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इचलकरंजी (महाराष्ट्र) – ‘लव जिहाद’ पर विशेष व्याख्यान में 600 से अधिक हिन्दुओं ने लिया जागरूकता का संकल्प

हिंदू युवतियों को अबला नहीं, दुर्गा का स्वरूप धारण करना चाहिए! – रमेश शिंदे, राष्ट्रीय प्रवक्ता, हिंदू जनजागृति समिति

उपस्थित लोगों ने संकल्प लिया – “एक भी युवती ‘लव जिहाद’ के षड्यंत्र का शिकार नहीं होने देंगे

इचलकरंजी (जिला कोल्हापुर) – ‘लव जिहाद’ की घटनाएं दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही हैं और यह अब वैश्विक स्तर की चुनौती बन चुकी है। आज अनेक युवतियां अपने मन की बातें माता-पिता से साझा नहीं कर पातीं, इसलिए वे मित्रों की तलाश करती हैं और आगे चलकर अनेक मामलों में ‘लव जिहाद’ का शिकार बन जाती हैं। यदि माता-पिता प्रतिदिन कम-से-कम 15 मिनट अपने बच्चों से संवाद करें, तो अनेक समस्याओं का समाधान हो सकता है। आने वाले समय में हिंदू युवतियों को अबला बनने के बजाय ‘लव जिहाद’ जैसी घटनाओं का सामना करने के लिए देवी दुर्गा का स्वरूप धारण करना चाहिए। यह आह्वान हिंदू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री रमेश शिंदे ने किया।

वे जिव्हाजी सांस्कृतिक भवन में आयोजित ‘लव जिहाद’ विषयक विशेष व्याख्यान में बोल रहे थे। इस अवसर पर सनातन संस्था की धर्मप्रचारक सद्गुरु स्वाती खाडये ने भी उपस्थित जनों का मार्गदर्शन किया। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने समिति के ‘बेटी सुरक्षित, राष्ट्र सुरक्षित!’ अभियान से जुड़ने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का संचालन श्री विपुल भोपळे ने किया।

श्री रमेश शिंदे ने कहा…

श्री रमेश शिंदे ने आगे कहा, “सांगली, संभाजीनगर, सातारा सहित अनेक शहरों में कुछ कैफे ऐसे हैं, जहां 200 रुपये लेकर विशेष कमरे उपलब्ध कराए जाते हैं। इन्हीं स्थानों पर अनेक हिंदू युवतियों के साथ अत्याचार होते हैं और वे ‘लव जिहाद’ के जाल में फंस जाती हैं। इसलिए माता-पिता को सजग रहना चाहिए तथा उनकी बेटी कहां जाती है और किन लोगों के संपर्क में है, इस पर भी ध्यान देना चाहिए।”

इस कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद-राष्ट्रीय बजरंग दल के जिला मंत्री श्री पंढरीनाथ ठाणेकर, जिला विशेष संपर्क प्रमुख श्री संतोष हत्तीकर, श्री दत्ता पाटील, विश्व हिंदू परिषद के जिला संगठन मंत्री श्री रामचंद्र जोशी, पश्चिम महाराष्ट्र प्रांत मातृशक्ति सत्संग प्रमुख श्रीमती रेवती हणमसागर, श्री शिवप्रतिष्ठान हिंदुस्थान के श्री गजानन महाजनगुरुजी, शिवसेना जिला संगठन मंत्री श्री मोहन मालवणकर, उद्योगपति श्री दिलीप पटेल, महिला एवं बाल कल्याण सभापति श्रीमती रूपाली सातपुते, भाजपा के श्री बालकृष्ण तोतला, हिंदू राष्ट्र समन्वय समिति के श्री नितीन काकडे, हिंदुत्वनिष्ठ श्री आनंदा मकोटे, स्वकुळ साळी समाज के श्री रामसागर पोटे, श्री दत्तात्रय काजवे, श्रीमती कल्पना बागडे, उमिया सनातन महिला मंडल की अध्यक्षा श्रीमती भारतीबेन पटेल, गुजराती समाज के अध्यक्ष श्री जयंतीभाई पटेल, हिंदू जनजागृति समिति के श्री शिवानंद स्वामी, श्री महेंद्र अहिरे सहित विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक एवं हिंदुत्वनिष्ठ संगठनों के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में महिलाएं और युवतियां उपस्थित थीं। कार्यक्रम में कुल 600 से अधिक नागरिकों ने सहभागिता की।

‘लव जिहाद’ को रोकने के लिए हिंदू धर्म और संस्कृति का निष्ठापूर्वक पालन आवश्यक! – सद्गुरु स्वाती खाडये, सनातन संस्था

सद्गुरु स्वाती खाडये ने अपने संबोधन में कहा, “‘लव जिहाद’ केवल हिंदू बेटियों पर नहीं, बल्कि हिंदू धर्म पर किया गया एक प्रहार है। इसे रोकने के लिए हिंदू धर्म और संस्कृति का निष्ठापूर्वक पालन करना आवश्यक है।”

उन्होंने यह भी आह्वान किया कि “आगामी रक्षाबंधन पर हिंदू युवक अपनी बहनों को ‘लव जिहाद’ विषयक ग्रंथ उपहार में दें।”

उपस्थित लोगों की प्रतिक्रियाएं

व्याख्यान के उपरांत कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित नागरिकों की प्रतिक्रियाएं दर्ज करने के लिए एक विशेष फलक रखा गया था। अनेक लोगों ने लिखा कि “इस व्याख्यान से ‘लव जिहाद’ की गंभीरता समझ में आई, स्वरक्षा के उपायों की जानकारी मिली तथा ऐसे व्याख्यान देशभर में आयोजित होने चाहिए।”

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