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जोधपुर (राजस्थान) : न्यायाधीशों के बंगले, विद्यालय, मंदिर आदि को दिखाया ‘वक्फ संपत्ति’

राजस्थान उच्च न्यायालय ने समाचार पत्र की रिपोर्ट का संज्ञान लेते हुए स्वयं जनहित याचिका प्रविष्ट कर की सुनवाई

जोधपुर (राजस्थान) – जोधपुर में न्यायाधीशों के सरकारी भवन, विद्यालय, कॉलेज, मंदिर एवं कई अन्य सार्वजनिक व निजी संपत्तियों को सरकारी कागदपत्रों (दस्तावेजों) में ‘वक्फ संपत्ति’ के रूप में प्रविष्ट किए जाने के समाचार प्रकाशित हुए थे । उस समाचार पर राजस्थान उच्च न्यायालय ने स्वतः संज्ञान लेते हुए इस पर एक जनहित याचिका प्रविष्ट की है । एक समाचार पत्र की रिपोर्ट में आरोप लगाया गया था कि राजस्व रिकॉर्ड (रेवेन्यू रिकॉर्ड) में अलग जानकारी होने के उपरांत भी कई बडी संपत्तियों को वक्फ विलेख (डीड) में समाहित किया गया एवं ‘उम्मीद पोर्टल’ वेबसाइट पर ‘वक्फ संपत्ति’ के रूप में पंजीकृत कर दिया गया ।

१. न्यायालय ने इस पर कहा कि राजस्व रिकॉर्ड में स्थिति पूरी तरह से भिन्न होने के उपरांत भी, वक्फ रिकॉर्ड में शैक्षिक संस्थानों, प्रार्थना स्थलों, न्यायाधीशों के आवासों एवं कई आवासीय तथा व्यावसायिक संपत्तियों को सम्मिलित करना, प्रथम दृष्टया चिंता का विषय है । यह चिंता स्वामित्व अधिकारों या नियंत्रण से जुडे व्यक्तिगत विवादों से कहीं परे है ।

२. न्यायालय ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए निर्देश दिया कि खसरा नंबर ४८२, ४८५ और ४९० के अंतर्गत आनेवाली संपत्तियों तथा समाचारों में बताई गई संपत्तियों के स्वामित्व अधिकारों एवं कानूनी स्थिति को लेकर यथास्थिति (status quo) बनाए रखी जाए । साथ ही, न्यायालय ने विवादित प्रविष्टियों के आधार पर किसी भी प्रकार के नामांतरण (म्यूटेशन), हस्तांतरण, लीज पर देने, लाइसेंस, निर्माण, तोडफोड या ऐसी किसी भी कार्रवाई पर रोक लगा दी, जिससे उनकी भौतिक या कानूनी स्थिति में कोई परिवर्तन आए ।

वक्फ संपत्ति बताए गए प्रमुख भवन/संपत्तियां 

सोहनलाल मनिहार स्कूल, शाह गोवर्धनलाल काबरा कॉलेज, काबरा मातृश्री कला मंदिर, अग्रवाल बगीचा, अग्रवाल महावीर मंदिर, सतगुरु कबीर आश्रम, गौरीश्वर महादेव मंदिर, मारू लोहार सिकलीगर मंदिर, जूनागढ ज्ञाति बगीचा, दो ज्ञाति भवन, गीता भवन, राजस्थान उच्च न्यायालय के वर्तमान न्यायाधीश न्यायमूर्ति विनीत कुमार माथुर एवं झारखंड के पूर्व मुख्य न्यायाधीश प्रकाश तातिया का सरकारी आवास ।

संपादकीय टिप्पणी
वक्फ बोर्ड की ओर से इस प्रकार की धोखाधडी से भूमि हडपने की घटना नई नहीं है । इससे पहले भी ऐसे प्रकरण सामने आ चुके हैं । जनता की यही मांग है कि न्यायालयों को इस संदर्भ में देशव्यापी आदेश देकर ऐसी सभी भवनों/संपत्तियों को वक्फ संपत्ति से मुक्त करने का निर्देश दें !
— संपादक, हिंदू जनजागृति समिति
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