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बिहार में हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा राज्यस्तरीय ‘हिंदू राष्ट्र अधिवेशन’ संपन्न

संपूर्ण देश में ‘गोवंश हत्याबंदी’ और ‘धर्मांतरण विरोधी’ कानून लागू किए जाएं! – अधिवेशन में मांग

पटलीपुत्र (बिहार) – ‘भारत संवैधानिक रूप से हिंदू राष्ट्र बने’ इस उद्देश्य के साथ पटलीपुत्र के अनिसाबाद क्षेत्र स्थित चित्रगुप्त समाज सभागार में बिहार राज्यस्तरीय ‘हिंदू राष्ट्र अधिवेशन’ उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। इस अधिवेशन में हिंदू हित से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई।

हिंदू जनजागृति समिति के धर्मप्रचारक सद्गुरु नीलेश सिंहबाळ ने जानकारी देते हुए कहा कि, भारत के संविधान से ‘धर्मनिरपेक्ष’ शब्द हटाया जाए, केंद्र सरकार द्वारा पूरे देश में गोवंश हत्याबंदी तथा धर्मांतरण विरोधी कानून लागू किए जाएं और देश के सभी मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त कर भक्तों के प्रबंधन में दिया जाए, ऐसे प्रस्ताव अधिवेशन में पारित किए गए। अधिवेशन के बाद आयोजित पत्रकार परिषद में उन्होंने यह जानकारी दी। इस अवसर पर ‘राष्ट्रभक्त अधिवक्ता समिति’ के अधिवक्ता प्रभाष ठाकुर तथा हिंदू जनजागृति समिति के उत्तरप्रदेश एवं बिहार राज्य समन्वयक श्री विश्वनाथ कुलकर्णी भी उपस्थित थे।

बाएं से ‘राष्ट्रभक्त अधिवक्ता समिति’ के अधिवक्ता प्रभाष ठाकुर, संबोधित करते हुए सद्गुरु नीलेश सिंगबाळ और श्री विश्वनाथ कुलकर्णी

अधिवक्ताओं के संगठन पर जोर

‘राष्ट्रविरोधी विचारधाराओं के षड्यंत्रों का प्रभावी उत्तर देने के लिए हिंदुत्वनिष्ठ और राष्ट्रभक्त अधिवक्ताओं का संगठित होना आवश्यक है। इसके लिए बिहार के विभिन्न जिलों में अधिवक्ता सम्मेलन और चर्चासत्र आयोजित किए जाएंगे। साथ ही हिंदू संगठनों को आवश्यक कानूनी प्रशिक्षण देकर उन्हें धर्मकार्य के लिए सक्षम बनाया जाएगा’, ऐसी जानकारी अधिवक्ता प्रभाष ठाकुर ने दी।

संपर्क अभियान चलाया जाएगा

श्री विश्वनाथ कुलकर्णी

श्री विश्वनाथ कुलकर्णी ने बताया कि, बिहार में ‘हिंदू राष्ट्र संपर्क अभियान’ चलाकर हलालमुक्त बिहार अभियान को गति देना, नए हिंदू संगठनों से संपर्क करना तथा मंदिरों को संगठित करने के लिए मंदिर ट्रस्टियों से संवाद अभियान चलाया जाएगा। आने वाली हनुमान जयंती पर गदापूजन के साथ इस अभियान का शुभारंभ किया जाएगा।

बिहार में आयोजित इस हिंदू राष्ट्र अधिवेशन में विभिन्न जिलों के हिंदू संगठनों के पदाधिकारी, अधिवक्ता, संत, मंदिर ट्रस्टी, उद्योगपति, पत्रकार तथा संपादक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

अधिवेशन में उपस्थित मान्यवरों के विचार

हिंदू मंदिरों को तोडे जाने के विरोध में ‘मुजफ्फरपुर मंदिर निर्माण समन्वय समिति’ की स्थापना! – आचार्य चंद्र किशोर पाराशर, केंद्रीय अध्यक्ष, अंतरराष्ट्रीय सनातन हिंदू वाहिनी

वर्तमान में हिंदुत्व पर हो रहे अनेक आघातों का सामना करने के लिए हिंदुत्वनिष्ठ संगठनों को आपसी समन्वय बनाकर नियमित रूप से एकत्र होकर प्रतिकार करना चाहिए। मुजफ्फरपुर में रेलवे स्टेशन के पास स्थित प्राचीन मंदिरों को तोड़े जाने के बाद इस विध्वंस के विरोध में ‘मुजफ्फरपुर मंदिर निर्माण समन्वय समिति’ की स्थापना कर हिंदू संगठनों को एकत्र लाने का प्रयास किया गया।

वर्तमान आपातकालीन परिस्थिति में हिंदू संगठनों को अधिक मजबूत बनाना आवश्यक – सद्गुरु निलेश सिंगबाल, धर्मप्रचारक, हिंदू जनजागृति समिति

हिंदुओं के संगठित होने के कारण ही महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ राज्यों में धर्मांतरण विरोधी कानून पारित हुए। इसी प्रकार केवल प्रभावी हिंदू संगठन के माध्यम से ही हिंदू राष्ट्र की स्थापना संभव है। हिंदू जनजागृति समिति द्वारा आयोजित अधिवेशनों के माध्यम से देशभर की 1000 से अधिक हिंदुत्वनिष्ठ संस्थाएं मिलकर हिंदू राष्ट्र आंदोलन चला रही हैं। वर्तमान में संभावित तृतीय विश्व युद्ध और आपातकाल की पृष्ठभूमि में हिंदू संगठनों को अधिक मजबूत बनाना आवश्यक है।

‘कोर्ट ऑफ वॉर्ड्स कानून’ अभी भी बिहार में लागू! – पंडित राकेश चंद्र झा, मुख्य पुजारी, श्री दुर्गा मंदिर, बेतिया, बिहार

‘कोर्ट ऑफ वॉर्ड्स कानून’ (पालक और पाल्य अधिनियम, 1890) के अनुसार मंदिर की सारी निधि सरकार के पास जाती है, जबकि पुजारी को वेतन के रूप में केवल 900 रुपये मिलते हैं। यह कानून देश के अन्य भागों से हटाया जा चुका है, लेकिन बिहार में अभी भी लागू है।

भारत विरोधी ‘इकोसिस्टम’ का सामना करने के लिए राष्ट्रभक्त वकीलों का संगठन आवश्यक! – अधिवक्ता प्रभाष ठाकुर, राष्ट्रभक्त अधिवक्ता समिति

तमिलनाडु के न्यायमूर्ति स्वामीनाथन, जिन्होंने हिंदुओं के पक्ष में निर्णय दिया था, उनके खिलाफ महाभियोग चलाने के लिए ‘इंडिया’ गठबंधन के 107 सांसदों का एकत्र होना भारत विरोधी विचारधारा की एक ‘इकोसिस्टम’ को दर्शाता है। इसका सामना करने के लिए हिंदुत्वनिष्ठ और राष्ट्रभक्त वकीलों का संगठन आवश्यक है। इसी उद्देश्य से बिहार के विभिन्न जिलों में वकीलों की परिषद और चर्चासत्र आयोजित किए गए हैं। हिंदुत्वनिष्ठ संगठनों को आवश्यक कानूनी सहायता देकर उन्हें धर्मकार्य के लिए सक्षम बनाया जाएगा।

मंदिरों की रक्षा के लिए संघर्ष लगातार जारी रहेगा! – अनिल कुमार, तिरहुत मंडल प्रभारी, विश्व सनातन सेना, मुजफ्फरपुर

मुजफ्फरपुर में रेलवे स्टेशन के पास मंदिरों को तोड़े जाने के बाद जब हमने इसके खिलाफ कार्रवाई करने का प्रयास किया तो हमें पुलिस और प्रशासन से कोई सहयोग नहीं मिला। अंततः हमने सरकार को चेतावनी दी कि यदि कोई कार्रवाई नहीं हुई तो हम आत्मदाह करेंगे। इसके बाद हमें कई प्रलोभन भी दिए गए, लेकिन मंदिरों की रक्षा के लिए हमारा संघर्ष लगातार जारी रहेगा।

हिंदू जनजागृति समिति के समन्वयकों का आचरण अद्वितीय है! – अधिवक्ता राजेश चौबे, पाटलिपुत्र

हिंदू जनजागृति समिति के समन्वयक तपस्वियों की तरह अपना व्यक्तिगत जीवन त्यागकर राष्ट्र और धर्म के कार्य में लगे हुए हैं। उनका आचरण और संगठन कौशल भी अद्वितीय है। इसी कारण मैं इस कार्य से जुड़ा। समाज का नेतृत्व करने वाले कई हिंदुत्वनिष्ठ लोगों को समिति के आयोजनों से हमेशा बहुत कुछ सीखने को मिलता है।

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