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गोवा में ‘लव जिहाद’ विरोधी कानून लागू करें – ‘रणरागिणी’ शाखा की मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत से मांग

वर्तमान में देशभर में हिंदू बहनों पर ‘लव जिहाद’ तथा बलपूर्वक धर्मांतरण के रूप में भीषण सामाजिक संकट निर्माण हुआ है। देश के उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात, झारखंड जैसे 11 राज्यों ने ‘लव जिहाद विरोधी’ अथवा ‘धर्मांतरण प्रतिबंध’ कानून पहले ही लागू किए हैं। इस पृष्ठभूमि में हिंदू बहनों की रक्षा के लिए गोवा में भी तत्काल ‘लव जिहाद विरोधी कानून’ लागू किया जाए, ऐसी मांग हिंदू जनजागृति समिति की ‘रणरागिणी’ शाखा द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत से भेंट कर उन्हें एक ज्ञापन के माध्यम से की गई है।

इस अवसर पर ‘रणरागिणी’ के शिष्टमंडल में सौ. हेमश्री गडेकर और सौ. राजश्री गडेकर उपस्थित थीं। मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपते समय समाजकल्याण मंत्री श्री. सुभाष फळदेसाई तथा गोमंतक मंदिर महासंघ के सचिव श्री. जयेश थळी भी उपस्थित थे। गोवा में ‘लव जिहाद विरोधी कानून’ की मांग वाले इस ज्ञापन पर 7 हजार गोमंतकीय नागरिकों के हस्ताक्षर किए गए हैं।

हिंदू जनजागृति समिति ने इस ज्ञापन में गोवा में घटी ‘लव जिहाद’ से संबंधित विभिन्न घटनाओं का उल्लेख किया है। ज्ञापन में निम्नलिखित मांगें रखी गई हैं :

  • साक्षी, अनुराधा, श्रद्धा सहित अन्य हिंदू युवतियों की हत्या करने वाले लव जिहादियों को तत्काल फांसी दी जाए।
  • राज्य से महिलाओं एवं युवतियों के लापता होने के पीछे कोई षड्यंत्र तो नहीं, इसकी जांच हेतु गृह विभाग द्वारा स्वतंत्र जांच समिति नियुक्त की जाए।
  • ‘लव जिहाद’ के प्रकरणों की जांच एवं खोज के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की तर्ज पर पुलिस की एक विशेष शाखा गठित की जाए।
  • ‘रणरागिणी’ की ओर से यह ज्ञापन विधायक श्री. दाजी साळकर, विधायक श्री. उल्हास तुयेकर, विधायक श्री. प्रवीण आर्लेकर, विधायक श्री. प्रेमेंद्र शेट तथा विधायक डॉ. देविया राणे को भी दिया गया।

‘रणरागिणी’ द्वारा पिछले कुछ महीनों से गोवा में जनप्रतिनिधियों, हिंदुत्वनिष्ठ संगठनों, सामाजिक संगठनों, महिला स्वयंसहायता समूहों आदि से ‘लव जिहाद विरोधी कानून’ हेतु बैठकें, महिला मेलावों का आयोजन आदि माध्यमों से जनजागृति अभियान आरंभ किया गया है।

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