
मुंबई : देश में स्थित बैंकों में इस्लामी बैंकिंग का आरंभ करने की केंद्र शासन की कोई योजना नहीं है। हिन्दू जनजागृतिद्वारा भेजे गए पत्र का रिजर्व बैंक ने ऐसा उत्तर दिया है। समितिद्वारा केंद्रीय वित्तमंत्री को पत्र लिखकर इस्लामी बैंकिंग का धर्मांध प्रस्ताव रखनेवाले रिजर्व बैंक के अधिकारियों के विरोध में कार्रवाई करने की मांग की गई थी। इस संदर्भ में रिजर्व बैंक के पास उपलब्ध जानकारी हम यहां दे रहे हैं। बैंक के महाप्रबंधक एस.एम. परिडाद्वारा भेजे गए उत्तर में ऐसा कहा गया है।
अपने उत्तर में रिजर्व बैंक ने कहा है कि, ….
१. भारतीय रिजर्व बैंकद्वारा भारत में इस्लामी बैंकिंग अथवा शरिया बैंकिंग का आरंभ करने की अनुमति नहीं दी है !
२. भारतीय रिजर्व बैंक ने भारत सरकार एवं वित्तमंत्रालयद्वारा दिए गए निर्देश के अनुसार इस्लामी बैंकिंग के प्रकरण से संबंधित सभी विधिवत, तांत्रिक एवं विनिमयात्मक सूत्रों की पडताल कर भारत में इस्लामी बैंकिंग का आरंभ करने के संदर्भ में सरकार को ब्यौरा दिया था। सरकारद्वारा इस ब्यौरे का अध्ययन कर ‘वर्तमान स्थिति में एक नए उपक्रमद्वारा इस्लामी बैंकिंग का आरंभ करने की आवश्यकता नहीं है’, ऐसा निर्णय लिया है; क्योंकि बैंकिंग एवं वित्तिय क्षेत्र में प्रवेश करने हेतु सभी नागरिकों को लिए व्यापक एवं समान अवसर उपलब्ध हैं !
स्त्रोत : दैनिक सनातन प्रभात








