Menu Close

कर्जत के ‘सुकून एम्पायर-हलाल टाउनशिप’ जैसे धर्म-आधारित गृह-परियोजना प्रकल्प पर तुरंत प्रतिबंध लगाए – हिन्दू जनजागृति समिति

कर्जत में ‘हलाल टाउनशिप’ के विरोध में आंदोलन

रायगढ़ ज़िले में कर्जत के पास नेरल में बनाए जाने वाले ‘सुकून एम्पायर – हलाल लाइफस्टाइल टाउनशिप’ इस धर्म-आधारित गृह-परियोजना प्रकल्प का हिन्दू जनजागृति समिति ने तीव्र विरोध किया है। ‘केवल मुसलमानों के लिए’ ऐसी विज्ञापन करने वाला यह प्रकल्प संविधान, क़ानून और सामाजिक सौहार्द के पूर्ण विरोध में होने से इस प्रकल्प पर तुरंत प्रतिबंध लगाया जाए ऐसी मांग हिन्दू जनजागृति समिति ने केंद्रीय गृहमंत्री, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री तथा राज्य नगर विकास मंत्री से निवेदन द्वारा की है। हिन्दू जनजागृति समिति तथा समविचारी संगठनों ने 9 सितंबर को कर्जत पोस्ट ऑफिस के पास हिन्दू राष्ट्र-जागृति आंदोलन किया। इस आंदोलन में विश्व हिंदू परिषद, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, शिवप्रतिष्ठान हिंदुस्थान, गोरक्षक दल-खालापूर, सनातन संस्था और हिन्दू जनजागृति समिति आदी संगठनों के प्रतिनिधि और राष्ट्र तथा धर्मप्रेमी नागरिक उपस्थित थे |

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए महाराष्ट्र सरकार को नोटिस भेजी है। आयोग ने इस प्रकल्प को समाज में विष फैलानेवाला तथा देश में ‘राष्ट्र के भीतर राष्ट्र’ बनाने का प्रयास बताया है। साथ ही राज्य सरकार को दो सप्ताह में कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया है।

समिति ने स्पष्ट कहा है कि ‘सुकून एम्पायर’ जैसे धर्माधारित प्रकल्प भारतीय संविधान के अनुच्छेद 15 का उल्लंघन करते हैं, क्योंकि वे धर्म के आधार पर भेदभाव करते हैं। साथ ही रियल एस्टेट (रेरा) क़ानून के अनुसार विज्ञापन भेदभाव रहित और पारदर्शी होना आवश्यक है; किंतु इस प्रकल्प का प्रचार केवल एक धर्म के लिए होने से क़ानून का उल्लंघन होता है। ऐसे धर्म-आधारित आवासीय प्रकल्पों से समाज में कृत्रिम विभाजन बढ़ता है और सामाजिक शांति को खतरा उत्पन्न होता है, ऐसा समिति ने कहा है।

हिन्दू जनजागृति समिति ने सरकार से तत्काल उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही इस प्रकरण में विकासक का ‘महा-रेरा’ परवाना रद्द किया जाए तथा प्रकल्प को अनुमति देने वाले प्रशासनिक अधिकारियों की जवाबदारी निश्चित कर कार्रवाई की जाए। इतना बड़ा प्रकल्प स्थानीय प्रशासन और गुप्तचर यंत्रणाओं के ध्यान में न आने के कारण स्वतंत्र जांच होनी चाहिए। इस प्रकल्प में प्रयुक्त आर्थिक स्रोत, विशेषकर FCRA और CSR फंड की पारदर्शक जांच की जाए – ऐसी भी समिति की मांग है।

भविष्य में ऐसे प्रकल्पों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाकर महाराष्ट्र में सर्वसमावेशक शहरी नियोजन के लिए स्पष्ट नीति घोषित की जाए यह समिति की मांग है। समिति ने कहा है कि उत्तर प्रदेश ने हलाल प्रमाणीकरण पर प्रतिबंध लगाकर समानांतर अर्थव्यवस्था को रोका है; महाराष्ट्र ने भी धर्म-आधारित आवासीय प्रकल्पों पर तुरंत प्रतिबंध लगाकर सामाजिक एकता बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।


७ सितंबर

मुंबई: मुस्लिमों के लिए बनी ‘सुकून एम्पायर हलाल सोसायटी’ पर बड़ी कार्रवाई

मुंबई में सिर्फ मुसलमानों के लिए घर बनाने के लिए अलग सोसायटी खड़े करने पर बिल्डरों पर सख्त एक्शन लिया गया है। मीरा भायंदर नगर निगम (MBMC) ने धर्म आधारित आवास परियोजनाओं को बढ़ावा देने के आरोपी बिल्डरों को नोटिस जारी किए हैं।

म्युनिसिपल कारपोरेशन ने हलाल सोसायटी नामक टाउनशिप पर आरोप लगाया कि ये केवल मुस्लिम धर्म के खरीदारों को ही मकान बेचने का काम कर रही है। इसको लेकर मीरा रोड के दो बिल्डरों को MBMC ने नोटिस जारी किया है।

Qibla फेसिंग की एडवर्टाइजमेंट करने वाले लीना ग्रुप के मालिक और आर्किटेक्ट को नोटिस जारी हुए हैं। साथ ही आर आर बिल्डर्स के मालिक और आर्किटेक्ट्स को भी नोटिस भेजा गया है.

नोटिस में लिखा गया है कि उक्त विज्ञापन भारत के संविधान के अनुच्छेद 14 और 15 का उल्लंघन करता है और मौलिक अधिकारों का भी उल्लंघन करता है और धार्मिक दरार पैदा करता है।

MBMC ने बिल्डरों को ऐसे विज्ञापन तुरंत बंद करने का निर्देश दिया और उनसे इस मामले पर स्पष्टीकरण देने को कहा। नोटिस में चेतावनी दी गई है कि अगर बिल्डर संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं देते हैं, तो नगर निगम उनकी परियोजनाओं को दी गई अनुमति वापस ले लेगा।


६ सितंबर

‘हलाल बाहर निकाल देंगे’ – मुंबई के पास ‘हलाल टाउनशिप’ पर भडके महाराष्ट्र के मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले

मुंबई के सटे करजत में बनी हलाल टाउनशिप (Halal Township) को लेकर अब विवाद बढ़ता जा रहा है। नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन (NHRC) ने महाराष्ट्र सरकार को इसे लेकर नोटिस तक जारी कर दिया है। यह टाउनशिप सिर्फ मुस्लिम समुदाय के लिए हलाल लाइफस्टाइल टाउनशिप के नाम से प्रमोट की जा रही है, जिस पर विवाद हो रहा है। महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने भी इस पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में यह हलाल टाउनशिप नहीं चलेगा। हम हलाल का हलाल निकालकर बाहर कर देंगे। ऐसा कोई प्रोजेक्ट महाराष्ट्र में नहीं चलेगा।


५ सितंबर

कर्जत (रायगढ) में मुसलमानों के लिए होने जा रही है हलाल जीवनपद्धति वाली ‘सुकून एम्पायर’ टाऊनशिप

धर्म के आधार पर भेद करने के प्रकरण में मानवाधिकार आयोग ने राज्य सरकार को नोटिस दी

कर्जत (रायगढ) – मुंबई से ७० किलोमीटर दूरी पर स्थित कर्जत नगर में ‘सुकून एम्पायर’ नामक केवल मुसलमानों के लिए एक कॉलोनी निर्मित की जा रही है । यहां ‘हलाल’ जीवन शैली विकसित की जाएगी । विशेष यह कि इसे ‘रेरा’ (रियल एस्टेट रेग्युलेशन एंड डेव्हलपमेंट) अधिनियम के अंतर्गत प्रशासन ने अनुमोदन दिया है । इस प्रकार कॉलोनी बना कर धर्म के आधार पर भेद करने के प्रकरण में मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लेकर आयोग के सदस्य प्रियांक कानूनगो ने राज्य सरकार को नोटिस भेजी है । कानुनगो ने कहा, ‘‘ऐसे माध्यम से धर्मों के बीच भेद उत्पन्न किया जा रहा है । यह निर्माण कार्य एक प्रकार से विष के समान है । यह राष्ट्रविरोधी षड्यंत्र है तथा इस प्रकरण में हमने सरकार को नोटिस भेजी है ।’’

इस कॉलोनी का प्रचार एक बुर्काधारी महिला ने एक वीडियो के माध्यम से किया है । उसने कहा, ‘‘समाज में हमें अपने सिद्धांतों से समझौता करना पडता है । इससे अच्छा है कि इस हलाल प्रमाणित कॉलोनी में हमें सुरक्षित जीवन जीने को मिलेगा ।’’

छत्रपति शिवाजी महाराज के महाराष्ट्र में जनसंख्या का अनुपात बदलने का प्रयास ! – राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग

इस संदर्भ में प्रियांक कानूनगो ने कहा कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है । यहां इस प्रकार धर्म के आधार पर किए जा रहे प्रयासों का विरोध होना चाहिए । विशेषकर छत्रपति शिवाजी महाराज के महाराष्ट्र में धर्म के आधार पर कॉलोनी बसाने का प्रयास, यह ‘डेमोग्राफी’ (जनसंख्या अनुपात) बदलने का प्रयास है । यह निर्माण एक प्रकार से विष के समान है । इस लोकतंत्र विरोधी कृत्य का हम निषेध करते हैं । राष्ट्रविरोधी षड्यंत्र के इस प्रकरण में महाराष्ट्र के मुख्य सचिव को नोटिस भेजी गई है तथापि हम सरकार के उत्तर की प्रतीक्षा में हैं ।

कर्जत में हलाल आधारित कॉलोनी न बने, इसकी ओर सरकार ने ध्यान देकर वहां का कार्य तत्काल बंद करना चाहिए ! – सुनील घनवट, महाराष्ट्र एवं छत्तीसगढ राज्य समन्वयक, हिन्दू जनजागृति समिति

मंदिर-न्यास अधिवेशनात बोलतांना श्री। सुनील घनवट

इस प्रकार धर्म के आधार पर कॉलोनी बनना अत्यंत अयोग्य है । देश की अर्थव्यवस्था के समानान्तर अर्थव्यवस्था खडी करने वाली हलाल अर्थव्यवस्था का ही यह एक भाग है । पूर्व में मुंबई जैसे स्थानों पर यदि मुसलमान धर्मियों को किराए पर घर अथवा स्थान नहीं दिया जाता, तो तुरंत विरोध होता था; किंतु यहां पूर्ण कॉलोनी निर्मित होते समय अनुमति कैसे दी गई ? धर्म के आधार पर ऐसी कॉलोनी को अनुमति दी गई, तो भविष्य में अनेक संकट उत्पन्न होंगे । इसलिए सरकार को इसमें तुरंत ध्यान देकर कर्जत में ऐसी हलाल आधारित कॉलोनी न बनने दे, इसकी ओर ध्यान देना चाहिए तथा वह कार्य तत्काल बंद करना चाहिए । इससे संबंधित सभी व्यक्तियों की जांच भी होना चाहिए ।

Latest News