सोलापुर मनपा आयुक्त के बाद राज्य सरकार भी एक्शन मोड में..

सोलापुर शहर के बापूजी नगर स्थित सरकारी समाज मंदिर (कम्युनिटी हॉल) को अवैध रूप से ‘चर्च’ में तब्दील करने, इलाके में धार्मिक तनाव पैदा करने और हिंदू आरक्षण का दुरुपयोग कर सरकारी नौकरी हथियाने वाले सोलापुर नगर निगम (SMC) के स्वास्थ्य विभाग के लिपिक दत्तात्रय कानेपागुल उर्फ येहान मार्क कानेपागुल के खिलाफ सोलापुर मनपा आयुक्त डॉ. सचिन ओम्बासे (आई.ए.एस.) ने विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। इस संबंध में आयुक्त ने सामान्य प्रशासन विभाग की उपायुक्त श्रीमती सोनाली यादव को तुरंत रिपोर्ट सौंपने का लिखित निर्देश जारी किया है।

बापूजी नगर के इस गंभीर संवेदनशील मामले को लेकर हिंदू राष्ट्र सेना और हिंदू जनजागृति समिति पिछले कई वर्षों से लगातार कानूनी लड़ाई लड़ रहे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए सोलापुर के पूर्व मंत्री व वर्तमान विधायक श्री. सुभाष देशमुख ने मनपा आयुक्त से इस पर तुरंत कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। लोकप्रतिनिधि की तत्परता और हिंदुत्वनिष्ठ संगठनों के निरंतर संघर्ष के कारण आज इस मुहिम को बड़ी सफलता मिली है।
🚩 A major victory for persistent civic action!
The sustained efforts of Hindu Janajagruti Samiti and Hindu Rashtra Sena have yielded results. Following the Solapur Municipal Commissioner’s action, the Maharashtra Government has also stepped in to investigate the alleged illegal… pic.twitter.com/Ljj4imMa52
— Sunil Ghanwat 🛕🛕 (@SG_HJS) July 1, 2026
मामले की सामाजिक संवेदनशीलता को देखते हुए राज्य के विधि एवं न्याय राज्यमंत्री मा. श्री. आशीष जायसवाल ने सीधे हस्तक्षेप किया है। उन्होंने सोलापुर के जिलाधिकारी को इस पूरे मामले की गहन जांच कर तत्काल रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। मनपा आयुक्त और राज्यमंत्री द्वारा एक साथ जांच के आदेश दिए जाने से अब इस पूरे घोटाले की सभी पहलुओं से निष्पक्ष जांच होना तय हो गया है।
मनपा ने यह समाज मंदिर केवल सामाजिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक गतिविधियों के लिए लीज पर दिया था। इसकी समय-सीमा समाप्त हो चुकी है। इसके बावजूद, मूल शर्तों का उल्लंघन कर इसे अवैध रूप से ‘चर्च’ का रूप देना सरासर ‘कानूनी अतिक्रमण’ है। यहाँ तेज आवाज में लाउडस्पीकर बजाकर जनता को परेशान करने और गरीब हिंदुओं के अवैध धर्मांतरण की कई शिकायतें हैं।
मनपा कर्मचारी दत्तात्रय कानेपागूल ने ‘हिंदू मोची’ (अनुसूचित जाति) वर्ग के आरक्षण का लाभ लेकर सरकारी नौकरी हासिल की थी। लेकिन वर्तमान में वह ईसाई धर्म अपनाकर ‘जीसस गॉस्पेल सोसाइटी’ का मुख्य पादरी (पास्टर) बनकर काम कर रहा है। सरकारी सेवा में रहते हुए दोहरी पहचान रखना और ईसाई धर्म का प्रचार करना सरकार के साथ सीधे तौर पर धोखाधड़ी है।
इस सार्वजनिक समाज मंदिर में स्थानीय नागरिकों को भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर और जाम्बमुनी महाराज की जयंती मनाने से रोका जाता है। साथ ही, लाउडस्पीकर के माध्यम से हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ अत्यंत आपत्तिजनक और भड़काऊ बयानबाजी कर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
हिंदू जनजागृति समिति की प्रमुख मांगें
‘जीसस गॉस्पेल सोसाइटी’ का मनपा के साथ किया गया लीज एग्रीमेंट तुरंत रद्द कर इस इमारत को सील किया जाए और इसे आम जनता के लिए फिर से खोला जाए। ‘महाराष्ट्र नागरिक सेवा (आचरण) नियम, 1979’ के उल्लंघन के मामले में मनपा कर्मचारी कानेपागुल को सेवा से तत्काल बर्खास्त किया जाए। साथ ही, फर्जी आरक्षण लाभ की जांच कर उसके खिलाफ धोखाधड़ी का कड़ा फौजदारी मुकदमा दर्ज किया जाए।
“हम प्रशासन, विधायक सुभाष देशमुख और विधि मंत्री आशीष जायसवाल द्वारा दिए गए जांच के आदेशों का स्वागत करते हैं। अब प्रशासन को बिना किसी देरी के अगले 15 दिनों के भीतर इस अवैध चर्च को सील कर दोषियों को जेल भेजना चाहिए, अन्यथा लोकतांत्रिक मार्ग से उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा,” ऐसा स्पष्ट अल्टीमेटम हिंदू जनजागृति समिति के महाराष्ट्र एवं छत्तीसगढ़ राज्य संगठक श्री. सुनील घनवट ने दिया है।








