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26/11 के मुंबई आतंकवादी आक्रमण को ‘हिन्दू आतंकवाद’ दिखाने का कांग्रेस का षड्यंत्र था ! – कर्नल आर. एस. एन. सिंह

‘26/11 मुंबई आतंकवादी आक्रमण : कांग्रेस का हिन्दूविरोधी षड्यंत्र ?’ विषय पर ‘ऑनलाइन’ विशेष संवाद !

पहले वास्तव में जो युद्ध सीमा पर होते थे, वैसे युद्ध अब नहीं होते । अब राजनीतिक दलों का उपयोग कर युद्ध किए जाते हैं, यह अधिक सस्ता और परिणाम देनेवाली प्रणाली है, यह लोगों को समझने की आवश्यकता है । यह देश के अंतर्गत आरंभ युद्ध है ! 26/11 का मुंबई आतंकवादी आक्रमण पूर्वनियोजित था, यह अब जाकर लोग बोलने लगे हैं । 26/11 का मुंबई आतंकवादी आक्रमण को ‘हिन्दू आतंकवाद’ दिखाने का कांग्रेस का षड्यंत्र था । इससे बहुसंख्यक हिन्दुओं का मनोबल नष्ट कर, अल्पसंख्यकों को एकत्रित कर सत्ता में बने रहने की कांग्रेस की योजना थी, ऐसा सुस्पष्ट प्रतिपादन भारतीय रक्षा विशेषज्ञ, शोध और विश्लेषण शाखा अर्थात ‘रॉ’ के पूर्व अधिकारी और भारतीय सेना अधिकारी कर्नल आर.एस.एन.सिंह ने किया । हिन्दू जनजागृति समिति की ओर से ‘26/11 मुंबई आतंकवादी आक्रमण : कांग्रेस का हिन्दूविरोधी षड्यंत्र ?’ विषय पर आयोजित ‘ऑनलाइन’ विशेष संवाद में वे बोल रहे थे ।

कर्नल आर. एस. एन. सिंह ने कहा कि ‘हम विगत 1400 वर्षों से जिहादी विचारधारा से लड रहे हैं । जब तक पाक का अस्तित्त्व है, तब तक हमारे देश पर आक्रमण होते ही रहेंगे । इसलिए पाकिस्तान को और जिहादी विचारधारा को जड से नष्ट करने की आवश्यकता है । कांग्रेस की सत्ता में 2004 से 2008 की कालावधि में दिल्ली, वाराणसी, अयोध्या, जयपुर, भाग्यनगर (हैद्राबाद), मुंबई, पुणे, मालेगाव इत्यादि विविध स्थानों पर पाकिस्तान की ‘आईएसआई’ ने भारत के राजनीतिक नेताआें की सहायता से बम विस्फोट किए और मुंबई के 26/11 का आतंकवादी आक्रमण उसका शिखर था । जिससे यह बताया जा सके कि, मुंबई के 26/11 सहित मालेगांव, समझौता एक्सप्रेस यह ‘हिन्दू आतंकवाद’ था ।’

भारत सरकार के गृह मंत्रालय के पूर्व अवर सचिव श्री. आर.वी.एस. मणि ने कहा कि, ‘तत्कालीन राजनीतिक नेताआें द्वारा उचित हस्तपेक्ष किया गया होता, तो 26/11 का आक्रमण रोका जा सकता था ! परंतु वैसा हुआ नहीं । ‘हिन्दू आतंकवाद’ एक भ्रम था, 26/11 का आक्रमण इसका एक भाग था । इस विषय में लिखी गई पुस्तक भी यह ‘हिन्दू आतंकवाद’ कैसे था ?, यह सिद्ध करने के उद्देश्य से लिखी गई थी; परंतु अब जनता के सामने सत्य आ गया है । तुकाराम ओंबळे द्वारा कसाब को जीवित पकडने से 26/11 का आतंकवादी आक्रमण ‘हिन्दू आतंकवाद’ था, यह वे सिद्ध नहीं कर पाएं ।

सनातन संस्था के धर्मप्रचारक श्री. अभय वर्तक ने कहा कि, ‘तुकाराम ओंबळे ने कसाब को जीवित पकडा, अन्यथा ‘हिन्दू आतंकवाद’ सिद्ध करने की कांग्रेस की स्क्रिप्ट तैयार थी । हिन्दू तुकाराम ओंबळे का बलिदान कभी भी न भूलें । कांग्रेस ने अस्तित्त्वहीन ‘हिन्दू आतंकवाद’ निर्माण करने का प्रयास किया । भारत का पुन: विभाजन न करना हो, तो राष्ट्रप्रेमी नागरिकों को हिन्दू राष्ट्र की मांग करनी चाहिए । हिन्दुओं को ओर अधिक सर्तक होकर देशविरोधी शक्तियों के विरोध में संगठित होना चाहिए ।’

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