हिन्दू जनजागृति समिति के संगठित विरोध का परिणाम
५ अक्टूबर २०२० से जी टीवी पर ‘राम प्यारे सिर्फ हमारे’ नाम का एक धारावाहिक प्रसारित होने जा रहा था । यह धारावाहिक दुलारी नाम की युवती और उसके जीवन के सबसे ‘खास उपहार’ यानी उसके आकर्षक पति जिसका नाम राम है उनकी कहानी है। भोपाल की पृष्ठभूमि पर आधारित इस कहानी में ये युवती जानती है कि उसके ‘आदर्श पति’ हर महिला को भा जाते हैं। इसलिए वो अपने पति को उन औरतों के चंगुल से बचाए रखने के लिए दुनिया भर के टोटकों से भरी एक किताब से पारंपरिक नुस्खे आजमाती है।
२ सितंबर को प्रदर्शित हुए ट्रेलर में उपरोक्त कहानी को दर्शाने के लिए राम नाम के किरदार को प्रभु श्रीराम के रूप में दिखाकर उनका घोर अपमान किया गया था ।
ट्रेलर के अनुसार, पति का नाम राम है, जिसे प्रभु श्रीराम के रूप में स्कूटर पर पत्नी के साथ बैठे दिखाया गया है । रास्ते से गुजरते हुए अन्य युवतीयाें को उसकी ओर आकर्षित होते दिखाया है । इसपर पत्नी कहती है, मेरे पती राम में लेडीज को पुरुष उत्तम (प्रभु श्रीराम को पुरुषोत्तम का जाता है) दिखते है और मुझे उनमें शूर्पणखा । इसपर अन्य युवतीयां कहती है, ‘अब नाक कटें, या सर, दिल में ओन्ली राम’ !
आगे एक जगह रामायण के वाक्य का संदर्भ लेकर वाे कहती है, ‘अपने राम को बचाने के लिए पार कर जाएंगे हर एक लक्ष्मण रेखा’ !

इस तरह प्रभु श्रीराम का मानवीकरण करने का नींदनीय प्रयास किया गया था। इस कारण करोडों हिन्दुओंकी धर्मभावनाएं आहत हुई थी।
हिन्दू जनजागृति समिति ने धर्मप्रेमियों को विरोध करने का आवाहन किया था, जिसके कुछ दिन बाद यह ट्रेलर अब हटा दिया गया है।








