कट्टरपंथी धर्मांधों द्वारा गणेशोत्सव मंडल और गणेशमूर्ति को नुकसान पहुंचाने की धमकी देने का मामला
धमकी देने वालों को छोड़कर पीड़ित हिंदुओं को ही नोटिस जारी!

मुंबई – परेल में ईद मनाकर लौट रहे कुछ कट्टरपंथीयों द्वारा हिंदूबहुल क्षेत्र में नारे लगाए जाने से विवाद उत्पन्न हुआ था। आरोप है कि इन लोगों ने गणेशोत्सव मंडल और गणेशमूर्ति को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी थी। इस मामले में नायगांव क्षेत्र के गणेशोत्सव मंडल के कार्यकर्ताओं को भोईवाड़ा पुलिस थाने की ओर से नोटिस जारी किया गया है। पुलिस के अनुसार, 27 अगस्त को दर्ज किए गए एक अपराध की जांच के संबंध में तथ्य एवं परिस्थितियों की जानकारी प्राप्त करने के उद्देश्य से यह नोटिस भेजा गया है।
🚨 Police notice issued to Hindu activists of a Ganeshotsav Mandal in Naigaon, Mumbai, even as the Mandal and Ganesha murti faced threats of harm by fanatics!
📌 Why are notices being served to the victim Hindus instead of those accused of creating tension?#Mumbai #Ganeshotsav pic.twitter.com/TPHOiWn2dl
— Sanatan Prabhat (Kannada) (@Sanatan_Prabhat) September 3, 2026
सुरक्षा के लिए सड़क पर उतरे हिंदुओं पर ही मामले दर्ज होना गंभीर! – राजीव चौबे, विभाग मंत्री (मुंबई शहर), विश्व हिंदू परिषद

यदि हमारे घरों के सामने आकर जिहादी कट्टरपंथियों द्वारा दबंगई और गुंडागर्दी करते हुए नारे लगाए जाएं या हिंदुओं को डराने का प्रयास किया जाए, तो ऐसी स्थिति में हिंदू आत्मरक्षा के लिए प्रतिकार करेंगे ही। अपनी तथा माता-बहनों और परिवार की सुरक्षा के लिए वे सड़क पर उतरेंगे ही। ऐसे समय में उन्हीं के विरुद्ध मामले दर्ज कर पुलिस द्वारा नोटिस दिए जाना गंभीर विषय है। हिंदुओं के साथ हो रहा यह अन्याय है और विश्व हिंदू परिषद सदैव हिंदुओं के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी।
पुलिस द्वारा एकतरफा कार्रवाई किए जाने पर आंदोलन करेंगे! – रोहित नावजी माने, सह मंत्री, परेल जिला, विश्व हिंदू परिषद
परेल मामले की पृष्ठभूमि में भोईवाड़ा पुलिस ने अक्षय क्षीरसागर को धारा 35(3) के अंतर्गत नोटिस जारी किया है। जब हिंदू समाज या हमारे कार्यकर्ता अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाते हैं, तब उन्हीं कार्यकर्ताओं को निशाना बनाना गलत है। हम कानून का सम्मान करते हैं और जांच में भी सहयोग करेंगे; लेकिन कानूनी प्रक्रिया के नाम पर यदि कार्यकर्ताओं को अनावश्यक रूप से परेशान करने का प्रयास किया गया, तो विश्व हिंदू परिषद चुप नहीं बैठेगी। पुलिस एकतरफा कार्रवाई न करते हुए सच्चाई सामने लाए, अन्यथा हमें सड़क पर उतरकर तीव्र आंदोलन करना पड़ेगा।
कार्यकर्ताओं को निशाना बनाकर दबाव की राजनीति की गई तो लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करेंगे! – यशवंत पोळ, कोषाध्यक्ष, राजारामवाड़ी एवं संबद्ध क्षेत्र सार्वजनिक उत्सव मंडल
अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है। हिंदू समाज के प्रश्नों या अन्याय के विरुद्ध अपनी भूमिका रखने वाले कार्यकर्ताओं को ही बार-बार निशाना बनाकर उन पर दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा हो, तो यह गंभीर विषय है। पुलिस किसी भी दबाव में आए बिना निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाए, यही हमारी अपेक्षा है। अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाना हमारी भूमिका थी, है और आगे भी रहेगी! कार्यकर्ताओं को निशाना बनाकर दबाव की राजनीति करने का प्रयास हुआ, तो हम लोकतांत्रिक तरीके से और कानूनी दायरे में उसका दृढ़ता से विरोध करेंगे।
पुलिस की ओर से गलत जानकारी और टालमटोल!
नोटिस के संबंध में दैनिक ‘सनातन प्रभात’ के प्रतिनिधियों ने भोईवाड़ा पुलिस थाने के एक अधिकारी से दूरभाष पर संपर्क किया। उन्होंने नोटिस भेजे जाने से इनकार किया, जबकि अन्य अधिकारियों ने ‘वरिष्ठ अधिकारी बाहर गए हैं’, ऐसा कहकर जानकारी देने से टालमटोल की।
नोटिस दिए गए हिंदुत्वनिष्ठों को कानूनी सहायता देंगे! – राजीव चौबे, विश्व हिंदू परिषद
हिंदुत्वनिष्ठ निर्दोष होने के बावजूद उन्हें इस प्रकार नोटिस भेजना गलत है। इस मामले में विश्व हिंदू परिषद की ओर से हम भायखला पुलिस थाने जाकर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मिले हैं। ‘नोटिस दिए गए हिंदुत्वनिष्ठ को हम कानूनी सहायता प्रदान करेंगे’, ऐसी प्रतिक्रिया विश्व हिंदू परिषद के श्री. राजीव चौबे ने दैनिक ‘सनातन प्रभात’ के प्रतिनिधि से बातचीत में व्यक्त की।
पुलिस की धमकी भरी नोटिस!
नोटिस के अनुसार, सबूतों के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं की जाएगी। मामले की वास्तविकता से परिचित किसी भी व्यक्ति या गवाह को न्यायालय अथवा पुलिस से तथ्य छिपाने के लिए किसी प्रकार की धमकी, प्रलोभन या आश्वासन नहीं दिया जाएगा। जांच के दौरान सभी आवश्यक दस्तावेज और सामग्री पुलिस के समक्ष प्रस्तुत करनी होगी तथा कोई भी जानकारी छिपाए बिना सत्य सामने लाना होगा। भविष्य में किसी भी अपराध को अंजाम न दिया जाए, इसकी सावधानी बरतनी होगी आदि निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस की शर्तों का पालन न करने या जांच के लिए उपस्थित न होने पर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध गिरफ्तारी की कार्रवाई की जा सकती है, ऐसी चेतावनी भी पुलिस ने दी है।








