शीतकालीन अधिवेशन में ‘लव जिहाद’ विरोधी कानून बनाएं – रणरागिणी शाखा, हिन्दू जनजागृति समिति
नवरात्रि में रणरागिणियों द्वारा मंत्री गुलाबराव पाटिल से आग्रही मांग

पाळधी (जिला जलगांव) – ‘लव जिहाद’ केवल व्यक्तिगत स्तर का आपराधिक कृत्य नहीं है, अपितु यह एक संगठित, सुनियोजित और वैचारिक युद्ध है । इसमें झूठी पहचान, प्रेमजाल, विवाह, धर्मांतरण, यौन शोषण, वेश्या-व्यवसाय, नृशंस हत्या, मानव तस्करी और बिक्री, मानव अंगों की बिक्री और आतंकवादी गतिविधियों में भागीदारी जैसे गंभीर अपराधों का समावेश है । जलगांव जिले सहित पूरे राज्य में ‘लव जिहाद’ की असंख्य हिन्दू युवतियां और महिलाएं शिकार हुई हैं । इसलिए, इसे रोकने के लिए राज्य में आगामी शीतकालीन अधिवेशन में ‘लव जिहाद’ विरोधी कानून पारित किया जाए, ऐसी मांग रणरागिणियों ने राज्य के जल-आपूर्ति मंत्री और जिले के संरक्षक मंत्री गुलाबराव पाटिल से ज्ञापन के माध्यम से की । इस अवसर पर हिन्दू जनजागृति समिति की रणरागिणी शाखा की युवतियां, सनातन संस्था की साधिकाएं और स्थानीय महिलाएं बडी संख्या में उपस्थित थीं ।
इस ज्ञापन में की गई मांगें निम्नलिखित हैं –
१. उत्तर प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों की तरह, अपराधी को आजीवन कारावास का दंड देनेवाला कठोर और गैर-जमानती स्वरूप का ‘लव-जिहाद विरोधी कानून’ राज्य में लागू किया जाए । इसके लिए आगामी अधिवेशन में ठोस भूमिका ली जाए ।
२. इन प्रकरणों के अन्वेषण (जाँच) के लिए विशेष पुलिस शाखा स्थापित करके उसमें ‘लव जिहाद’ प्रकरणों का स्वतंत्र रिकॉर्ड रखा जाए ।
३. लव-जिहाद प्रकरणों के पीछे विदेशी फंडिंग, बैंक खाते, युवतियों की तस्करी और आतंकवादी गतिविधियों के लिए उनका उपयोग, इन सभी की गहन जांच करके दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए ।
४. लव जिहाद के साथ-साथ धर्मांतरण में सहायता करनेवाले अथवा प्रोत्साहन देनेवाले व्यक्तियों, जिहादी संगठनों, धार्मिक नेताओं (मौलवी-मुल्ला) और मदरसों-मस्जिदों पर कानूनी प्रतिबंध लगाया जाए ।
५. नवरात्रि में गरबा पंडालों और नवरात्रि के उपलक्ष्य में आयोजित अन्य सार्वजनिक कार्यक्रमों में प्रवेश के लिए आधार कार्ड जैसे सरकारी पहचान पत्र को अनिवार्य किया जाए । इससे कोई भी व्यक्ति अपनी पहचान छिपाकर ऐसे कार्यक्रमों में प्रवेश नहीं कर सकेगा ।
६. महिला तथा बाल आयोग और गृह विभाग द्वारा ‘शिकायत निवारण सुविधा’ के माध्यम से त्वरित प्रतिसाद दिया जाए ।
७. सरकार, धार्मिक और सामाजिक संगठनों द्वारा महिला सुरक्षा के लिए ‘मैं हूं दुर्गा’, ‘रणरागिणी’ जैसे अभियान चलाकर ‘लव जिहाद’ और अन्य सामाजिक दुष्प्रवृत्तियों के विरुद्ध फलक, विज्ञापन, सामाजिक माध्यमों द्वारा जागृति की जाए ।
महिलाओं के हाथों में लिए गए पोस्टर बने आकर्षण के केंद्र
इस अवसर पर युवतियों और महिलाओं ने अपने हाथों में विशेष प्रकार के पोस्टर लिए हुए थे । इन पोस्टरों पर ‘लाडक्या बहिणींचा लाडका भाऊ…गुलाब भाऊ!’ (प्यारी बहनों का प्यारा भाई…गुलाब भाई!), ‘भाऊबीजेची ही भेट द्या ना, लव्ह जिहाद विरोधी कायदा करा ना!’ (भाऊबीज का यह उपहार दीजिए, लव जिहाद विरोधी कानून बनाइए!), ‘भाऊ, आमची सुरक्षा तुमच्या हाती, राज्याला गरज लव्ह जिहाद विरोधी कायद्याची!’ (भाई, हमारी सुरक्षा आपके हाथ में, राज्य को लव जिहाद विरोधी कानून की ज़रूरत है!) जैसे नारे लिखे थे। इन पोस्टरों ने सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया ।
हिन्दू जनजागृति समिति की ओर से रणरागिणी सायली पाटील, धनश्री दहिवदकर, गायत्री मराठे, खुशी चौधरी, सनातन संस्था की साधिकाएं तथा उनके साथ पाळधी, खर्ची, एकलग्न, आव्हानी, फुलपाट, पथराड और जलगांव शहर की महिलाएं बडी संख्या में उपस्थित थीं ।
‘लव जिहाद’ विरोधी कानून पारित कराने के लिए मैं 100% प्रयास करूंगा ! – मंत्री गुलाबराव पाटील
आज महिलाओं का सशक्त होना आवश्यक है । जब वह सशक्त हो जाएगी, तो किसी की भी हिम्मत नहीं होगी कि कोई उसे बुरी नजर से देखे । युवतियों को अपने पर्स में आत्मरक्षा का सामान रखना चाहिए । यदि उसके उपरांत भी किसी ने धोखाधडी की, तो हम दृढता से उसके साथ खडे रहेंगे । मैं यह कानून शीतकालीन सत्र में पारित कराने के लिए १००% प्रयास करूंगा ।
कोल्हापुर
‘लव जिहाद’ विरोधी कानून के लिए प्रयास करेंगे ! – प्रकाश आबीटकर, पालक मंत्री, कोल्हापुर


कोल्हापुर – राज्यभर में असंख्य हिन्दू युवतियां एवं स्त्रियों ‘लव जिहाद’ के षड्यंत्र का शिकार हुई हैं । इस षड्यंत्र को रोकने के लिए आगामी शीतकालीन अधिवेशन में कठोर ‘लव जिहाद’ विरोधी कानून पारित किया जाए — ऐसी मांग हिन्दू जनजागृति समिति की ओर से पालक मंत्री प्रकाश आबीटकर के समक्ष की गई । इस समय आबीटकर ने कहा, “ ‘लव जिहाद’ विरोधी कानून होने के लिए हम प्रयास करेंगे ”, ऐसा आश्वासन दिया । यही निवेदन भारतीय जनता पार्टी के सांसद धनंजय महाडिक, विधायक अमल महाडिक तथा शिवसेना के विधायक राजेश क्षीरसागर को भी दिया गया । इन सभी ने भी “ ‘लव जिहाद’ विरोधी कानून के लिए हम प्रयास करेंगे ”, ऐसा आश्वासन दिया ।
सोलापुर


पुणे


















