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हिन्दू साधु-संतों का विडंबना करने वाला विज्ञापन सरकार ने वापस लिया

दोषियों पर कठोर कार्यवाही करने की हिन्दू जनजागृति समिति की मांग

मुंबई – “अपने कार्य पर पर विश्वास रखें, ढोंग पर नहीं”, ऐसा लिखे हुए तथा साधु-संतों के वेश में व्यंगचित्र के माध्यम से हिन्दू धर्म का अपमान करने वाले सामाजिक न्याय विभाग के विवादित विज्ञापन पर राज्य में तीव्र रोष व्यक्त किया जा रहा है । हिन्दू जनजागृति समिति के मुंबई के श्री सतीश सोनार ने सामाजिक न्याय मंत्री संजय शिरसाट से भेंट कर यह विज्ञापन तत्काल वापस लेने और दोषियों पर कठोर कार्यवाही करने की मांग की थी ।

सामाजिक न्याय मंत्री श्री संजय शिरसाट को निवेदन करते हुए हिन्दू जनजागृति समिति के श्री सतीश सोनार

इस अवसर पर मंत्री ने कहा, “यह विज्ञापन कल रात ही वापस ले लिया गया है । यह विज्ञापन हमारे विभाग की ओर से नहीं निकला गया था । इसे सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने प्रकाशित किया था ।”

महाराष्ट्र सरकार के सामाजिक न्याय एवं विशेष सहायता विभाग के नाम से प्रकाशित इस विज्ञापन में जटा, तिलक, रुद्राक्ष माला, खोपडी तथा नींबू-मिर्ची जैसे प्रतीकों को दर्शाकर एक साधु का निंदनीय (विडंबनात्मक) व्यंगचित्र प्रकाशित किया गया था । साथ ही ” ढोंग नहीं लें, शिक्षा का संकल्प” ऐसा नारा देकर जानबूझकर हिन्दू धर्म को लक्ष्य किया गया था ।

हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों का तीव्र विरोध 

इस चित्रण के कारण हिन्दू साधु-संतों तथा ऋषि-मुनियों की परंपरा का अपमानजनक प्रस्तुतीकरण हुआ है, ऐसी भावना विभिन्न हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों ने व्यक्त की है । हिन्दू जनजागृति समिति के राज्य संगठन मंत्री श्री सुनील घनवट ने सरकार को लिखित शिकायत देकर दोषियों पर कठोर कार्यवाही करने की मांग की है ।

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