
गोवा – श्री संप्रदाय के पुराने गोवा (बायंगीणी) उपपीठ में 14 जुलाई को आयोजित एक कार्यक्रम में 115 धर्मांतरित लोगों ने विधिवत एवं सम्मानपूर्वक पुनः हिंदू धर्म में प्रवेश किया। यह समारोह जगद्गुरु श्रीमद् रामानंदाचार्य नरेंद्राचार्यजी महाराज की पावन उपस्थिति में वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक वातावरण में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम से पूर्व सनातन संस्था के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री चेतन राजहंस, जगद्गुरु श्रीमद् रामानंदाचार्य नरेंद्राचार्यजी, भाजपा के गोवा प्रदेशाध्यक्ष दामोदर (दामू) नाईक, विधायक प्रेमेंद्र शेट, पुरोहितों तथा अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में धार्मिक विधि संपन्न की गई।
बताया गया कि ये सभी लोग विभिन्न धर्मप्रचारकों के प्रलोभनों एवं भ्रामक प्रचार के कारण अपने मूल सनातन हिंदू धर्म से दूर चले गए थे। जगद्गुरु श्री रामानंदाचार्य नरेंद्राचार्यजी के प्रेरणादायी विचारों से प्रभावित होकर उन्होंने अपनी स्वेच्छा से पुनः हिंदू धर्म में प्रवेश किया।

इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए जगद्गुरु श्री रामानंदाचार्य नरेंद्राचार्यजी ने कहा, “भ्रामक मार्गदर्शन और विभिन्न प्रलोभनों के माध्यम से इन सभी को उनके मूल धर्म से दूर ले जाया गया था। आज इन्हें सम्मानपूर्वक पुनः उनके मूल सनातन धर्म में स्थान दिया गया है। उनकी पारंपरिक उपासना पद्धति की पुनर्स्थापना की गई है। इस कार्यक्रम में शामिल प्रत्येक व्यक्ति अपनी इच्छा और प्रसन्नता से हिंदू धर्म में लौटा है।”
मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत ने दी शुभकामनाएं
इस कार्यक्रम के लिए गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत ने अपनी शुभकामनाएं प्रेषित कीं। समारोह में भाजपा के गोवा प्रदेशाध्यक्ष दामोदर (दामू) नाईक, विधायक प्रेमेंद्र शेट, हिंदू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री रमेश शिंदे, समिति के महाराष्ट्र एवं छत्तीसगढ़ राज्य संगठक श्री सुनील घनवट तथा सनातन संस्था के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री चेतन राजहंस सहित विभिन्न क्षेत्रों के अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
उपस्थित अतिथियों ने कहा कि जगद्गुरु श्री रामानंदाचार्य नरेंद्राचार्यजी ने इस कार्य के माध्यम से समाज के सामने एक प्रेरणादायी आदर्श प्रस्तुत किया है।
अब तक 1,56,129 लोगों का हुआ पुनर्प्रवेश
इससे पहले 14 फरवरी को इसी उपपीठ में 300 लोगों ने हिंदू धर्म में पुनर्प्रवेश किया था। 14 जुलाई के इस कार्यक्रम के बाद जगद्गुरु श्री रामानंदाचार्य नरेंद्राचार्यजी के मार्गदर्शन में देशभर में चल रहे इस अभियान के माध्यम से अब तक 1 लाख 56 हजार 129 लोगों का हिंदू धर्म में पुनर्प्रवेश कराया जा चुका है।
“छत्रपति शिवाजी महाराज का आदर्श अपनाएं”
पत्रकार परिषद को संबोधित करते हुए जगद्गुरु श्री रामानंदाचार्य नरेंद्राचार्यजी ने कहा, “यह धर्मांतरण का कार्यक्रम नहीं है, क्योंकि ये सभी मूल रूप से हिंदू थे। इनके नाम, जाति या पहचान में कोई परिवर्तन नहीं होगा। धर्मांतरण तो ईसाई मिशनरियों द्वारा किया जाता है, जो आदिवासी क्षेत्रों में जाकर लोगों का धर्म परिवर्तन करते हैं। उनकी जाति नहीं बदलती और वे सरकारी योजनाओं का लाभ भी लेते रहते हैं। हमने किसी को कोई प्रलोभन नहीं दिया है। भगवान श्री रामानंदाचार्य ने 13वीं-14वीं शताब्दी में यही कार्य किया था। हमारे आदर्श छत्रपति शिवाजी महाराज ने भी इसी परंपरा का पालन करते हुए धर्मांतरित नेताजी पालकर को पुनः हिंदू धर्म में वापस लाया था। इसलिए सभी को छत्रपति शिवाजी महाराज के आदर्श का अनुसरण करना चाहिए।”








