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छत्रपति संभाजीनगर में हिंदू महिलाओं का आक्रोश: ‘मंगलसूत्र का अपमान नहीं सहेंगे!’

छत्रपति के महाराष्ट्र में हिंदू सुहागिनों के मंगलसूत्र को हाथ लगाने वाले निरंकुश अधिकारियों पर आपराधिक मामला दर्ज करें!

छत्रपति संभाजीनगर जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष हिंदूवादी महिलाओं की जोरदार नारेबाजी!

छत्रपति संभाजीनगर : “छत्रपति शिवाजी महाराज और धर्मवीर छत्रपति संभाजी महाराज की इस पवित्र भूमि पर हिंदू सुहागिनों के मंगलसूत्र को हाथ लगाया जाना, धर्मनिरपेक्ष प्रशासन की हठधर्मिता है। सुरक्षा जांच के नाम पर हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को कुचलने वाले दोषी अधिकारियों को तत्काल निलंबित कर उन पर आपराधिक मामला दर्ज किया जाए, अन्यथा हिंदू समाज शांत नहीं बैठेगा,” यह चेतावनी हिंदू जनजागृति समिति की समन्वयक कु. प्रियंका लोणे ने दी।

8 फरवरी को छत्रपति संभाजीनगर में आयोजित ‘सीटीईटी’ (CTET) परीक्षा केंद्रों पर हिंदू महिलाओं के पवित्र मंगलसूत्र और आभूषण उतरवाए जाने के विरोध में आज हिंदू जनजागृति समिति द्वारा जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर आंदोलनकारियों ने प्रशासन की हिंदू-विरोधी नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की और जिलाधिकारी को विस्तृत ज्ञापन सौंपा। इस प्रदर्शन में ‘शिवप्रतिष्ठान हिंदुस्तान’ की श्रीमती सारिका कोलते और ‘रणरागिणी’ शाखा की कु. श्रुति सिरसाट सहित बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित थीं।

 कु. प्रियंका लोणे ने आगे कहा, “हिंदू धर्म में मंगलसूत्र केवल एक आभूषण नहीं, बल्कि श्रद्धा का प्रतीक है। अन्य धर्मों के धार्मिक प्रतीकों के मामले में ‘धार्मिक स्वतंत्रता’ का सम्मान करने वाले प्रशासन को केवल हिंदुओं के आभूषणों में ही ‘मेटल’ क्यों दिखता है? यह दोहरा मापदंड अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भारतीय संविधान का अनुच्छेद 25 प्रत्येक नागरिक को धार्मिक आचरण का अधिकार देता है; परीक्षा के नाम पर हिंदू महिलाओं का यह अपमान संविधान का अपमान है।” उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि परीक्षा केंद्रों के बाहर लाखों रुपये के आभूषण असुरक्षित रखवाना महिलाओं की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है। यदि ये आभूषण चोरी हो जाते, तो क्या जिला प्रशासन इसकी जिम्मेदारी लेता?

प्रमुख मांगें

1. दोषी केंद्र प्रमुख और संबंधित कर्मचारियों को तत्काल निलंबित किया जाए।

2. केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) एक स्पष्ट सर्कुलर जारी करे, जिसमें हिंदू धार्मिक अलंकारों (मंगलसूत्र, बिछिया, नथ, बिंदी) के साथ परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाए।

3. भविष्य में ऐसी घटना दोबारा होने पर तीव्र जन-आंदोलन छेड़ा जाएगा।

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