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शीतकालीन सत्र में लव जिहाद विरोधी कानून लागू करने की जलगांव के धर्मप्रेमियों की संगठित मांग

  • मुख्यमंत्री को ज्ञापन के माध्यम से लव जिहाद विरोधी कानून बनाने की मांग

  • 35 से अधिक हिन्दू संगठनों का सहभाग

जलगांव – “लव जिहाद केवल व्यक्तिगत अपराध नहीं, बल्कि वैचारिक युद्ध है।” अब तक महाराष्ट्र में हजारों युवतियां इस जिहादी षड्यंत्र की शिकार हो चुकी हैं। हिंदू बेटियों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए आगामी शीतकालीन विधानसभा सत्र में लव जिहाद विरोधी कठोर कानून लागू किया जाए, ऐसी मांग जलगांव के 35 से अधिक संगठनों ने की।

ज्ञापन देने के लिए एकत्र हुए धर्मप्रेमी

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नाम यह ज्ञापन जलगांव जिलाधिकारी को सौंपा गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

हिंदू जनजागृति समिति द्वारा 15,000 हस्ताक्षरों वाला ज्ञापन सौंपा गया!

गणेशोत्सव और नवरात्रोत्सव के दौरान हिंदू जनजागृति समिति ने कानून की मांग को लेकर संपूर्ण शहर में हस्ताक्षर अभियान चलाया। इस अभियान में एकत्र हुए 15,000 से अधिक हस्ताक्षर ज्ञापन के साथ सौंपे गए।

ज्ञापन में सम्मिलित संगठन और संप्रदाय

इस ज्ञापन में निम्न प्रमुख संगठनों की सहभागिता रही:  राष्ट्रीय सेविका समिति, रणरागिणी समिति, संस्कार भारती, वारकरी संप्रदाय, हिंदू जनजागृति समिति, श्री शिवप्रतिष्ठान हिंदुस्थान, हिंदू विधिज्ञ परिषद, महाराष्ट्र मंदिर महासंघ, हिंदू राष्ट्र समन्वय समिति, सनातन संस्था, तथा कई महिला मंडल, फाउंडेशन, व्यापारी संगठन और अधिवक्ता संघ भी उपस्थित थे।

ज्ञापन में की गई प्रमुख मांगें

१. उत्तर प्रदेश और राजस्थान की तरह कठोर, अज़मानतीय और आजीवन कारावास का प्रावधान रखने वाला लव जिहाद विरोधी कानून तुरंत लागू किया जाए।

२. इस प्रकार के मामलों की जांच हेतु विशेष पुलिस शाखा बनाई जाए और लव जिहाद के मामलों की अलग श्रेणी में दर्ज किया जाए।

३. लव जिहाद मामलों में विदेशी फंडिंग, बैंक खातों, मानव तस्करी और आतंकवाद में संलिप्तता की जांच हो और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो।

४. बलपूर्वक धर्मांतरण कराने वाले, सहायता देने वाले या प्रोत्साहन करने वाले व्यक्ति, जिहादी संगठन, धार्मिक नेता (मौलाना-मुल्ला) और मदरसे-मस्जिदों पर आवश्यकतानुसार कानूनन कार्रवाई और प्रतिबंध लगाया जाए।

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