
सोलापुर: आषाढी यात्रा की पृष्ठभूमि में 22 से 29 जुलाई की अवधि के दौरान पंढरपुर शहर को मद्य एवं मांस-मुक्त घोषित करने की मांग ‘महाराष्ट्र मंदिर महासंघ’ ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर की है। तहसीलदार श्रीमती सरस्वती पाटील ने यह ज्ञापन स्वीकार किया।
ज्ञापन में कहा गया है कि आषाढ़ी यात्रा के दौरान लाखों वारकरी एवं श्रद्धालु पंढरपुर आते हैं। इसलिए यात्रा की पवित्रता, सात्त्विक वातावरण तथा धार्मिक परंपराओं को बनाए रखने के लिए इस अवधि में शहर में मद्य और मांस की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने संबंधी प्रशासनिक आदेश जारी किए जाएं।

इस अवसर पर महाराष्ट्र मंदिर महासंघ के जिला संयोजक विनोद रसाळ, धनंजय बोकडे एवं रोहन कलशेट्टी उपस्थित थे। इस ज्ञापन पर 15 मंदिरों के ट्रस्टी, पुजारी एवं पुरोहितों ने हस्ताक्षर किए।
हस्ताक्षर करने वालों में महासिद्ध देवस्थान के पुजारी संतोष पुजारी, वैष्णव मारुति देवस्थान के नारायण दुभाषी, श्री हनुमान मंदिर (जोड़ बसवण्णा चौक) के श्रीनिवास गुर्रम, पोषमा देवस्थान के प्रकाश चन्ना, व्यंकटेश देवस्थान (पाटकुल) के आबासाहेब शिंदे, तथा पुरोहित संगठन के व्यंकटेश जिल्ला, बालराज दोन्तुल और विनायक कोरे शामिल हैं।








