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राज्य की कानून-व्यवस्था को बिगाडकर अराजक की स्थिति बनानेवाले रजा अकादमी पर प्रतिबंध लगाइए !

धर्मांधों पर कार्यवाही कीजिए और उन्हें उकसानेवाले रजा अकादमी पर प्रतिबंध लगाइए ! – हिन्दू जनजागृति समिति की ओर से विविध स्थानों पर ज्ञापन प्रस्तुति

हिन्दू जनजागृति समिति की वर्धा, चंद्रपुर, राजुरा एवं धुले में प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन प्रस्तुति

धुळे में जिलाधिकारी कार्यालय में ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए राष्ट्रप्रेमी

वर्धा : महाराष्ट्र की कानून-व्यवस्था बिगाडकर अराजक की स्थिति बनानेवाले धर्मांधों पर कार्यवाही की जाए और उन्हें उकसानेवाले रजा अकादमी संगठन पर प्रतिबंध लगाया जाए, इस मांग को लेकर हिन्दू जनजागृति समिति की ओर से १५ नवंबर को वर्धा, चंद्रपुर और राजुरा में जिलाधिकारी के माध्यम से राज्य के मुख्यमंत्री और गृहमंत्री को ज्ञापन प्रस्तुत किया गया । वर्धा के निवासी जिलाधिकारी प्रेरणा देशभ्रतार, चंद्रपुर के अपर जिलाधिकारी विद्युत खेरवडकर और राजुरा (जनपद चंद्रपुर) में तहसीलदार नागेश गाडे ने ज्ञापनों का स्वीकार किया । राजुरा में ज्ञापन प्रस्तुत करते समय सर्वश्री अंकुश वाटोळे, आशिष वाढई, सुभाष रामगिरवार, सोमेश्वर आईटलावार, वैभव आईटलावर, जयपुरकर, कैलास कार्लेकर आदि धर्मप्रेमी उपस्थित थे । वर्धा में ज्ञापन प्रस्तुत करते समय हिन्दू जनजागृति समिति के श्री. दीपक जमनारे, श्री. पंडित थोटे, श्रीमती विजया भोळे, श्रीमती भक्ति चौधरी आदि उपस्थित थे । चंद्रपुर में ज्ञापन प्रस्तुत करते समय श्री. शेखर लिमजे, राहुल वनकर, श्रीमती ऋतुजा वनकर और श्रीमती चंदनखेडे आदि उपस्थित थे ।

धुळे में जिलाधिकारी कार्यालय में ज्ञापन प्रस्तुति

धुळे के जिलाधिकारी कार्यालय में हिन्दू एकता आंदोलन दल, श्री शिवप्रतिष्ठान हिन्दुस्थान, हिन्दू जनजागृति समिति, हिन्दू राष्ट्र सेना इन संगठनों के कार्यकर्ताओंसहित राष्ट्रप्रेमी और धर्मप्रेमी नागरिक उपस्थित थे ।


मुंबई : त्रिपुरा राज्य में कुछ मस्जिदों को गिराने की कथित घटनाओं के विरोध में भिवंडी, मालेगांव, मनमाड, अमरावती, हिंगोली, नांदेड और सांगली जनपद के ईश्वरपुर (इस्लामपुर) आदि स्थानों पर धर्मांधों ने १२ नवंबर को नमाज के उपरांत फेरियां निकाली । इनमें से कुछ स्थानों पर धर्मांधों ने फेरी के समय में दूकानें फोडकर और सडक पर चल रहे वाहनों को क्षति पहुंचाकर दंगासदृश्य और आतंक का वातावरण बनाया । त्रिपुरा में हुई घटना की निंदा करने हेतु महाराष्ट्र में बंद रखना और फेरियां निकालने का क्या कारण है ? इन घटनाओं की जानकारी देते हुए महाराष्ट्र के गृहमंत्री दिलीप वळसे-पाटिल ने रजा अकादमी द्वारा ये हिंसक आंदोलन चलाए जाने का प्राथमिक समाचार मिलने की बात कही । राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को बिगाडकर अराजक की स्थिति बनानेवाले धर्मांधों पर कार्यवाही करने के विषय में और उन्हें उकसानेवाले रजा अकादमी पर प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर नांदेड एवं जळगांव में मुख्यमंत्री और राज्य के गृहमंत्री के नाम से स्थानीय प्रशासन को ज्ञापन प्रस्तुत किए गए । इसके साथ ही नंदुरबार, नासिक, धुळे और नगर में जिला प्रशासन को ई-मेल के माध्यम से ज्ञापन भेजे गए ।

मुख्यमंत्री के नाम से प्रस्तुत ज्ञापन में कहा गया है कि प्रत्येक बार देश अथवा विदेश में कहीं पर भी मुसलमानों के साथ कथित अन्याय की केवल अफवाह फैलते ही राज्य में तुरंत ही हिंसक घटनाएं होती हैं । ये घटनाएं योजनाबद्ध होती हैं, ऐसा ध्यान में आता है । भिवंडी, मालेगांव, मनमाड, अमरावती, हिंगोली, नांदेड जैसे कई स्थानों पर इतनी बडी संख्या में धर्मांध एकत्रित हुए, इसकी पुलिस प्रशासन को जानकारी ही नहीं मिली, यह पुलिस प्रशासन की असफलता है ।

नांदेड में निवासी उपजिलाधिकारी प्रदीप कुलकर्णी (बाईं ओर) को ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए हिन्दुत्वनिष्ठ

१. नांदेड में निवासी उपजिलाधिकारी प्रदीप कुलकर्णी को ज्ञापन प्रस्तुत किया गया । इस अवसर पर विश्व हिन्दू परिषद के जिलामंत्री श्री. शशिकांत पाटिल, शहरप्रमुख श्री. रवीकुमार चटलावार, शहरमंत्री श्री. गणेश कोकुलवार, डॉ. रमेश नारलाकर, शीतल खांडील, महादेवी मठपति, सविता गायकवाड, निकिता शहापूरवाड, सर्वश्री महेश देबडवार, दिलीपसिंह सोडी, प्रेमानंद शिंदे, संतोष ओझा, श्रीराज चक्रावार, पत्रकार गौरव वाळिंबे, धर्मप्रेमी सोपान सोनटक्के, श्री. मधुकर भरडे और हिन्दू जनजागृति समिति के श्री. गणेश कोंडलवार उपस्थित थे ।

१. जळगांव के तहसीलदार पंकज लोखंडे (दाहिनी ओर) को ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए हिन्दू

२. जनजागृति समिति के कार्यकर्ता जळगांव में तहसीलदार पंकज लोखंडे ने ज्ञापन का स्वीकार किया ।

ज्ञापन में की गई मांगें

१. राज्य में जहां-जहां धर्मांधों ने फेरियां निकालकर दंगासदृश्य वातावरण बनाया, वहां के सभी आयोजकों और दोषी धर्मांधों पर कठोर कार्यवाही की जाए ।

२. उत्तर प्रदेश में दंगाईयों से हानिभरपाई ली जाती है और उनकी संपत्ति भी जब्त की जाती है । इसकी भांति राज्य में भी कठोर कानून बनाया जाए ।

३. मुंबई के आजाद मैदान दंगा प्रकरण के दोषियों से अभीतक हानिभरपाई वसूली नहीं गई है । अतः उसके साथ ही इस घटना के संदर्भ में भी तत्काल हानिभरपाई वसूली जाए और दंगाखोर रजा अकादमी पर प्रतिबंध लगाया जाए ।

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