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काणका, म्हापसा में बिलिव्हर्स के कार्यकर्ताओं के धर्मांतरण के प्रयास का खुलासा!

म्हापसा – काणका, म्हापसा में बिलिव्हर्स के कार्यकर्ताओं द्वारा कथित रूप से धर्मांतरण के प्रयास का मामला ‘म्हापसा रिपोर्टर’ नामक न्यूज पोर्टल ने 6 सितंबर को सामने लाया। इस घटना के बाद बिलिव्हर्स के कार्यकर्ताओं ने काणका, म्हापसा से वहां से निकल जाना बताया गया है।

गोवा सरकार ने बलपूर्वक, प्रलोभन देकर, धोखाधड़ी के माध्यम से या विवाह के जरिए होने वाले अवैध धर्मांतरण पर रोक लगाने के लिए प्रस्तावित ‘गोवा अनधिकृत धर्मांतरण प्रतिबंधक विधेयक, 2026’ को 31 अगस्त को विधानसभा के मानसून सत्र में पेश करने के बजाय विपक्ष के दबाव के कारण वापस ले लिया था। इस पृष्ठभूमि में काणका की यह घटना ऐसे कानून की आवश्यकता के मुद्दे को सामने लाती है।

काणका की घटना के बारे में पत्रकार गिरीश मांद्रेकर ने बताया, “6 सितंबर की सुबह बिलिव्हर्स के समूह के कुछ सदस्य कुछ घरों में जाकर पर्चे बांट रहे थे। पर्चे देते समय वे घर के लोगों से ‘हमारे पंथ में आइए’ कह रहे थे। मैं उस इलाके से गुजर रहा था। मुझे संदेह होने पर मैंने इस बारे में जानकारी ली, तब यह पूरा मामला सामने आया।”

उन्होंने आगे बताया कि वहां बिलिव्हर्स के अलग-अलग समूह सक्रिय होने की जानकारी मिली। उनके अनुसार, पहले घरों की रेकी की जाती थी और यदि किसी घर में कोई व्यक्ति अकेला रहता हो, तो ऐसे घरों को कथित रूप से निशाना बनाया जाता था।

घटना के बाद मांद्रेकर ने उनका पीछा किया और धर्मांतरण के लिए संपर्क किए गए लोगों तक पहुंचे। उन्होंने संबंधित कार्यकर्ताओं से इस बारे में सवाल किया। उन्हें फटकार लगाने और “पुलिस को इसकी जानकारी दूंगा” कहने के बाद बिलिव्हर्स के कार्यकर्ता दोपहिया वाहन से वहां से चले गए।

मांद्रेकर के अनुसार, ये कार्यकर्ता कोंकणी भाषा बोल रहे थे और गोवा के ही रहने वाले थे। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि वे स्वयं बिलिव्हर्स के माध्यम से धर्मांतरित हुए थे।

इससे पहले पिछले सप्ताह गोवा के एक अन्य न्यूज पोर्टल ‘वॉइस ऑफ गोवा’ ने मेरशी स्थित कथित ‘नेपाली चर्च’ में बिलिव्हर्स की गतिविधियों पर प्रकाश डाला था। इन घटनाओं के चलते गोवा में बिलिव्हर्स से जुड़ी कथित धर्मांतरण गतिविधियां एक बार फिर चर्चा में आ गई हैं।

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