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खेल केंद्र को क्रूरकर्मी टीपू सुल्तान का नाम देने का पाप सरकार अपने माथे पर न ले – हिन्दू जनजागृति समिति

हिन्दू जनजागृति समिति सहित विविध हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों का मुख्यमंत्री से ज्ञापन के माध्यम से आवाहन !

मुंबई : हिन्दुओं पर अमानवीय अत्याचार करनेवाले क्रूरकर्मी टीपू सुल्तान का नाम उद्यान को दिया, तो भविष्य में ऐसे अन्य स्थानों को औरंगजेब, बाबर, खिलजी, मोहम्मद गजनी, मोहम्मद घोरी, तैमूरलंग, तुघलक आदि क्रूर मुझलों के नाम देने की मांग आगे आ सकती है । अतः सरकार उद्यान को टीपू सुल्तान का नाम देने का पाप अपने माथे पर न ले, इस मांग का ज्ञापन हिन्दू जनजागृति समितिसहित विविध हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के नाम से मंत्रालय में प्रस्तुत किया है । इस ज्ञापन पर विक्रोळी के श्री शिवकार्य प्रतिष्ठान के संस्थापक-अध्यक्ष श्री. प्रभाकर भोसले, धारावी के श्रीराम गणेश मित्रमंडल के श्री. कांतिलाल पटेल, हिन्दू राष्ट्र सेना महामुंबई के अध्यक्ष श्री. प्रकाश सावंत, हिन्दू जनजागृति समिति के मुंबई, ठाणे एवं रायगढ जनपद समन्वयक श्री. सागर चोपदार, साथ ही श्री. साहिल जाधव आदि ने हस्ताक्षर किए हैं । इस ज्ञापन की प्रति विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष देवेंद्र फडणवीस के नाम से भी दी गई है ।

इस ज्ञापन में कहा गया है कि,

१. मुंबई के विविध स्थलों को विविध जातियों-पंथों के महनीय व्यक्तियों के नाम हैं और हमने उसका कभी भी विरोध नहीं किया है; परंतु जिसने दक्षिण भारत के १ सहस्र मंदिर गिराए, लाखों हिन्दुओं की हत्याएं कीं और तलवार के बल पर लाखों हिन्दुओं का धर्मांतरण किया, ऐसे क्रूरकर्मी टीपू सुल्तान का नाम मुंबई के खेल केंद्र को देना, हिन्दुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत करनेवाला है । यह हिन्दुओं के घावों पर नमक छिडकने का ही कृत्य है और हिन्दू समाज इसे कदापि सहन नहीं करेगा ।

२. कहां सभी धर्माें से समानता का व्यवहार कर आदर्श सामने रखनेवाले छत्रपति शिवाजी महाराज, तो कहां हिन्दुओं पर अमानवीय अत्याचार करनेवाला क्रूरकर्मी टीपू सुल्तान ? सरकार को इसमें का अंतर समझ में आना चाहिए ।
३. महाराष्ट्र जब क्रूर मुघलों के अत्याचार से त्रस्त था, तब छत्रपति शिवाजी महाराज ने हिन्दवी स्वराज्य की स्थापना कर जनता की रक्षा की । उन्होंने मंदिरों के जीर्णाेद्धार और माता-बहनों की शीलरक्षा की । टीपू सुल्तान ने उसके अत्यंत विपरीत आचरण किया है ।

४. यह केवल हिन्दू समाज का ही नहीं, अपितु महाराष्ट्र को बनानेवाले छत्रपति शिवाजी महाराज का भी अनादर है; इसलिए एक उद्यान को टिपू सुल्तान का नाम कदापि नहीं दिया जाना चाहिए और यदि दिया गया, तो वह उसके द्वारा किए गए अत्याचारों का समर्थन और प्रोत्साहन दैने जैसा होगा ।

५. मुंबई की एकता और सर्वधर्मसमभाव अबाधित रखने हेतु इस खेल केंद्र को अन्य राष्ट्रपुरुष का नाम दिया जा सकता है; परंतु क्रूरकर्मी टीपू सुल्तान का नाम देने का प्रयास हुआ, तो उसका तीव्र विरोध किया जाएगा, साथ ही समस्त हिन्दू समाज के क्षोभ का सामना करना पडेगा ।

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