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हिंदुओं ने अवैध पांच मंजिला ढांचे में जुमे की नमाज का किया है विरोध
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कथित मस्जिद में नही होने दी नमाज

शिमला : हिमाचल प्रदेश के जिला शिमला में संजौली मस्जिद विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। हिंदू संघर्ष समिति के बैनर तले हिंदू संगठनों के नेताओं चार दिन से आमरण अनशन पर थे। प्रशासन के आश्वासन के बाद आज चौथे दिन आमरण अनशन खत्म हो गया है। अनशन पर बैठे हिंदू नेता मदन ठाकुर और विजय शर्मा ने जूस पीकर आमरण अनशन तोड़ दिया है। आज (शुक्रवार, 21 नवंबर) प्रशासन ने आंदोलनकारियों से वार्ता की, जिसके बाद प्रशासन ने उनकी मांगों पर सहमति जताते हुए उनकी मांगे मान ली हैं। हालांकि हिंदू संगठनों का कहना है आमरण अनशन खत्म हो गया है, लेकिन क्रमिक हड़ताल जारी रहेगी।
हिमाचल सरकार काटेगी शिमला की अवैध मस्जिद का बिजली-पानी l
हिंदुओं ने अवैध पाँच मंजिला ढाँचे में जुमे की नमाज का किया है विरोध, क्रमिक अनशन भी जारी pic.twitter.com/emtpbyRVpu
— City News Himachal (@city_news_in) November 21, 2025
प्रशासन ने हमारी सारी बातें स्वीकार की हैं और प्रशासन के साथ सकारात्मक बातचीत हुई है। हमारी मांगें पूरी होने तक संघर्ष जारी रहेगा, इसलिए आमरण अनशन खत्म किया गया है, लेकिन क्रमिक हड़ताल जारी रहेगी। प्रशासन के साथ मिलकर समाधान निकालने के लिए तैयार हैं।” – कमल गौतम, अध्यक्ष, हिंदू रक्षा मंच
हिंदू संघर्ष समिति की मांगें
- हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं पर हुई FIR को रद्द करने की मांग
- मस्जिद की बिजली-पानी की सप्लाई काटने, अवैध गतिविधि रोकने और बिल्डिंग को सीज करने की मांग
- कोर्ट ने अवैध ढांचे को गिराने के जो आदेश दिए गए हैं, उसे जल्द लागू करने की मांग
क्या है पूरा विवाद ?
संजौली मस्जिद विवाद अगस्त 2024 को शुरू हुआ, जब 30 अगस्त को एक स्थानीय कारोबारी के साथ मारपीट की गई। जिसके आरोप मुस्लिम समुदाय के कुछ युवकों पर लगे। आरोप था कि ये युवक मारपीट करने के बाद इसी मस्जिद में छिपे थे। जिसके बाद लोगों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया। इसके बाद ही खुलासा हुआ की मस्जिद की अवैध रूप से बनी है। 4 सितंबर 2024 को कैबिनेट मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि जिस जमीन पर मस्जिद बनी है, उसका मालिकाना हक सरकार है। हिंदू संगठनों द्वारा मस्जिद को गिराने की मांग की गई। मामला एमसी कमिश्नर कोर्ट शिमला में पहुंचा। वहीं, 11 सितंबर 2024 को हिंदू संगठनों द्वारा बड़ी संख्या में संजौली पहुंचकर प्रदर्शन किया गया, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया था। 5 अक्टूबर 2024 को एमसी कमिश्नर कोर्ट ने 5 मंजिलों में से 3 अवैध मंजिलों को गिराने का आदेश जारी किया। 30 अक्टूबर 2024 को ऑल हिमाचल मुस्लिम वेलफेयर एसोसिएशन ने जिला अदालत में अपील दाखिल की, जो खारिज कर दी गई। वहीं, 5 मई 2025 को एमसी कमिश्नर ने निचले दो फ्लोर को भी गिराने का आदेश दिया।
अब क्यों बढा विवाद ?
दरअसल बीते शुक्रवार, 14 नवंबर को संजौली स्थित अवैध मस्जिद में मुस्लिम समुदाय के कुछ लोग नमाज पढ़ने आए। इन दौरान स्थानीय लोगों और देवभूमि संघर्ष समिति के कार्यकर्ताओं ने उन्हें अवैध मस्जिद में नमाज पढ़ने से रोका। जिसके बाद खूब हंगामा हुआ और धार्मिक तनाव पैदा हो गया, पुलिस बल भी तैनात किया गया। स्थानीय महिलाओं का कहना था कि बाहर से आने वाले लोगों को घरों के आगे से नहीं जाने देंगी। जिसके बाद पुलिस द्वारा 4 महिलाओं और 2 पुरुषों समेत 6 लोगों पर एफआईआर दर्ज की। जिसके बाद से ही हिंदू संगठनों का गुस्सा पुलिस और प्रशासन पर फूटा और वे अपनी मांगों को लेकर आमरण अनशन पर बैठ गए।
२१ सितंबर २०२४
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर में हिंदुओं का जोरदार प्रदर्शन, उठाई वक्फ बोर्ड को खत्म करने की मांग

नई दिल्ली : हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के शिलाई में हिंदू समाज ने शनिवार को जोरदार प्रदर्शन किया। हिंदू संघर्ष समिति ने इस प्रदर्शन के लिए आह्वान किया था। यह प्रदर्शन अवैध मस्जिद और घुसपैठ समेत कई मुद्दों को लेकर हुआ और प्रदर्शनकारी सरकार से वक्फ बोर्ड खत्म करने की मांग कर रहे हैं। हिंदू संगठनों का कहना है कि अवैध घुसपैठ पर रोक लगाई जाए और इसके लिए बाहर से आए विशेष समुदाय के लोगों का वेरिफिकेशन किया जाए। साथ ही अवैध मस्जिदों पर भी पुलिस-प्रशासन से एक्शन लेने की मांग की गई है।
वक्फ बोर्ड को खत्म करने की मांग ने पकड़ा जोर
हिंदू संगठनों का कहना है कि पूरे हिमाचल प्रदेश में मस्जिदों की पैमाइश और वेरिफिकेशन कराई जाए और जांच के बाद अवैध निर्माण को ध्वस्त किया जाए। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश में वक्फ बोर्ड को खत्म करने की मांग भी जोर पकड़ रही है। इन सब मांगों को लेकर ही शुक्रवार को सिरमौर जिले में हिंदू संगठनों का प्रदर्शन हुआ। हिमाचल प्रदेश में हिंदू संगठनों ने सूबे में रह रहे अवैध घुसपैठियों का सामाजिक बहिष्कार करने का फैसला किया है। हिंदू संगठनों का कहना है कि बिना वेरिफिकेशन के बाहर से आए लोगों को दुकानें नहीं दी जाएगी और न ही उनसे कोई सामान खरीदा जाएगा।

संजौली से शुरू हुआ विवाद, हिमाचल में फैला
बता दें कि यह सारा किस्सा हिमाचल प्रदेश के शिमला में स्थित संजौली मस्जिद से शुरू हुआ था, जो कि अब शहर-शहर की कहानी बन चुका है। 31 अगस्त को शिमला के मैहली में 2 गुट भिड़े थे जिसके बाद मारपीट के 6 आरोपी संजौली मस्जिद से गिरफ्तार किए गए थे। 11 सितंबर को हिंदू संगठनों का उग्र प्रदर्शन हुआ और भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया। लाठीचार्ज के विरोध में पूरे हिमाचल में प्रदर्शन शुरू किया गया। 13 सितंबर को मंडी में भी मस्जिद तोड़ने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया गया। इसके बाद बिलासपुर, कसुम्टी में भी अवैध मस्जिद का विरोध हुआ। 19 सितंबर को शिमला के नेरवा में हिंदुओं का प्रदर्शन किया गया।
सिरमौर जिले में सबसे ज्यादा 130 मस्जिदें
हिमाचल में अवैध मस्जिदों को लेकर हिंदू पक्ष लगातार हमला बोल रहा है। हिंदू संगठन सड़क पर उतरकर अवैध मस्जिदों को ध्वस्त करने की मांग कर रहे हैं। बता दें कि साल 2021 में हिमाचल प्रदेश में 393 मस्जिदें थीं, लेकिन अब ये आंकड़ा मिलकर 520 हो गया है। इनमें से सिरमौर जिले में सबसे ज्यादा130 मस्जिदें हैं जहां शुक्रवार को हिंदू सगंठनों का उग्र प्रदर्शन हुआ। हिंदू संगठनों का दावा है कि इनमें से ज्यादातर मस्जिदें अवैध हैं। यही वजह है कि हिमाचल प्रदेश की राजधानी से शुरू हुआ विरोध अब सूबे के शहर-शहर में पहुंच चुका है और ‘बाहरियों’ के बहिष्कार की मांग जोर पकड़ रही है।
डेमोग्राफी चेंज भी विरोध की बड़ी वजह
हिमाचल में हिंदुओं के सड़कों पर उतरने की एक बड़ी वजह सूबे की तेजी से बदलती डेमोग्राफी को भी माना जा रहा है। एक आंकड़े पर अगर नजर डालें तो 1971 की जनगणना में हिमाचल की कुल आबादी 34 लाख 60 हजार 434 थी जोकि 2011 में बढ़कर 68 लाख 64 हजार 602 हो गई। 40 साल में आबादी की ग्रोथ रेट 98।37 फीसदी रही। हिमाचल में 1971 में हिंदू आबादी 33 लाख 24 हजार 627 थी जो कि 2011 में 65 लाख 32 हजार 765 हो गई। इस दौरान हिंदू आबादी की ग्रोथ रेट 96।50 फीसदी रही। इसी तरह 1971 में हिमाचल में मुस्लिमों की आबादी 50 हजार 327 थी जो 2011 में 1 लाख 49 हजार 881 हो गई, और इन 4 दशकों में मुस्लिम आबादी का ग्रोथ रेट रिकॉर्ड 197।81 फीसदी रहा।
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— India TV (@indiatvnews) September 21, 2024
हिमाचल के जिलों में कैसे बदली डेमोग्राफी
हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में डेमोग्राफी काफी तेजी से बदली है। इन जिलो में हिंदू आबादी के मुकबाले मुस्लिम आबादी काफी तेजी से बढ़ी है। देखिए इन जिलों में डेमोग्राफी चेंज के आंकड़े:
मंडी में 1971 से 2011 के बीच हिंदू आबादी का ग्रोथ रेट 94% जबकि मुस्लिम आबादी में वृद्धि दर 202।04% रही
चंबा में 1971 से 2011 के बीच हिंदू आबादी का ग्रोथ रेट 102% जबकि मुस्लिम आबादी में वृद्धि दर 128।44% रही
सिरमौर में 1971 से 2011 के बीच हिंदू आबादी का ग्रोथ रेट 110% जबकि मुस्लिम आबादी में वृद्धि दर 203।67% रही
कांगड़ा में 1971 से 2011 के बीच हिंदू आबादी का ग्रोथ रेट 13% जबकि मुस्लिम आबादी में वृद्धि दर 67।96% रही
स्रोत : इंडिया टीवी








