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आषाढ़ी यात्रा के दौरान पंढरपुर में मांस एवं मटन की बिक्री पर प्रतिबंध

महाराष्ट्र मंदिर महासंघ ने ज्ञापन देकर की थी प्रतिबंध लगाने की मांग

पंढरपुर – आषाढ़ी यात्रा के उपलक्ष्य में उपविभागीय दंडाधिकारी सचिन इथापे ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163(2) के अंतर्गत पंढरपुर शहर में 15 से 29 जुलाई तक मांस, मटन, मछली की बिक्री, पशु वध तथा मांसाहारी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है।

आषाढ़ी एकादशी के अवसर पर श्री विठ्ठल-रुक्मिणी के दर्शन के लिए लाखों वारकरी एवं श्रद्धालु पंढरपुर आते हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा धार्मिक वातावरण की पवित्रता बनाए रखने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है।

उल्लेखनीय है कि आषाढ़ी यात्रा के दौरान पंढरपुर शहर को मद्य एवं मांस-मुक्त घोषित किया जाए, इस मांग को लेकर महाराष्ट्र मंदिर महासंघ ने पूर्व में जिलाधिकारी को ज्ञापन भी सौंपा था।

इसके अतिरिक्त, मानाच्या पालखियों (विशिष्ट संत पालखियों) के ठहराव को देखते हुए करकंब, पांढरेवाडी, व्होळे, देवडे और खेडभोसे गांवों में भी 20 से 25 जुलाई तक उपरोक्त प्रतिबंध लागू रहेगा।

विभिन्न सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों तथा श्रद्धालुओं द्वारा भी इस प्रकार के प्रतिबंध की मांग की गई थी।


8 जुलाई

आषाढ़ी यात्रा के दौरान पंढरपुर शहर को मद्य एवं मांस-मुक्त घोषित करने की ‘महाराष्ट्र मंदिर महासंघ’ की मांग

तहसीलदार श्रीमती सरस्वती पाटील को ज्ञापन सौंपते हुए हिंदुत्वनिष्ठ कार्यकर्ता

सोलापुर: आषाढी यात्रा की पृष्ठभूमि में 22 से 29 जुलाई की अवधि के दौरान पंढरपुर शहर को मद्य एवं मांस-मुक्त घोषित करने की मांग ‘महाराष्ट्र मंदिर महासंघ’ ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर की है। तहसीलदार श्रीमती सरस्वती पाटील ने यह ज्ञापन स्वीकार किया।

ज्ञापन में कहा गया है कि आषाढ़ी यात्रा के दौरान लाखों वारकरी एवं श्रद्धालु पंढरपुर आते हैं। इसलिए यात्रा की पवित्रता, सात्त्विक वातावरण तथा धार्मिक परंपराओं को बनाए रखने के लिए इस अवधि में शहर में मद्य और मांस की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने संबंधी प्रशासनिक आदेश जारी किए जाएं।

इस अवसर पर महाराष्ट्र मंदिर महासंघ के जिला संयोजक विनोद रसाळ, धनंजय बोकडे एवं रोहन कलशेट्टी उपस्थित थे। इस ज्ञापन पर 15 मंदिरों के ट्रस्टी, पुजारी एवं पुरोहितों ने हस्ताक्षर किए।

हस्ताक्षर करने वालों में महासिद्ध देवस्थान के पुजारी संतोष पुजारी, वैष्णव मारुति देवस्थान के नारायण दुभाषी, श्री हनुमान मंदिर (जोड़ बसवण्णा चौक) के श्रीनिवास गुर्रम, पोषमा देवस्थान के प्रकाश चन्ना, व्यंकटेश देवस्थान (पाटकुल) के आबासाहेब शिंदे, तथा पुरोहित संगठन के व्यंकटेश जिल्ला, बालराज दोन्तुल और विनायक कोरे शामिल हैं।

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