के माध्यम से हिन्दू धर्म के पवित्र और शुद्ध तत्त्व पर (स्वरूप पर) आघात हो रहे हैं, ऐसे विधान ‘युवा ब्रिगेड’ के संस्थापक श्री. चक्रवर्ती सुलीबेले ने किए । बंटवाल में स्पर्श कलामंदिर में हिन्दू जनजागृति समिति की ओर से प्रांतीय हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन संपन्न हुआ । वे इस अवसर पर बोल रहे थे । इस अधिवेशन का उद्घाटन अदामरू मठ के श्री ईशाप्रियातीर्थ स्वामीजी, सनातन संस्था के धर्मप्रचारक पू. रामानंद गौडा, कर्नाटक उच्च न्यायालय के अधिवक्ता कृष्णमूर्ती, श्री. चक्रवर्ती सुलीबेले, उद्योजक श्री. एम्.जे. शेट्टी और समिति के कर्नाटक राज्य समन्वयक श्री. गुरुप्रसाद के हस्तों दीपप्रज्वलन किया गया । इस अधिवेशन के लिए ८०० राष्ट्रप्रेमी और धर्मप्रेमियों के साथ हिन्दुत्वनिष्ठ उपस्थित थे ।

इस अधिवेशन में ‘हिन्दू राष्ट्र : आक्षेप एवं खंडन’ तथा ‘उत्सव मनाने की योग्य पद्धति और धर्मग्रंथ’ इन २ ‘ई-बुक’ का मान्यवरों के हस्तों प्रकाशन किया गया ।

राष्ट्र एवं धर्म के विषय के प्रकरणों में अधिवक्ताओं को साहसी और निर्णयात्मक कृति करना आवश्यक ! – अधिवक्ता कृष्णमूर्ती

हमें अपना स्वार्थ छोडकर हिन्दू राष्ट्र की स्थापना के लिए सभी हिन्दू संगठनों को एकत्र कर, उद्देश्य साध्य करने के लिए लडना चाहिए । यह करने के लिए हमें न्यायव्यवस्था को समझकर, उसका परिणामकारक ढंग से उपयोग करना चाहिए । राष्ट्र और धर्म के विषय के प्रकरणों में अधिवक्ताओं को साहसी और निर्णयात्मक कृति करनी चाहिए ।

हिन्दू धर्म की सुरक्षा करना, हमारा दायित्व है ! – चक्रवर्ती सुलीबेले
प्रसिद्धीमाध्यमों द्वारा हिन्दुओं की परंपराओं की खिल्ली उडाई जा रही है, इसके साथ ही लाखों लोगों के श्रद्धास्थान ऐसे हिन्दुओं की धार्मिक संस्थाओं पर आधारहीन आरोप किए जा रहे हैं; परंतु हिन्दू समाज जब जागृत होता है, तब उसके विरोध में कोई भी शक्ति खडी नहीं रह सकती । संतों पर आरोप करने के साथ ही उन पर आक्रमण किए जा रहे हैं । साम्यवादी विचारधारा के लोग हिन्दुओं को विभाजित करने के लिए जातपात, धर्मविषयी वर्णभेद का सिद्धांत उपयोग कर रहे हैं । विदेशी शक्तियों द्वारा विशेषरूप से अमेरिका द्वारा की जा रही राष्ट्रविरोधी कार्रवाईयां और धर्मपरिवर्तन में हिन्दू धर्मीय फंस रहे हैं । इस पर एकमेव उपाय अर्थात अपने हिन्दू धर्म की रक्षा करना, यह हमारा उत्तरदायित्व है, यह समझना चाहिए । हिन्दू धर्म की रक्षा के लिए सर्वस्व का त्याग करने की अपनी तैयारी चाहिए ।








