श्री तुलजाभवानी देवस्थान की २६५ एकड भूमि हडपनेवाले अपराधियोंपर कार्रवाई हों – श्री. भरतशेठ गोगावले, शिवसेना

श्री तुलजाभवानी देवस्थान की २६५ एकड भूमि हडपने का प्रकरण

  • शिवसेना के विधायकोंद्वारा विधानभवन में आंदोलन !

  • मुख्यमंत्रीद्वारा विधायक श्री. गोगावले को आदेश निर्गमित करने का आश्वासन !

भ्रष्टाचारियोंपर कठोर कार्रवाई होने हेतु ‘हिन्दू राष्ट्र’ अनिवार्य है !

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मुंबई : सहस्रों करोड रुपयोंका भ्रष्टाचार करनेवाली दोनोंही कांग्रेस ने राज्य के देवस्थानोंको भी नहीं छोडा !

तत्कालीन कांग्रेस शासन के कार्यकाल में अवैधानिक रूप से महाराष्ट्र की कुलदेवी श्री तुलजाभवानी देवस्थान की लगभग २६५ एकड भूमि ७७ लोगोंके नाम पर की गई है। मंदिर की दानपेटी की नीलामी में भ्रष्टाचार कर सैकडों करोड रुपयोंसे अधिक संपत्ति का अपहरण किया गया है; इसीलिए संयुक्त शासन पर देवी के प्रकोप के कारण शासन को सत्ता गंवानी पडी, पत्रकारोंके समक्ष अपनी भूमिका प्रस्तुत करते हुए शिवसेना महाड के विधायक श्री. भरतशेठ गोगावले ने ऐसा सनसना आरोप लागाया, साथ ही उन्होंने ऐसी जानकारी दी कि, इस विषय में लक्ष्यवेधी सूचना प्रस्तुत की गई है।

बार्इं ओर से शिवसेना विधायक सर्वश्री उल्हास पाटिल, सदानंद चौहान, तुकाराम काते, भरतशेठ गोगावले, राजेश क्षीरसागर, रूपेश म्हात्रे, अमित घोडा और प्रकाश आबिटकर
बार्इं ओर से शिवसेना विधायक सर्वश्री उल्हास पाटिल, सदानंद चौहान, तुकाराम काते, भरतशेठ गोगावले, राजेश क्षीरसागर, रूपेश म्हात्रे, अमित घोडा और प्रकाश आबिटकर

इस अवसर पर शिवसेना के विधायक सर्वश्री उल्हास पाटिल, सदानंद चौहान, तुकाराम काते, राजेश क्षीरसागर, रूपेश म्हात्रे, अमित घोडा एवं प्रकाश आबिटकर उपस्थित थे। इस आंदोलन में गृहनिर्माण एवं कामगार मंत्री श्री. प्रकाश मेहता ने भी अपना सहयोग दिया।

इस प्रकरण में छः वर्ष व्यतीत होने पर भी अपराध अन्वेषण विभागद्वारा जांच प्रलंबित रखी गई है। किसी भी व्यक्ति पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस घोटाले के विवरण ही दबा कर रखे जा रहे हैं। ५ अप्रैल को आंदोलन के माध्यम से शिवसेना एवं भाजपा के विधायकोंद्वारा शासन को ऐसी चेतावनी दी गई है कि, इस प्रकरण में सभी अपराधियों पर तत्काल कार्रवाई करें, अन्यथा राज्य में प्रखर आंदोलन करना पडेगा !

विधायक श्री. भरतशेठ गोगावले के नेतृत्व में शिवसेना विधायकोंद्वारा की गई ‘जय भवानी’, ‘जय शिवाजी’ की घोषणाओंसे विधानभवन का परिसर गूंज उठा !

तत्पश्चात विधायक श्री. गोगावले ने मुख्यमंत्री से मिल कर इस संदर्भ में मांगोंका ज्ञापन दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधायक श्री. भरतशेठ गोगावले को आश्वासन देते हुए कहा कि, उन्हें इस विषय की जानकारी है तथा वे इस विषय में आदेश निर्गमित करेंगे।

ऐसा हुआ भ्रष्टाचार !

१. तत्कालीन जिलाधिकारी डॉ. प्रवीण गेडामद्वारा स्पष्ट किया गया कि, श्री तुलजापुर देवस्थान के अधिकार में ३ सहस्र ५६८ एकड भूमि है। इस में २० जुलाई २००८ को अवैधानिक रूप से हेराफेरी कर अमृतवाडी की २६५ एकड भूमि ७७ लोगोंके नाम पर की गई है !

२. विधि एवं न्याय विभागद्वारा बनाया गया इसका जांच विवरण राजस्व विभागद्वारा दबाया गया है। धर्मदाय सहआयुक्त की जांच में उजागर हो गया है कि, यह केवल सैकडों एकड भूमि के घोटाले का ही नहीं, अपितु इसमें श्री तुलजापुर देवस्थान की दानपेटियोंकी नीलामी में हुए करोडों रुपयोंका घोटाला होने का प्रकरण भी है !

३. दानपेटी में भक्त नकद राशि, सोना-चांदी के आभूषण एवं अन्य मूल्यवान वस्तुएं देवी को समर्पित करते हैं। प्रतिवर्ष इन दानपेटियोंकी नीलामी की जाती थी। इसके अनुसार वर्ष १९९१ से २००९ अर्थात १९ वर्षों में दानपेटी में केवल ०.८ ग्राम सोना एवं २५ ग्राम चांदी मिली !

४. प्रत्यक्ष जांच में यह बात उजागर हुई कि, दानपेटी में १९ मार्च २०१० से १९ अप्रैल २०१० की अवधि में अर्थात केवल एक माह में ४४१ ग्राम सोना एवं ६.१७१ किलो चांदी संग्रहित हुई थी। इसका अर्थ १९ वर्षों में भारी मात्रा में सोना एवं चांदी संग्रहित हेने की संभावना है ! इसमें नवरात्रि एवं उत्सव के समय देवी को बहुत ही धनराशि एवं आभूषण अर्पण स्वरुप में मिलता है।

५. वर्ष २०१० में शासन के ध्यान में आया कि, देवस्थान का एक वर्ष की आय लगभग ४ करोड ६३ लाख रुपए है; परंतु दानपेटी की नीलामी केवल २ करोड ६७ लाख रुपयोंकी हुई थी ! इसका अर्थ यह कि, देवस्थान को प्रतिवर्ष २ करोड रुपयों की हानि हुई है। इस प्रकार १९९१ से प्रतिवर्ष देवस्थान के करोडों रुपयोंकी लूट की गई है !

‘धर्म’ पर होनेवाले आक्रमणोंके विरोध में विधानभवन के परिसर में आंदोलन करनेवाले शिवसेना एवं भाजपा के धर्माभिमानी विधायकोंका अभिनंदन !

१. पश्चिम महाराष्ट्र देवस्थान समितिद्वारा कोल्हापुर के श्री महालक्ष्मी देवस्थान में मणिकर्णिका कुंड नामक पवित्र तीर्थ अवैधानिक रूप से बुझा कर वहां ‘शौचालय’ बनाने का घिनौना कृत्य किया गया है !

यह शौचालय तोडने की मांग करते हुए शिवसेना एवं भाजपा के विधायकोंद्वारा ५ अप्रैल को विधानभवन के बाहर आंदोलन किया गया। इस अवसर पर शिवसेना विधायकोंने शासन को चेतावनी देते हुए कहा कि, महाराष्ट्र शासन को चाहिए कि; इस प्रकरण की त्वरित प्रविष्टि कर दोषी अधिकारी एवं कर्मचारियोंपर फौजदारी अपराध प्रविष्ट करें तथा १५ अप्रैल २०१६ तक तीर्थस्थल पर बनाए गए शौचालय स्वयं तोडे, अन्यथा शिवसैनिक अपनी ‘पद्धति’ से करसेवा कर उस शौचालय को तोडेंगे !

इस अवसर पर शिवसेना के विधायक सर्वश्री राजेश क्षीरसागर, गुलाबराव पाटिल, अर्जुन खोतकर, सत्यजीत पाटिल, भरतशेठ गोगावले तथा भाजपा के विधायक सर्वश्री नरेंद्र पवार, प्रशांत ठाकुर एवं शिवाजीराव कर्डिले उपस्थित थे।

२. ६ मार्च के दिन भी, महाराष्ट्र की कुलदेवी श्री तुलजाभवानी देवस्थान की लगभग २६५ एकड भूमि के अपहार के संदर्भ में शिवसेना विधायकोंद्वारा आंदोलन किया गया था !

स्त्रोत : दैनिक सनातन प्रभात

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