मधुबनी : धरोहर नाथ मंदिर में सोए दो साधुओं का गला कुदाल से काटा

बिहार के मधुबनी जिला स्थित खिरहर गाँव में 2 साधुओं की गले पर वार कर हत्या कर दी गई है। दोनों गाँव के ही ‘धरोहर नाथ मंदिर’ में कई साल से रह रहे थे। मंगलवार (अप्रैल 20, 2021) की रात जब दोनों गहरी नींद में थे, तभी कुदाल से काट कर उनका सिर धड़ से अलग कर दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि दोनों ही महात्मा वैरागी किस्म के थे और उन्हें छल-प्रपंच से कोई मतलब नहीं था। उनका स्वभाव भी मृदु था।

बता दें कि धरोहर नाथ मंदिर स्थानीय स्तर पर काफी प्रसिद्ध है और वहाँ विभिन्न मौकों पर पूजा-पाठ के भारी भीड़ उमड़ती है। दोनों साधु का शव पोस्टमॉर्टम के लिए मधुबनी सदर अस्पताल भेजा गया है। पुलिस ने अभी तक हत्या के कारणों के बारे में कुछ नहीं बताया है। जाँच चल रही है। दोनों साधुओं के साथ उनका एक सहायक भी रहता था, जिसकी जान बच गई। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर ग्रामीणों की भीड़ इकट्ठी हो गई।

मृतक साधुओं में से एक का सिर कमरे में तो दूसरे का दीवार के बगल में पाया गया। साधुओं के धड़ों को भूँसे में छिपा दिया गया था। बिछावन और मच्छरदानी खून से लथपथ थे। एक पुजारी नारायण दास ने इस घटना की सूचना पुलिस को दी, जिन्हें पूछताछ के लिए थाने ले जाया गया। एक स्थानीय व्यक्ति का दावा है कि 4-5 की संख्या में हमलावर थे। ग्रामीणों ने कहा कि दहशत फैलाने और डर पैदा करने के लिए ऐसा किया गया।

एक ग्रामीण ने कहा कि साधु-महात्मा यहाँ नहीं रहें, इसीलिए उनकी हत्या कर दी गई। इनमें से एक पुजारी के बड़े भाई पास के ही बिसौली कुटी पर रहते हैं। घटनास्थल पर पुलिस मौजूद है और वो जाँच कर रही है। हमने इस मामले में पुलिस का पक्ष लेने के लिए खिरहर SHO से संपर्क किया, लेकिन उनका नंबर लगातार व्यस्त आ रहा था। एक स्थानीय पत्रकार ने बताया कि पुलिस पोस्टमॉर्टम के बाद ही कुछ कह सकेगी।

इलाके में पहले से ही तनाव का माहौल है, क्योंकि इससे पहले की रात बिसौली कुटी के महंत ब्रजमोहन दास के आश्रम पर भी हमला हुआ था। ऑपइंडिया से बात करते हुए महंत ने बताया कि उनकी थाना प्रभारी से ठीक से बात नहीं हो सकी है और वो आज रामनवमी की पूजा में व्यस्त हैं, इसीलिए अब तक लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। हालाँकि, उन्होंने थाने में जाकर पुलिस को इस घटना से अवगत करा दिया है।

महंत ने बताया कि सोमवार की रात उनका सहायक अपने कमरे में IPL का मैच देख रहा था, तभी खिड़की के पास से कुछ फुसफुसाहट की आवाज़ आई। जब उसने करीब जाकर सुना तो बिजली काटने की बातें की जा रही थी। इसके कुछ देर बाद ही अचानक से मठ परिसर की बिजली गुल हो गई। फिर उसके मन में कुछ खटका और उसने बाहर निकल कर देखा तो गाँव में अन्य जगह बिजली थी।

उसने महंत को आकर सारी बातें बताईं, जिन्होंने तुरंत थाने में फोन कॉल कर के खुद पर खतरा होने की जानकारी दी। साथ ही कुछ ग्रामीणों को भी सूचित किया। वो बताते हैं कि जब उन्होंने बाहर निकल कर देखा तो कुछ लोग कपड़ा मुँह पर बाँधे हुए खड़े थे। मठ के अंदर से आत्मरक्षा के लिए इन लोगों ने कुछ चीजें बाहर फेंकी, जिसके बाद वे लोग पीछे हट गए। तब तक कुछ ग्रामीण जुटे और शोर मचाने लगे।

बसौली कुटी के महंत इलाके में ‘लव जिहाद’ और इस्लामी कट्टरपंथ के मामलों के खिलाफ आवाज उठाने के लिए जाने जाते हैं। इसी साल मार्च में खिरहर थाना क्षेत्र के ही बालाराही शोएब नाम के एक युवक पर नाबालिग हिन्दू लड़की के अपहरण का आरोप लगा था। सितम्बर 2020 में ऐसे ही एक मामले में राष्ट्रीय बाल आयोग को संज्ञान लेना पड़ा था। इन सब मामलों को लेकर वे काफी मुखर रहे थे।

संदर्भ : OpIndia

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