
ढाका (बांग्लादेश): बांग्लादेश उच्च न्यायालय ने इस्कॉन के नेता चिन्मय कृष्ण दास को उनके विरुद्ध दर्ज 4 मामलों में से 2 मामलों में जमानत दे दी है। शेष 2 मामलों में दायर जमानत याचिकाओं पर सुनवाई के लिए न्यायालय ने 16 अगस्त की तारीख निर्धारित की है।
चिन्मय कृष्ण दास के विरुद्ध हत्या के प्रयास, तोड़फोड़, सरकारी कार्य में बाधा डालने सहित विभिन्न आरोपों के तहत 4 मामले दर्ज हैं। इससे पहले गत वर्ष 30 अप्रैल को उच्च न्यायालय ने उन्हें देशद्रोह के एक मामले में जमानत प्रदान की थी; हालांकि बाद में बांग्लादेश के सर्वोच्च न्यायालय की अपील पीठ ने उस आदेश पर रोक लगा दी थी।
Bangladesh’s High Court has granted bail to Hindu monk and minority rights leader Chinmoy Krishna Das in two criminal cases, but his release remains unlikely due to four other pending cases. Das, arrested in November 2024, continues to face charges including sedition and murder.… pic.twitter.com/3EsMoiJcgB
— IndiaToday (@IndiaToday) August 3, 2026
तस्लीमा नसरीन ने क्या कहा?
कोलकाता में पत्रकारों से बातचीत करते हुए बांग्लादेशी लेखिका तस्लीमा नसरीन ने कहा, “सरकार ने उन्हें क्यों गिरफ्तार किया, यह हमें नहीं पता। मेरा मानना है कि वे बांग्लादेश के हिंदू समुदाय को संगठित कर रहे थे और संभवतः यही उनकी गिरफ्तारी का कारण बना।”








