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स्वरा भास्कर अहमद ने क्षमा नहीं मांगी, तो कानूनी कार्रवाई करेंगे – अधिवक्ता अमिता सचदेवा की चेतावनी

अभिनेत्री स्वरा फहाद अहमद द्वारा ‘पद्मावत’ फिल्म के ‘जौहर’ पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का प्रकरण

नई दिल्ली – अभिनेत्री स्वरा फहाद अहमद (पूर्व में स्वरा भास्कर) द्वारा ‘पद्मावत’ फिल्म में जौहर दर्शाए जाने पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी पर सर्वोच्च न्यायालय की अधिवक्ता अमिता सचदेवा ने कहा है कि यदि उन्होंने तुरंत क्षमा नहीं मांगी, तो उनके विरुद्ध कानूनी कदम उठाया जाएगा ।

बता दें कि, अभिनेत्री स्वरा भास्कर अहमद ने  ‘इंडिया इंटरनैशनल सेंटर’ में ३१ अगस्त को आयोजित एक कार्यक्रम में कहा,  ‘वर्ष २०१८ में ‘पद्मावत’ फिल्म देखते समय मैंने यह देखा कि उसमें सभी महिलाएं जौहर कर रही हैं, तब मुझे ऐसा लगा कि ईश्वर की कृपा से कोई बलात्कार पीडित महिला यदि यह फिल्म देख रही हो, तो यह फिल्म उसे क्या सीख देती है ? उसे स्वयं को वह ‘कायर’ प्रतीत होगी । उसे ऐसा लगेगा कि उसने अपने सम्मान की रक्षा के लिए स्वयं के प्राण नहीं त्यागे । हमारे समाज में जहां पहले ही बलात्कार सार्वत्रिक है, तो वहां आप पीडित महिलाओं को क्या यही बताना चाहते हैं कि आपको जीने का कोई अधिकार नहीं है ?’

हम केवल बोलते नहीं, हम कार्रवाई करते हैं !

अधिवक्ता अमिता सचदेवा ने ‘एक्स’ पर कहा कि ‘पद्मावत’ फिल्म किस पर आधारित थी, यह आप अच्छी तरह जानती थीं । आपको यह पता था कि इसमें रानी पद्मावती और चित्तौड की उन महिलाओं का शौर्य तथा बलिदान दिखाया गया है, जिन्होंने बंदी बनने और अपमानित होने की अपेक्षा जौहर का मार्ग चुना । आपको यह पता था, फिर भी आपने वह बयान दिया । वह कोई भ्रम नहीं था, बल्कि सोच-समझकर किए गए शब्दों का चयन था । अब स्वरा अहमद क्षमा मांगने के स्थान पर अपने बयान का अनुचित अनुवाद किए जाने का बहाना बना रही हैं । यदि वास्तव में आपका कहने का तात्पर्य यह था कि पीडितों को जीने का अधिकार है, तो रानी पद्मावती का नाम एवं उनका जौहर इसमें घसीटे बिना भी यह कहा जा सकता था; परंतु आपने ऐसा नहीं किया । इसलिए तुरंत क्षमा मांगें । यह कोई अनुरोध नहीं है । हम केवल बोलते नहीं हैं, हम कार्रवाई करते हैं । इसके पश्चात कानूनी कार्रवाई की जाएगी । बहाने बनाना बंद करें । रानी पद्मावती के सम्मान में उन महिलाओं से क्षमा मांगें, जिन्होंने आग में कूदकर अपने प्राण दिए और जिनके इतिहास को आपने इतनी आसानी से निरस्त कर दिया ।

जौहर उस काल की, इतिहास की सच्चाई है ! – ‘पद्मावत’ फिल्म के सह-लेखक प्रकाश कपाडिया का स्पष्टीकरण

‘पद्मावत’ के सह-लेखक प्रकाश कपाडिया ने एक समाचार पत्र को दिए साक्षात्कार में कहा कि हमने अपने शोध और इतिहास की पुस्तकों में लिखी बातों के आधार पर ही फिल्म बनाई है । हर व्यक्ति फिल्म को अलग-अलग दृष्टिकोण से देखता है । हमने जो दिखाया, जिसमें जौहर का दृश्य भी समाहित है, वह उस समय की सच्चाई थी । अब उसे परिवर्तित नहीं किया जा सकता । स्थिति ‘करो या मरो’ की थी । मुझे लगता है कि यह व्यक्ति की मनोस्थिति पर निर्भर करता है । यदि फिल्म अच्छी भी हो और आप उसे बुरी मनोस्थिति में देखें, तो वह आपको व्यर्थ ही लगेगी । ‘आप उसे एक दर्शक के रूप में देख रहे हैं या उसमें कुछ विवादित अथवा नकारात्मक ढूंढने के उद्देश्य से देख रहे हैं ?’, यह नीयत भी यहां महत्त्वपूर्ण है । पद्मावत के संदर्भ में तो लोगों ने फिल्म देखने से पहले ही आपत्ति जताई थी और सडकों पर उतरकर प्रदर्शन किया था । वही चर्चा वर्षों उपरांत भी चल रही है, तो मैं क्या कह सकता हूं, लोगों को जो बोलना है बोलने दें ।

संपादकीय टिप्पणी
हिन्दू धर्म पर आपत्तिजनक टिप्पणी करनेवालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई के लिए पहल करनेवाली अधिवक्ता अमिता सचदेवा का अभिनंदन ! अन्य स्थानों के अधिवक्ताओं और हिन्दुओं को इससे प्रेरणा लेनी चाहिए !
— संपादक, हिंदू जनजागृति समिति

 

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