भारत को वास्तव में स्वतंत्रता मिली ही नहीं, हमारा विभाजन हुआ ! – विचारक संदीप बालकृष्ण
प्रखर हिन्दुत्वनिष्ठ नेता चक्रवर्ती सुलिबेले द्वारा लिखित ‘गौरी लंकेश की हत्या और हिन्दूविरोधी षड्यंत्र’ पुस्तक का विमोचन !

बंगलुरु (कर्नाटक) : वास्तव में धर्म का अर्थ सनातन धर्म है । भारत को वास्तव में स्वतंत्रता मिली ही नहीं, अपितु हमारा विभाजन किया गया । सनातन धर्म ही एकमात्र धर्म है, शेष सब साम्राज्यवादी और राजनीतिक नीतियों को आगे बढानेवाले पंथ हैं । ‘रिलीजन’ की इस अवधारणा को हमें समझना चाहिए, ऐसा वक्तव्य ‘द धर्म डिस्पैच’ के संस्थापक श्री. संदीप बाळकृष्ण ने दिया । वे ‘वैचारिक आक्रमण: भारत के आंतरिक शत्रु’ परिसंवाद में बोल रहे थे ।
इस अवसर पर ‘युवा ब्रिगेड’ के संस्थापक श्री. चक्रवर्ती सुलिबेले द्वारा लिखित ‘गौरी लंकेश की हत्या और हिन्दूविरोधी षड्यंत्र’ नामक पुस्तक का विमोचन भी किया गया ।
परिसंवाद में कर्नाटक उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश पी. कृष्ण भट्ट, ‘संवाद टीवी’ के संपादक श्री. वृषांक भट्ट, हिन्दू जनजागृति समिति के कर्नाटक राज्य प्रवक्ता श्री. मोहन गौडा, विश्व हिन्दू परिषद के प्रदेशाध्यक्ष श्री. दीपक राजगोपाल और साथ ही ‘स्ट्रिंग रिवील्स’ के श्री. विनोद भी सम्मिलत थे ।
परिसंवाद में ५०० से अधिक राष्ट्रप्रेमी और धर्मप्रेमी हिन्दू उपस्थित थे ।

बाळकृष्ण ने आगे कहा, ‘‘विश्व के सभी महाद्वीपों में इस्लाम और ईसाई पंथ फैले हैं; परंतु हिन्दू जिस एकमात्र देश में निवास करते हैं, वह भारत है । विश्व को खरा ज्ञान और प्रकाश देनेवाला भारत ही है । सभी पंथ और संप्रदाय हिन्दू धर्मरूपी विशाल वृक्ष की शाखाएं हैं । नेहरू के समय से इस्लाम और ईसाई पंथों को धर्म कहने की प्रवृत्ति बढी है । वास्तव में वे पंथ ही हैं । खरा धर्म केवल सनातन हिन्दू धर्म ही है । यदि ईसाई धर्म का वास्तविक स्वरूप पहचानना है, तो ‘न्यू टेस्टामेंट’ नहीं, अपितु ‘ओल्ड टेस्टामेंट’ का अध्ययन करना चाहिए ।’’
सेवानिवृत्त न्यायाधीश श्री. पी. कृष्ण भट्ट ने भी अपने विचार व्यक्त किए । उन्होंने कहा, ‘हिन्दू जीवनशैली सबकी रक्षा करनेवाली विचारधारा है ।’

‘गौरी लंकेश हत्या और हिंदुविरोधी षड्यंत्र’ पुस्तक की जानकारी !
उपरोक्त पुस्तक में इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि ‘शहरी नक्सलियों’ द्वारा हिन्दू श्रद्धा केंद्रों, हिन्दू संगठनों और हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों को किसप्रकार निशाना बनाया जा रहा है । उदाहरण के लिए, कर्नाटक में धर्मस्थल तीर्थस्थल मामले में हिन्दू धर्म को निशाना बनाया गया था । उसीप्रकार, गौरी लंकेश की हत्या के प्रकरण में राजनीतिक लाभ के लिए सनातन संस्था, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, शिवप्रतिष्ठान हिन्दुस्तान आदि हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों के २० से अधिक हिन्दुत्वनिष्ठों को फंसाने का प्रयास किया गया । गौरी लंकेश के प्रकरण को बढा-चढाकर पेश किया गया । उनकी हत्या का प्रकरण एक बहुत बडा हिन्दुत्व-विरोधी षड्यंत्र है । जिसप्रकार, कांग्रेस के तत्कालीन केंद्रीय गृहमंत्री सुशीलकुमार शिंदे ने हाल ही में खुलासा किया कि ‘मुझे हिन्दू आतंकवाद शब्द का उच्चारण करने के लिए कहा गया था’ और साध्वी प्रज्ञासिंह निर्दोष मुक्त हो गईं, उसी प्रकार गौरी लंकेश हत्या मामले में सभी हिन्दुत्वनिष्ठों को निर्दोष मुक्त किया जाएगा’, ऐसा विश्वास सुलिबेले ने इस पुस्तक के माध्यम से व्यक्त किया है ।
अंग्रेजों के समय में हिन्दुओं पर वैचारिक हमला हुआ ! – मोहन गौडा
Today in Bengaluru, Hindu Janajagruti Samiti successfully held the program on “Ideological Invasion & Internal Enemies of India".
Over 300 patriots participated and resolved to counter the ideological assault with strong intellectual resistance.@dharmadispatch @StringReveals pic.twitter.com/6gOGyhBfwm
— 🚩Mohan Gowda🇮🇳 (@MohanGowda_HJS) September 9, 2025
परिसंवाद को संबोधित करते हुए श्री. मोहन गौडा ने कहा कि सनातन धर्म पर सदियों से विभिन्न प्रकार के आक्रमण हुए हैं । मुसलमान आक्रमणकारियों द्वारा सीधे आक्रमण हुए, जबकि अंग्रेजों के समय में वैचारिक आक्रमण हुआ । स्वतंत्रता के बाद शहरी नक्सलवादी धर्म, इतिहास और हिन्दुओं के आस्था केंद्रों पर निरंतर वैचारिक आक्रमण कर रहे हैं । हिन्दुओं को भ्रमित करनेवाले ऐसे आक्रमणो को गंभीरता से लेने की आवश्यकता है । इस दौरान श्री. गौडा ने इस बात पर प्रकाश डाला कि हिन्दुओं को ‘शत्रुबोध’ (शत्रु का ज्ञान) क्यों होना चाहिए ।








