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मंदिरों के संदर्भ में ‘नैरेटिव’ फैलानेवालों के मतों का उसी समय खंडन करना चाहिए ! – सुनील घनवट, राष्ट्रीय संगठक, मंदिर महासंघ

महाराष्ट्र मंदिर-न्यास अधिवेशन में सोलापुर, धाराशिव, लातूर, बीड जिलों के २०० से भी अधिक मंदिर विश्वस्तों का सहभाग

बाएं से श्री. दिलीप देशमुख, श्री. किशोर गंगणे, सद्गुरु स्वाती खाडये, दीपप्रज्वलन करते हुए श्री. प्रसाद पंडित, श्री. सुनील घनवट, श्री. सत्यनारायण गुर्रम

सोलापुर (महाराष्ट्र) – श्री तुळजाभवानी मंदिर विकास रूपरेखा और पंढरपुर के श्री विठ्ठल मंदिर के संवर्धन का काम करते हुए पुरातत्व विभाग ने मंदिर, देवताओं की मूर्तियां, मंदिरों की पुरातन परंपरा, इसके साथ ही मंदिरों के ऐतिहासिक एवं पौराणिक महत्त्व की दुर्दशा न की जाए । यदि ऐसा हुआ तो मंदिर विश्वस्त, भक्त और हिन्दू रास्ते पर उतर आएंगे और इसका विरोध करेंगे । मंदिर महासंघ भी इसका विरोध करेगा । मंदिर संस्कृति रक्षा के लिए मंदिर विश्वस्तों और पुजारियों का परस्पर समन्वय एवं संगठन आवश्यक है । वर्तमान में श्री तुळजाभवानी मंदिर के पुजारियों पर हो रहे आरोपों के लिए दोषियों पर निश्चितरूप से कार्रवाई की जाए; परंतु नैरेटिव (झूठे कथानक) कर पुजारियों की अपकीर्ति करना रोकें । किसी भी मंदिर के संदर्भ में नैरेटिव का खंडन उसी समय किया जाएगा, ऐसा ठोस मत मंदिर महासंघ के राष्ट्रीय संगठक श्री. सुनील घनवट ने व्यक्त किए । वे १० अप्रैल को पद्मावती कन्वेन्शन हॉल, अक्कलकोट रोड, एम्.आइ.डी.सी. में आयोजित जिलास्तरीय महाराष्ट्र मंदिर-न्यास अधिवेशन में बोल रहे थे । इस अधिवेशन में सोलापुर, बीड, धाराशिव और लातूर जिलों के मंदिर विश्वस्त बडी संख्या में सम्मिलित थे ।

श्री. सुनील घनवट

अधिवेशन का प्रारंभ सनातन संस्था की धर्मप्रचारक सद्गुरु स्वाती खाडये, श्री. सुनील घनवट, निवृत्त सहधर्मादाय आयुक्त श्री. दिलीप देशमुख, ‘प्रज्ञापुरी ज्ञानपीठ’के पीठासन धर्माधिकारी श्री. प्रसाद पंडित, श्री तुळजाभवानी पुजारी मंडल के भूतपूर्व अध्यक्ष श्री. किशोर गंगणे, पंचमुखी हनुमान मंदिर के विश्वस्त और उद्योजक श्री. सत्यनारायण गुर्रम के हस्तों दीपप्रज्वलन से हुआ । सनातन संस्था के संस्थापक सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी का संदेश पू. (कु.) दीपाली मतकर ने पढकर सुनाया और अधिवेशन का सूत्रसंचालन हिन्दू जनजागृति समिति के श्री. मिनेश पुजारे ने किया । इस अवसर पर श्री. दिलीप देशमुख ने मंदिरों के संदर्भ में कानूनसंबंधी मार्गदर्शन किया ।

मंदिर हिन्दुओं की आधारशिला होने हेतु प्रयत्न करें ! – सद्गुरु स्वाती खाडये, धर्मप्रचारक, सनातन संस्था

सद्गुरू स्वाती खाड्ये

पुरातन काल से ही मंदिरों ने सांस्कृतिक इतिहास संजोने का कार्य किया है । हिन्दू समुदाय को एकत्रित लाने का महान कार्य मंदिरों ने किया है । पहले के राजा-महाराजाओं ने मंदिरों का जतन और संवर्धन किया है; परंतु वर्तमान में सरकारीकरण हुए मंदिरों में भारी मात्रा में भ्रष्टाचार हो रहा है । आनेवाले काल में मंदिर हिन्दुओं की आधारशिला बनने के लिए हमें प्रयत्न करना होगा । प्रत्येक मंदिर हिन्दुओं को धर्मशिक्षा देनेवाले केंद्र बनना चाहिए ।

तुळजापुर के पुजारियों पर झूठे आरोप करनेवालों पर कानूनी कार्रवाई करेंगे ! – अधिवक्ता शिरीष कुलकर्णी, तुळजापुर

‘श्री तुळजाभवानी देवी के मंदिर के पुजारी अमली पदार्थों का व्यापार प्रकरण में लिप्त हैं’, ऐसा आरोप कर उनकी अपकीर्ति की जा रही है । दोषी कौन है ? यह न्यायालय तय करेगा और उन्हें उचित दंड भी देगा; परंतु मंदिर समिति का कोई भी शासकीय अधिकारी ‍आरोप सिद्ध होने से पहले निरपराध पुजारियों पर कार्रवाई न करे, अन्यथा हम वैधानिक मार्ग से उस अधिकारी को सबक सिखाएंगे, ऐसा मैं इस मंदिर परिषद में घोषित करता हूं ।

श्री तुळजापुर देवस्थान घोटाले में ८ करोड ५ लाख रुपयों का घोटाला उजागर ! –  किशोर गंगणे, पुजारी मंडल भूतपूर्व अध्यक्ष, तुळजापुर

मंदिर संवर्धन का काम भक्तों का है, सरकार का नहीं । शासन अधिग्रहित श्री तुळजापुर देवस्थान के सरकारी अधिकारी और ठेकेदारों द्वारा किए गए ८ करोड ५ लाख रुपयों का घोटाला हम न्यायालयीन लडाई के माध्यम से सामने लाए; परंतु इस प्रकरण के आरोपियों पर अब तक कार्रवाई नहीं हुई ।

उपस्थित मंदिर विश्वस्त

‘रिद्धि सिद्धि महागणपति मंदिर’के अध्यक्ष श्री. अशोक कोळी, ‘पोषम्मा मंदिर’के विश्वस्त श्री. प्रकाश चन्ना, ‘मल्लिकार्जुन मंदिर’के विश्वस्त श्री. दिलीप पाटील, ‘श्री मुक्तेश्वर मंदिर’के विश्वस्त श्री. विजय दास, ‘श्री गणेश मंदिर’के विश्वस्त श्री. वेणूगोपाल म्याना, तुळजापुर के दशावतार मठ, मठाधीश महंत मावजीनाथ महाराज, सोमवारगिरी मठ, मठाधीश महंत इच्छागिरी महाराज, अरण्य गोवर्धन मठ, मठाधीश महंत व्यँकटारण्य महाराज

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