
मेरठ : उत्तर प्रदेश में आज धर्मांध र्इद की नमाज के बाद किसी बडी घटना को अंजाम देना चाहते थे, परंतु पुलिस की सूझ-बूझ ने इस साजिश को नाकाम कर दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, धर्मांधों ने ईद की नमाज के बाद परीक्षितगढ थाने को अपना निशाना बनाना चाहा, परंतु पुलिस बल ने डटकर धर्मांधों का मुकाबला किया। इस हमले में दर्जन भर से ज्यादा लोग घायल हो गए, जबकि कुछ पुलिसकर्मियों को भी चोटें आई हैं।
दरअसल, ईद को लेकर पुलिसकर्मियों को शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में तैनात किया गया था। इसी का फायदा उठाकर उपद्रवी परीक्षितगढ थाने को फूंकना चाहते थे और पुलिसबलों को भी अपना निशाना बनाना चाहते थे। गनीमत यह रही कि कोई बडी घटना नहीं हुई। वक्त रहते ही पुलिस ने धर्मांधों को खदेड दिया।
शुरुआत में धर्मांधों ने पुलिस प्रशासन के विरुध्द नारेबाजी की। इसके बाद वो थाने पर पत्थरबाजी करने लगे। जब तक पुलिस कुछ समझ पाती वो फायरिंग भी करने लगे। अंत में पुलिस ने मोर्चा संभाल लिया। पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई में हवाई फायरिंग की।

बताया जा रहा है कि, भीड परीक्षितगढ थाने पर इसलिए हमला करना चाहती थी, क्योंकि परीक्षितगढ में मोहल्ला खजूरी दरवाजा निवासी अमिताभ की २३ जून की रात धारदार हथियारों से काटकर हत्या कर दि गर्इ थी। शव मेरठ-परीक्षितगढ़ रोड पर इकला गांव के पास खेतों में पडा मिला था। परिजनों ने दो लोगों वसीम और नदीम को नामजद कराया था। मामले में पुलिस ने वसीम को गिरफ्तार कर लिया था।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि, वसीम और अमिताभ के बीच समलैंगिक संबंध थे। वसीम दबाव बना रहा था कि अमिताभ अपने परिवार से अलग हो जाए। बात नहीं मानने पर वसीम ने उसकी हत्या कर दि। सोमवार सुबह नमाज के बाद अमिताभ के परिजनों के साथ भीड थाने पहुंच गई। लोग क्षेत्र के ही युवक नागेश पर साजिश रचने का आरोप लगाते हुए उसे गिरफ्तार करने की मांग करने लगे। पुलिस ने लिखित में तहरीर देने को कहा। इसी दौरान भीड में शामिल किसी युवक ने पुलिस पर पत्थर फेंक दिया। इसके बाद बवाल हो गया।
बताते हैं कि, हमलावर भीड ने पुलिसकर्मियों को जमकर पीटा और वर्दी फाड दी। थाने में खडे वाहनों में तोडफोड करते हुए कार्यालय में घुसने का प्रयास किया। जबरदस्त पथराव में तीन पुलिसकर्मियाें के घायल होने की सूचना है। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग करते हुए भीड को खदेडा और लाठीचार्ज किया।
एसपी देहात राजेश कुमार ने बताया कि, आरोपियों के विरुध्द गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है, गिरफ्तारी की जाएगी।
स्त्रोत : पत्रिका








