
महाराष्ट्र धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम, 2026 (धर्मांतरण विरोधी कानून) जैसे ऐतिहासिक विधेयक को माननीय राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने पर हिंदू जनजागृति समिति और सभी समान विचारधारा वाले हिंदुत्वनिष्ठ संगठनों की ओर से राज्य सरकार का हार्दिक अभिनंदन! धोखे से प्यार के जाल में फंसाकर किए जाने वाले धर्मांतरण के गंभीर संकट को पहचानते हुए, वर्ष 2006 में हिंदू जनजागृति समिति ने ‘लव जिहाद’ विषय पर देश की पहली पुस्तक प्रकाशित कर महाराष्ट्र में इस संबंध में कानून की सबसे पहली आधिकारिक मांग मजबूती से उठाई थी। बाद में यह पुस्तक 11 भाषाओं में प्रकाशित हुई। जिस समय कोई भी इस विषय पर बात नहीं कर रहा था, तब समिति ने ‘हिंदू राष्ट्र-जागृति सभा’ और ‘वैश्विक हिंदू राष्ट्र महोत्सव’ जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों के माध्यम से इस कानून की आवश्यकता को अत्यंत अध्ययनपूर्ण तरीके से देश भर में स्थापित किया। इसके बाद धरातल पर प्रयास शुरू हुए।
पिछले दो दशकों में रक्षाबंधन, गणेशोत्सव और नवरात्रि जैसे उत्सवों के दौरान चलाए गए जनजागृति अभियान, सैकड़ों विधायकों को दिए गए ज्ञापन, और सबसे महत्वपूर्ण, पूरे महाराष्ट्र में निकाले गए विशाल हिंदू मोर्चों और आंदोलनों ने इस कानून के पक्ष में जनभावना का अभूतपूर्व ज्वार पैदा किया। सभी हिंदुत्वनिष्ठ संगठनों के इस निरंतर संघर्ष और जनभावना का उचित संज्ञान लेते हुए, इस कठोर कानून को लागू करने के लिए हम सरकार का आभार व्यक्त करते हैं। अब हमारी यही अपेक्षा है कि राज्य में इस कानून का अत्यंत प्रभावी और कठोरता से क्रियान्वयन किया जाए।








