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बेंगलुरु (कर्नाटक) : ‘हिंदू जनजागृति समिति’ द्वारा आयोजित चर्चासत्र में ‘सीजेपी आंदोलन में दिमागी नक्सलवाद?’ विषय पर चर्चा

‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ से ‘दिमागी (वैचारिक) नक्सलियों’ तक देशविरोधी विचारधारा के अनेक चेहरे! – चक्रवर्ती सुलेबेले, संस्थापक, युवा ब्रिगेड

चर्चासत्र में उपस्थित राष्ट्र-धर्मप्रेमी

बेंगलुरु (कर्नाटक) – एक समय पशुपतिनाथ से तिरुपति तक फैले ‘रेड कॉरिडोर’ में सक्रिय सशस्त्र नक्सली लगभग समाप्त हो चुके हैं। उनकी जगह अब शहरों में शिक्षित ‘अर्बन नक्सली’ सामने आए हैं। वे अपनी बुद्धि के बजाय अंतरराष्ट्रीय षड्यंत्रों और विदेशी फंडिंग के सहारे काम कर रहे हैं। ये लोग सोशल मीडिया के एल्गोरिदम का व्यवस्थित रूप से उपयोग करके हिंदू विचारों को दबाने और देशविरोधी लेखों को बढ़ावा देने की रणनीति अपना रहे हैं।

‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) जैसे लोगों के सोशल मीडिया फॉलोअर्स की सूची देखने पर ‘दिमागी नक्सलियों’ को आसानी से पहचाना जा सकता है। ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ से लेकर ‘दिमागी नक्सलियों’ तक देशविरोधी विचारधारा के अनेक चेहरे हैं। इसलिए सतर्क रहने की आवश्यकता है, ऐसा वक्तव्य ‘युवा ब्रिगेड’ के संस्थापक चक्रवर्ती सुलेबेले ने दिया। वे हिंदू जनजागृति समिति द्वारा आयोजित ‘सीजेपी आंदोलन में दिमागी नक्सलवाद?’ विषय पर आयोजित चर्चा में बोल रहे थे।

श्री. चक्रवर्ती सुलेबेले

इस अवसर पर ‘राष्ट्र-धर्म संगठन’ के संस्थापक संतोष केचंबा और समिति के राज्य प्रवक्ता मोहन गौड़ा ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में 150 से अधिक राष्ट्र-धर्मप्रेमी उपस्थित थे।

सोशल मीडिया के माध्यम से देशविरोधी ‘इकोसिस्टम’ तैयार करने की साजिश! – संतोष केचंबा, राष्ट्र-धर्म संगठन

श्री. संतोष केचंबा

संसद के मानसून सत्र जैसे महत्वपूर्ण समय में लोगों के बीच हंगामा करने के लिए सोशल मीडिया पर कृत्रिम ट्रेंड बनाए जा रहे हैं। इस कथित साजिश के तहत ‘कॉकरोच’ जैसे घृणित चित्रों और ‘नीट’ (राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा) जैसी परीक्षाओं के मुद्दों को केवल बहाने के रूप में उपयोग करके देश के खिलाफ असंतोष फैलाया जा रहा है।

इस पूरे कथित षड्यंत्र का मुख्य उद्देश्य ‘विदेशी अंशदान विनियमन कानून’ (FCRA) का विरोध करना है। अंतरराष्ट्रीय शक्तियों के साथ मिलीभगत करने वाले ‘आंदोलनजीवी’ और ‘दिमागी नक्सल’ भारत की छवि खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। भारत आज वैश्विक कूटनीति में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। ऐसे समय में देशविरोधी ‘इकोसिस्टम’ को समझकर सभी को संगठित होकर इस कथित साजिश को विफल करना चाहिए।

देश पर हो रहे वैचारिक आक्रमण के विरुद्ध संगठित हों! – मोहन गौड़ा, हिंदू जनजागृति समिति

श्री. मोहन गौड़ा

आज भारत पर केवल भौतिक आक्रमण ही नहीं, बल्कि अत्यंत खतरनाक ‘वैचारिक’ और ‘अर्बन नक्सली’ विचारों के माध्यम से भी आक्रमण हो रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उल्लेखित ‘दिमागी नक्सली’ आज समाज में शहरी नक्सलियों के रूप में कथित तौर पर बढ़ रहे हैं। इसके माध्यम से युवाओं को गुमराह करने की साजिश व्यवस्थित रूप से रची जा रही है।

इस वैचारिक नक्सलवाद का सामना करने के लिए मजबूत ‘हिंदू नैरेटिव’ और ‘हिंदू थिंक टैंक’ (वैचारिक समूह) की अत्यंत आवश्यकता है। राष्ट्रविरोधी शक्तियां एकजुट हो रही हैं। ऐसे समय में सभी राष्ट्रप्रेमियों को संगठित होकर भारत को हिंदू राष्ट्र की दिशा में ले जाने के लिए प्रयास करना चाहिए।

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