सरकारी वेतन और धर्मांतरण का अड्डा; धोखाधड़ी करने वाले मुख्य सूत्रधार की गिरफ्तारी कब होगी? – हिंदू संगठनों का सवाल

सोलापुर : बापूजीनगर स्थित म्हाडा परिसर के समाज मंदिर में पिछले 25 वर्षों से खुलेआम चल रहे अवैध चर्च पर सोलापुर नगर निगम प्रशासन ने आखिरकार ताला लगा (सील कर) दिया है। हिंदू जनजागृति समिति सहित सभी हिंदुत्ववादी संगठनों ने इस सख्त कार्रवाई का स्वागत किया है; हालांकि, केवल परिसर को सील करने से यह मामला समाप्त नहीं होता; हिंदू आरक्षण का लाभ उठाकर राज्य सरकार के साथ धोखा देने वाले और इस धर्मांतरण गिरोह के मुख्य सूत्रधार ईसाई पादरी दत्तात्रेय कानेपागूल उर्फ येहान मार्क को गिरफ्तार कब किया जाएगा, यह कड़ा सवाल हिंदू संगठनों ने प्रशासन से पूछा है। आज सोलापुर में आयोजित एक संयुक्त पत्रकार वार्ता में यह आक्रोशित मांग की गई।
सोलापूर येथील बेकायदेशीर चर्च सील; हिंदू संघटनांकडून कारवाईचे स्वागत!
शासनाचा पगार व धर्मांतराचा अड्डा; फसवणूक करणाऱ्या मुख्य सूत्रधाराला अटक कधी करणार? – हिंदू संघटनांचा सवाल#सोलापूर #चर्च #धर्मांतर #धर्मांतरविरोध #हिंदूसंघटना #ReligiousConversion pic.twitter.com/r6SnLuf0Av
— HinduJagrutiOrg (@HinduJagrutiOrg) September 5, 2026

दत्तात्रेय कानेपागूल सोलापुर नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग में क्लर्क के पद पर कार्यरत है। उसने ‘हिंदू मोची’ जाति के आरक्षण का लाभ उठाकर सरकारी नौकरी हासिल की। हालांकि, असल में ईसाई धर्म अपनाकर वह ‘येहान मार्क’ नाम से ‘जीसस गॉस्पेल सोसाइटी’ नामक चर्च के पादरी के रूप में धर्मांतरण की गतिविधियां चला रहा है। यह न केवल राज्य सरकार के साथ धोखा है, बल्कि वास्तविक पिछड़े वर्गों के अधिकारों का भी घोर हनन है। इसलिए, इस फर्जी कर्मचारी को तुरंत सेवा से स्थायी रूप से बर्खास्त किया जाना चाहिए; साथ ही, उसके द्वारा अब तक उठाए गए वेतन और सभी सरकारी लाभों की चक्रवर्ती ब्याज सहित वसूली की जानी चाहिए, यह रुख संगठन के पदाधिकारियों ने व्यक्त किया।

कार्रवाई की भनक लगते ही इन लोगों ने प्रशासन को गुमराह करने के लिए रातों-रात चर्च से क्रॉस हटाकर सबूत नष्ट करने का पाखंड किया। सरकारी संपत्ति का अवैध उपयोग करने के अलावा, कानेपागूल ने वहां लाउडस्पीकर लगाकर हिंदू देवी-देवताओं का अत्यंत निचले स्तर पर जाकर उपहास किया। इससे क्षेत्र में जानबूझकर धार्मिक तनाव पैदा किया गया और सीधे-सादे गरीब हिंदुओं को धोखा दिया गया। इन गंभीर अपराधों पर संज्ञान लेते हुए, प्रशासन को उसके और ‘जीसस गॉस्पेल सोसाइटी’ के पदाधिकारियों के खिलाफ जानकारी छिपाने, सबूत नष्ट करने के साथ-साथ नई ‘भारतीय न्याय संहिता’, ‘धर्मांतरण रोधी कानून’ और ‘अनुसूचित जाति सत्यापन अधिनियम’ के तहत तुरंत आपराधिक मामले दर्ज करने चाहिए। इसके अलावा, पट्टे की शर्तों का खुला उल्लंघन करने के लिए चैरिटी कमिश्नर को ‘जीसस गॉस्पेल सोसाइटी’ (पंजीकरण संख्या: F-15287) की ट्रस्ट मान्यता तुरंत रद्द करनी चाहिए, यह मांग भी इस अवसर पर की गई।

पैसों का लालच देकर सीधे-सादे और गरीब हिंदुओं को धर्मांतरण के जाल में फंसाने की इस बड़ी साजिश के पीछे वास्तव में कौन है और इसके लिए धन कहां से आ रहा है, इसकी राज्य सरकार द्वारा गहन जांच होना अत्यंत आवश्यक है। इसके अलावा, यदि राज्य में कहीं भी समाज मंदिरों का ऐसा दुरुपयोग हो रहा है, तो उसकी भी तुरंत जांच की जानी चाहिए। यदि प्रशासन पादरी दत्तात्रेय कानेपागूल को संरक्षण न देते हुए तुरंत गिरफ्तार नहीं करता है, तो हिंदू जनजागृति समिति, हिंदू राष्ट्र सेना और अन्य हिंदुत्ववादी संगठनों की ओर से सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा, यह स्पष्ट चेतावनी इस अवसर पर दी गई।
1 जुलाई
हिंदू जनजागृति समिति और हिंदू राष्ट्र सेना के प्रयास कों सफलता: सोलापुर में अवैध चर्च और मनपा कर्मचारी के काले कारनामों की होगी जांच!
सोलापुर मनपा आयुक्त के बाद राज्य सरकार भी एक्शन मोड में..

सोलापुर शहर के बापूजी नगर स्थित सरकारी समाज मंदिर (कम्युनिटी हॉल) को अवैध रूप से ‘चर्च’ में तब्दील करने, इलाके में धार्मिक तनाव पैदा करने और हिंदू आरक्षण का दुरुपयोग कर सरकारी नौकरी हथियाने वाले सोलापुर नगर निगम (SMC) के स्वास्थ्य विभाग के लिपिक दत्तात्रय कानेपागुल उर्फ येहान मार्क कानेपागुल के खिलाफ सोलापुर मनपा आयुक्त डॉ. सचिन ओम्बासे (आई.ए.एस.) ने विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। इस संबंध में आयुक्त ने सामान्य प्रशासन विभाग की उपायुक्त श्रीमती सोनाली यादव को तुरंत रिपोर्ट सौंपने का लिखित निर्देश जारी किया है।

बापूजी नगर के इस गंभीर संवेदनशील मामले को लेकर हिंदू राष्ट्र सेना और हिंदू जनजागृति समिति पिछले कई वर्षों से लगातार कानूनी लड़ाई लड़ रहे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए सोलापुर के पूर्व मंत्री व वर्तमान विधायक श्री. सुभाष देशमुख ने मनपा आयुक्त से इस पर तुरंत कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। लोकप्रतिनिधि की तत्परता और हिंदुत्वनिष्ठ संगठनों के निरंतर संघर्ष के कारण आज इस मुहिम को बड़ी सफलता मिली है।
🚩 A major victory for persistent civic action!
The sustained efforts of Hindu Janajagruti Samiti and Hindu Rashtra Sena have yielded results. Following the Solapur Municipal Commissioner’s action, the Maharashtra Government has also stepped in to investigate the alleged illegal… pic.twitter.com/Ljj4imMa52
— Sunil Ghanwat 🛕🛕 (@SG_HJS) July 1, 2026
मामले की सामाजिक संवेदनशीलता को देखते हुए राज्य के विधि एवं न्याय राज्यमंत्री मा. श्री. आशीष जायसवाल ने सीधे हस्तक्षेप किया है। उन्होंने सोलापुर के जिलाधिकारी को इस पूरे मामले की गहन जांच कर तत्काल रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। मनपा आयुक्त और राज्यमंत्री द्वारा एक साथ जांच के आदेश दिए जाने से अब इस पूरे घोटाले की सभी पहलुओं से निष्पक्ष जांच होना तय हो गया है।
मनपा ने यह समाज मंदिर केवल सामाजिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक गतिविधियों के लिए लीज पर दिया था। इसकी समय-सीमा समाप्त हो चुकी है। इसके बावजूद, मूल शर्तों का उल्लंघन कर इसे अवैध रूप से ‘चर्च’ का रूप देना सरासर ‘कानूनी अतिक्रमण’ है। यहाँ तेज आवाज में लाउडस्पीकर बजाकर जनता को परेशान करने और गरीब हिंदुओं के अवैध धर्मांतरण की कई शिकायतें हैं।
मनपा कर्मचारी दत्तात्रय कानेपागूल ने ‘हिंदू मोची’ (अनुसूचित जाति) वर्ग के आरक्षण का लाभ लेकर सरकारी नौकरी हासिल की थी। लेकिन वर्तमान में वह ईसाई धर्म अपनाकर ‘जीसस गॉस्पेल सोसाइटी’ का मुख्य पादरी (पास्टर) बनकर काम कर रहा है। सरकारी सेवा में रहते हुए दोहरी पहचान रखना और ईसाई धर्म का प्रचार करना सरकार के साथ सीधे तौर पर धोखाधड़ी है।
इस सार्वजनिक समाज मंदिर में स्थानीय नागरिकों को भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर और जाम्बमुनी महाराज की जयंती मनाने से रोका जाता है। साथ ही, लाउडस्पीकर के माध्यम से हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ अत्यंत आपत्तिजनक और भड़काऊ बयानबाजी कर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
हिंदू जनजागृति समिति की प्रमुख मांगें
‘जीसस गॉस्पेल सोसाइटी’ का मनपा के साथ किया गया लीज एग्रीमेंट तुरंत रद्द कर इस इमारत को सील किया जाए और इसे आम जनता के लिए फिर से खोला जाए। ‘महाराष्ट्र नागरिक सेवा (आचरण) नियम, 1979’ के उल्लंघन के मामले में मनपा कर्मचारी कानेपागुल को सेवा से तत्काल बर्खास्त किया जाए। साथ ही, फर्जी आरक्षण लाभ की जांच कर उसके खिलाफ धोखाधड़ी का कड़ा फौजदारी मुकदमा दर्ज किया जाए।
“हम प्रशासन, विधायक सुभाष देशमुख और विधि मंत्री आशीष जायसवाल द्वारा दिए गए जांच के आदेशों का स्वागत करते हैं। अब प्रशासन को बिना किसी देरी के अगले 15 दिनों के भीतर इस अवैध चर्च को सील कर दोषियों को जेल भेजना चाहिए, अन्यथा लोकतांत्रिक मार्ग से उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा,” ऐसा स्पष्ट अल्टीमेटम हिंदू जनजागृति समिति के महाराष्ट्र एवं छत्तीसगढ़ राज्य संगठक श्री. सुनील घनवट ने दिया है।








